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Shamli News: महावीर भगवान अहिंसा के अवतार, सही राह पर चलने का दिया संदेश
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शामली। श्वेतांबर जैन स्थानक मिल रोड पर शनिवार को पर्यूषण पर्व के पांचवें दिन धर्मसभा का आयोजन हुआ। संघ संचालक नरेश मुनि ने प्रवचन में भगवान महावीर के अहिंसा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
नरेश मुनि ने कहा कि भगवान महावीर अहिंसा के अवतार थे और उनका धर्म बहुत बड़ा है। उन्होंने बताया कि पर्यूषण पर्व के दौरान त्याग, तपस्या और धर्म आराधना चल रही है। गुरु की कृपा से साधक धर्म की आराधना कर रहे हैं। भगवान महावीर ने पांच महाव्रत बताए हैं, जो जीवन को सही दिशा देते हैं। उन्होंने जोर दिया कि भगवान केवल रास्ता दिखाते हैं, उस पर चलना व्यक्ति को स्वयं पड़ता है। सही सोच से सही परिणाम मिलते हैं।
नरेश मुनि ने गुरु की आज्ञा और बताए मार्ग पर चलने से जीवन के कल्याण की बात कही। उन्होंने भगवान महावीर की शिक्षा को जीवन में उतारने को सच्ची आराधना बताया। मुनि ने कहा कि महावीर भगवान की प्रतिमा श्रद्धा का माध्यम है, इसे स्वार्थ का साधन नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने महात्मा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि अहिंसा और सदाचार से ही समाज में सुख-शांति स्थापित हो सकती है।
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नरेश मुनि ने कहा कि भगवान महावीर अहिंसा के अवतार थे और उनका धर्म बहुत बड़ा है। उन्होंने बताया कि पर्यूषण पर्व के दौरान त्याग, तपस्या और धर्म आराधना चल रही है। गुरु की कृपा से साधक धर्म की आराधना कर रहे हैं। भगवान महावीर ने पांच महाव्रत बताए हैं, जो जीवन को सही दिशा देते हैं। उन्होंने जोर दिया कि भगवान केवल रास्ता दिखाते हैं, उस पर चलना व्यक्ति को स्वयं पड़ता है। सही सोच से सही परिणाम मिलते हैं।
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नरेश मुनि ने गुरु की आज्ञा और बताए मार्ग पर चलने से जीवन के कल्याण की बात कही। उन्होंने भगवान महावीर की शिक्षा को जीवन में उतारने को सच्ची आराधना बताया। मुनि ने कहा कि महावीर भगवान की प्रतिमा श्रद्धा का माध्यम है, इसे स्वार्थ का साधन नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने महात्मा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि अहिंसा और सदाचार से ही समाज में सुख-शांति स्थापित हो सकती है।
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