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स्थानीय पुलिस भी अब दे रही दबिश
ब्यूराो /अमर उजाला, शामली
Updated Sat, 04 Mar 2017 12:05 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कांधला। खादर क्षेत्र में रेत खनन का खेल वर्षों से चला आ रहा है। कई बार खनन क्षेत्र में खूनी संघर्ष हो चुका है। जिसमें कई लोगों की मौत भी हुई है। कार्रवाई के नाम पर प्रशासन महज खानापूर्ति करता है। अब खनन पर सख्ती करते हुए सीबीआई ने एक बार फिर से क्षेत्र में डेरा डाल लिया है। जिसे लेकर खनन माफिया में खलबली मची हुई है। उधर पुलिस ने भी खनन माफिया की तलाश में दबिश शुरू कर दी है।
थाना क्षेत्र के गांव इस्सोपुरटील ओर डूंडूखेड़ा खादर में यमुना नदी के किनारे माफिया खनन करते हैं। ग्रामीणों व क्षेत्र के लोगों की लगातार शिकायत के बाद भी खनन माफिया बडे़ पैमाने पर पुलिस प्रशासन की मिली भगत के चलते खनन करते आ रहे हैं। 2013 में खनन को लेकर गांव इस्सोपुर व नाला गांव के लोगों में फायरिंग हुई थी। जिसमें गांव नाला के एक व्यक्ति की मौत हुई थी। वर्ष 2014 में खनन को लेकर विवाद होने पर हरियाणा निवासी एक युवक को खनन माफिया ने झोपड़ी में जिंदा जला दिया था। वर्ष 2015 में एक बार फिर खनन को लेकर दो गांव के लोगों में गोलीबारी होने पर प्रशासन ने सख्ती की थी। खनन माफिया ने जेसीबी मशीनों व पोपलेन से अवैध खनन कर हजारों घन मीटर रेत का स्टॉक जमा किया था।
एसडीएम कैराना ने भारी पुलिस बल के साथ खनन क्षेत्र में छापेमारी करते हुए जेसीबी मशीन के साथ ही कई टै्क्टर ट्राली कब्जे में लेकर दो हजार घन मीटर रेत स्टॉक को सीज कर दिया गया था, लेकिन खनन माफिया के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी।
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उसके बाद से इस रेत के टिल्ले को उठाने के लिए बार-बार नीलामी होती रही, लेकिन स्टाक अपने स्थान से कम नहीं हुआ और खनन माफिया नदी के अंदर से खनन करते रहे। इस बात को लेकर दो पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और दोनों पक्षों के बीच में फायरिंग हुई । खनन पर फायरिंग होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति कर कई ट्रैक्टर ट्रालियों को सीज कर अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की।
मार्च 2016 में एक बार फिर से इस क्षेत्र में गाजियाबाद व हरियाणा के एक खनन माफिया ने खनन शुरू कर दिया। दिन रात हो रहे खनन से इस्सोपुर व डूंडूखेड़ा के किसानों को अपने खेत पर जाते समय भी भय सताने लगा। दोनों गांव के लोगों ने पुलिस से शिकायत कर खनन को बंद कराने की मांग की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
बाद में ग्रामीणों और खनन माफियाओं के बीच जमकर फायरिंग हुई थी। दबाव पड़ने पर पुलिस ने जेबीसी मशीन, पोकलेन व कई ट्रैक्टर ट्रालियों को कब्जे में लेकर 7 लोगों पर खनन अधिनियम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। थाना प्रभारी नरेश कुमार चौहान ने बताया कि खनन माफिया की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
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थाना क्षेत्र के गांव इस्सोपुरटील ओर डूंडूखेड़ा खादर में यमुना नदी के किनारे माफिया खनन करते हैं। ग्रामीणों व क्षेत्र के लोगों की लगातार शिकायत के बाद भी खनन माफिया बडे़ पैमाने पर पुलिस प्रशासन की मिली भगत के चलते खनन करते आ रहे हैं। 2013 में खनन को लेकर गांव इस्सोपुर व नाला गांव के लोगों में फायरिंग हुई थी। जिसमें गांव नाला के एक व्यक्ति की मौत हुई थी। वर्ष 2014 में खनन को लेकर विवाद होने पर हरियाणा निवासी एक युवक को खनन माफिया ने झोपड़ी में जिंदा जला दिया था। वर्ष 2015 में एक बार फिर खनन को लेकर दो गांव के लोगों में गोलीबारी होने पर प्रशासन ने सख्ती की थी। खनन माफिया ने जेसीबी मशीनों व पोपलेन से अवैध खनन कर हजारों घन मीटर रेत का स्टॉक जमा किया था।
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एसडीएम कैराना ने भारी पुलिस बल के साथ खनन क्षेत्र में छापेमारी करते हुए जेसीबी मशीन के साथ ही कई टै्क्टर ट्राली कब्जे में लेकर दो हजार घन मीटर रेत स्टॉक को सीज कर दिया गया था, लेकिन खनन माफिया के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी।
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उसके बाद से इस रेत के टिल्ले को उठाने के लिए बार-बार नीलामी होती रही, लेकिन स्टाक अपने स्थान से कम नहीं हुआ और खनन माफिया नदी के अंदर से खनन करते रहे। इस बात को लेकर दो पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और दोनों पक्षों के बीच में फायरिंग हुई । खनन पर फायरिंग होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति कर कई ट्रैक्टर ट्रालियों को सीज कर अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की।
मार्च 2016 में एक बार फिर से इस क्षेत्र में गाजियाबाद व हरियाणा के एक खनन माफिया ने खनन शुरू कर दिया। दिन रात हो रहे खनन से इस्सोपुर व डूंडूखेड़ा के किसानों को अपने खेत पर जाते समय भी भय सताने लगा। दोनों गांव के लोगों ने पुलिस से शिकायत कर खनन को बंद कराने की मांग की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
बाद में ग्रामीणों और खनन माफियाओं के बीच जमकर फायरिंग हुई थी। दबाव पड़ने पर पुलिस ने जेबीसी मशीन, पोकलेन व कई ट्रैक्टर ट्रालियों को कब्जे में लेकर 7 लोगों पर खनन अधिनियम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। थाना प्रभारी नरेश कुमार चौहान ने बताया कि खनन माफिया की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।