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Shamli News: किसानों को एकजुटता का पाठ पढ़ा गए चौ. जयंत और राकेश टिकैत

Fri, 10 Nov 2023 12:53 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Fri, 10 Nov 2023 12:53 AM IST
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Lessons of solidarity were taught to the farmers. Jayant and Rakesh Tikait
शामली में मिल रोड पर आयोजित महापंचायत में शामिल रालोद सुप्रीमो चौधरी जयंत सिंह, भाकियू के राष्ट
शामली। शामली के मिल रोड पर हुई किसानों की महापंचायत के माध्यम से रालोद सुप्रीमो चौधरी जयंत सिंह और भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने शामली के अलावा बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ के किसानों को भी एकजुटता का पाठ पढ़ाया। लोगों के मुद्दों को भी धार देने की कोशिश की गई।
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भले ही महापंचायत में अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया हो मगर माना जा रहा है कि इससे किसानों को जहां मजबूती मिली है, वहीं विपक्ष में भी बेचैनी बढ़ी है। महापंचायत के माध्यम से शामली जिले से यह संदेश दिया गया है कि वेस्ट यूपी में जो किसान बिखरा हुआ है, उसे हर हाल में एक मंच पर लाया जाएगा, ताकि सरकार के खिलाफ खड़े हो सके और आगामी 2024 के लोकसभा चुनाव में सरकार को शिकस्त दी जा सके। महापंचायत पर दूसरे दलों की भी नजर लगी रही। हालांकि, रालोद के अलावा सपा कार्यकर्ताओं ने पंचायत में भागीदारी की और किसानों की मांगों का समर्थन किया।
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चौधरी जयंत सिंह और राकेश टिकैत को एक साथ देखकर अन्य दलों में बैचेनी बढ़ी है। शामली के बाद अब बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बुलंदशहर, बिजनौर, गाजियाबाद और अन्य जिलों में किसानों को एकजुट करने की तैयारी है। लोगों के मुद्दों को धार देकर उन्हें एकजुटता का पाठ पढ़ाया जा रहा है। महापंचायत में शुरूआत से ही जयंत भाजपा सरकार पर आक्रामक दिखाई दिए। उन्होंने किसानों से ही पूछा कि आखिर सरकार ने अभी तक आरसी जारी क्यों नहीं की, यह गलत है या नहीं। 14 दिन में भुगतान की बात पर भी किसानों ने जयंत के सुर में सुर मिलाया।
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- बाबा टिकैत और चौधरी अजित सिंह होते तो किसानों को नहीं देना पड़ता धरना : जयंत

जयंत ने कहा कि आलू, प्याज, धान आदि के निर्यात पर सरकार प्रतिबंध लगा देती है। इसका सीधा नुकसान किसान को होता है। सरकारी कर्मचारी दो दिन प्रदर्शन कर लें तो उनकी बात को तुरंत मान लिया जाता है, मगर किसान भले ही तीन माह धरना दें उनकी सुनने वाला कोई नहीं। कहा कि स्वर्गीय बाबा महेंद्र सिंह टिकैत, स्वर्गीय चौधरी अजित सिंह होते तो किसानों को सड़कों पर धरना देने को मजबूर नहीं होना पड़ता। दिल्ली में भी 700 से ज्यादा किसान शहीद हुए मगर किसानों की एकजुटता के कारण बाद में जीत हुई।
राकेश टिकैत ने भी किसानों को एकजुट होकर लड़ाई लड़ने को कहा। कहा कि वह खाप चौधरियों और किसानों के साथ हैं। जब भी आवश्यकता पड़ेगी वह धरने में पहुंच जाएंगे।


लोकदल के राष्ट्रीय सचिव डाॅ. कुलदीप उज्ज्वल ने कहा कि रालोद किसानों के साथ है। जब तक किसानों को बकाया गन्ना भुगतान नहीं किया जाएगा आंदोलन जारी रहेगा। शामली के अलावा अन्य जिलों में भी अभियान चलाकर किसानों को एकजुट करने का प्रयास किया जा रहा है।
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