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मालगाड़ी दुर्घटना की जांच एसआरडीएमई को सौंपी
Tue, 18 Jun 2019 11:19 PM IST
NAVEEN GUPTA
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Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Tue, 18 Jun 2019 11:19 PM IST
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- फोटो : amarujala
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शामली में रेलवे यार्ड में एक सप्ताह पहले मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतरने के मामले की जांच शुरू हो गई है। रेलवे मुख्यालय दिल्ली के सीनियर मेकेनिकल डिविजनल इंजीनियर ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के समय ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया जा रहा है।
मालगाड़ी के दो डिब्बे 11 जून की रात करीब पौने नौ बजे शंटिंग कर पांच नंबर से छह नंबर ट्रैक पर ले जाते समय ब्रेक वाहन पटरी से उतर गए थे। हादसे के दौरान ट्रैक टूटने से मालगाड़ी पलटने से बच गई थी। इस प्रकरण में रेलवे के पांच विभागों ने संयुक्त जांच रिपोर्ट तैयार कर दिल्ली मुख्यालय भेजी थी। जांच रिपोर्ट में रेलवे के सभी विभागों ने अपने अपने तर्क देकर पल्ला झाड़ते हुए एक दूसरे विभाग को हादसे का जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की थी। रेलवे के सूत्रों के मुताबिक जांच रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि छह नंबर ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन कम होने की वजह से उचित देेखरेख न होना बताते हुए इंजीनियरिंग विभाग को हादसे का जिम्मेेदार ठहराने की कोशिश की गई। हालांकि इंजीनियरिंग विभाग ने रिपोर्ट पर आपत्ति करते हुए कहा कि उसी ट्रैक से एक घंटा पहले भी मालगाड़ी गुजरी थी। मालगाड़ी के शंटिंग करने की सूचना उन्हें नहीं मिली। सूत्रों का कहना है कि नियमानुसार माल से लदी गाड़ी को इमरजेंसी में शंटिंग किया जाता है। और इसकी सूचना रेलवे के इंजीनियरिंग समेत दो- तीन विभागों को देनी होती है। लेकिन इस मामले में रेलवे के एक ही अधिकारी के कहने पर मालगाड़ी को शंटिंग किया जा रहा था। रेलवे सूत्रों के मुताबिक इस प्रकरण की जांच रेलवे मुख्यालय दिल्ली के सीनियर मेकेनिकल डिविजनल इंजीनियर को सौंपी गई है। जांच के प्रथम चरण में मालगाड़ी के पटरी से उतरने के समय ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया जा रहा है। कई अधिकारी व कर्मचारी अभी तक दिल्ली बयान दर्ज कराने के लिए जा चुके है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही मालगाड़ी से पटरी से उतरने का कारण स्पष्ट हो सकेगा। इस संबंध में रेलवे के यातायात निरीक्षक सुनील धीमान का कहना है कि मालगाड़ी के डिब्बे पटरी उतरने के मामले की जांच दिल्ली मुख्यालय के उच्च अधिकारियों द्वारा की जा रही है। जांच के बाद ही इस हादसे के कारण पता चल सकेगा।
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मालगाड़ी के दो डिब्बे 11 जून की रात करीब पौने नौ बजे शंटिंग कर पांच नंबर से छह नंबर ट्रैक पर ले जाते समय ब्रेक वाहन पटरी से उतर गए थे। हादसे के दौरान ट्रैक टूटने से मालगाड़ी पलटने से बच गई थी। इस प्रकरण में रेलवे के पांच विभागों ने संयुक्त जांच रिपोर्ट तैयार कर दिल्ली मुख्यालय भेजी थी। जांच रिपोर्ट में रेलवे के सभी विभागों ने अपने अपने तर्क देकर पल्ला झाड़ते हुए एक दूसरे विभाग को हादसे का जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की थी। रेलवे के सूत्रों के मुताबिक जांच रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि छह नंबर ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन कम होने की वजह से उचित देेखरेख न होना बताते हुए इंजीनियरिंग विभाग को हादसे का जिम्मेेदार ठहराने की कोशिश की गई। हालांकि इंजीनियरिंग विभाग ने रिपोर्ट पर आपत्ति करते हुए कहा कि उसी ट्रैक से एक घंटा पहले भी मालगाड़ी गुजरी थी। मालगाड़ी के शंटिंग करने की सूचना उन्हें नहीं मिली। सूत्रों का कहना है कि नियमानुसार माल से लदी गाड़ी को इमरजेंसी में शंटिंग किया जाता है। और इसकी सूचना रेलवे के इंजीनियरिंग समेत दो- तीन विभागों को देनी होती है। लेकिन इस मामले में रेलवे के एक ही अधिकारी के कहने पर मालगाड़ी को शंटिंग किया जा रहा था। रेलवे सूत्रों के मुताबिक इस प्रकरण की जांच रेलवे मुख्यालय दिल्ली के सीनियर मेकेनिकल डिविजनल इंजीनियर को सौंपी गई है। जांच के प्रथम चरण में मालगाड़ी के पटरी से उतरने के समय ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया जा रहा है। कई अधिकारी व कर्मचारी अभी तक दिल्ली बयान दर्ज कराने के लिए जा चुके है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही मालगाड़ी से पटरी से उतरने का कारण स्पष्ट हो सकेगा। इस संबंध में रेलवे के यातायात निरीक्षक सुनील धीमान का कहना है कि मालगाड़ी के डिब्बे पटरी उतरने के मामले की जांच दिल्ली मुख्यालय के उच्च अधिकारियों द्वारा की जा रही है। जांच के बाद ही इस हादसे के कारण पता चल सकेगा।
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