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Election 2024: क्या भाजपा के पाले में जाएगी ये चर्चित सीट? चर्चा हुई तेज, रालोद विधायकों की खुल सकती है किस्मत

Tue, 13 Feb 2024 12:38 AM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Published by: कपिल kapil Updated Tue, 13 Feb 2024 12:38 AM IST
सार

Shamli Kairana Lok Sabha Seat : रालोद के एनडीए में शामिल होने से पश्चिमी यूपी की यह चर्चित लोकसभा सीट भाजपा के पाले में जा सकती है। उधर, रालोद के विधायकों को लेकर ये बड़ी चर्चा चल रही है।

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Lok Sabha Election 2024: Kairana Lok Sabha seat may go to side of BJP and RLD MLAs may get ministry
भाजपा और रालोद का लोगो। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

रालोद के एनडीए में शामिल होने के बाद शामली जिले की कैराना लोकसभा सीट भाजपा के पाले में जाने की संभावना है। यही नहीं यूपी में योगी आदित्यनाथ के मंत्री मंडल में जिले के रालोद विधायकों को भी शामिल किया जा सकता है। गठबंधन की घोषणा के साथ ही जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। विभिन्न दलों के नेता भी कैराना लोकसभा सीट को लेकर गणित निकालने में जुटे रहे। 

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वहीं, गठबंधन के बाद कई संभावित दावेदारों के अरमानों पर पानी फिरता दिख रहा है, क्योंकि ये पिछले काफी समय से चुनाव की तैयारियों में जुटे हुए थे।

वर्तमान में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कैराना, बागपत, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद समेत कई सीटों पर भाजपा काबिज है। विधानसभा 2022 के चुनाव में सपा-रालोद गठबंधन के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश की शामली जिले की कैराना, शामली, थानाभवन सीट पर भाजपा जीत दर्ज नहीं कर सकी थी। तीनों सीटों पर गठबंधन प्रत्याशियों ने ही जीत दर्ज की थी। इसके बाद से भाजपा हाईकमान भी परेशान था। पिछले कई दिन से रालोद और भाजपा के गठबंधन की बात कही जा रही थी। आखिर सोमवार को रालोद एनडीए में शामिल हो गई।

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गठबंधन के बाद रालोद को बागपत के अलावा बिजनौर लोकसभा सीट मिलने की बात कही जा रही है। इसके अलावा एक राज्य सभा सीट के अलावा दो विधायकों को मंत्रालय दिए जाने की भी चर्चा है। माना जा रहा है कि गठबंधन के बाद कैराना लोकसभा सीट भाजपा के खाते में जा सकती है। यदि कैराना लोकसभा सीट भाजपा के खाते में जाती है तो चुनाव की तैयारी कर रहे कई रालेाद नेताओं के अरमानों पर पानी फिरेगा। हालांकि, रालोद को भी कैराना सीट मिलने से इनकार नहीं किया जा सकता।

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हालांकि, देर रात तक गठबंधन को लेकर स्थानीय रालोद और भाजपा के पदाधिकारी इनकार करते रहे। रालोद जिलाध्यक्ष वाजिद अली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय अध्यक्ष योगेंद्र चेयरमैन ने गठबंधन की बात से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उन्हें अभी इसकी जानकारी नहीं है। वहीं, सपा के कैराना लोकसभा प्रभारी सुधीर पंवार ने कहा कि रालोद के एनडीए में शामिल होने से संप्रदायिक सद्भाव व किसानों, मजदूरों के लिए संघर्ष करने वाले लाखों लोगों को निराशा हुई है। पिछले कई वर्षों से सपा-रालोद के कार्यकर्ता भाजपा की किसान-मजदूर विरोधी व सांप्रदायिक ध्रुवीकरण नीतियों के खिलाफ कंधे से कंधे मिलाकर चल रहे थे। सपा किसान मजदूरों के हितों और हिंदू-मुस्लिम भाईचारे को मजबूत करने के लिए ताकत के साथ संघर्ष करेगी।

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कांग्रेस और सपा के गठबंधन की चर्चा जोरों पर
राजनीतिक पंडितों का कहना है कि रालोद के एनडीए में शामिल होने से जल्द ही कांग्रेस और सपा में भी गठबंधन हो सकता है। इसी सप्ताह के अंदर गठबंधन की बात कही जा रही है। हालांकि, दोनों ही पार्टियों का कोई भी पदाधिकारी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। कांग्रेस और सपा का गठबंधन होता है तो दोनों पार्टियों का एक प्रत्याशी ही कैराना लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ेगा। इस स्थिति में दोनों पार्टियों के संभावित कुछ दावेदारों के हाथ भी निराशा ही लगेगी।

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