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Shamli News: बड़ी चूक पर हल्की कार्रवाई, जिम्मेदार अधिकारियों को सिर्फ नोटिस देकर की खानापूर्ति

Sun, 05 Jul 2026 12:40 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Sun, 05 Jul 2026 12:40 AM IST
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Leniency shown for a major lapse; authorities merely issued notices to the responsible officials as a token gesture.
शामली। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर एक जुलाई की बारिश के बाद सड़क धंसने और दो जानलेवा गड्ढे बनने के मामले ने निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करोड़ों रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना में इतनी बड़ी चूक सामने आने के बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की कार्रवाई सीमित नजर आ रही है। आरोप है कि जिम्मेदार बड़े अधिकारियों को बचा लिया गया, जबकि कार्रवाई केवल ठेकेदार कंपनी और कंसल्टेंसी एजेंसी के अधिकारियों तक सिमटकर रह गई।
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करोदा महाजन और खेड़ा मस्तान के जंगल क्षेत्र में बारिश के बाद सड़क धंसने और दो बड़े गड्ढे बनने की घटना के बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किए थे। मामला सामने आने के बाद बागपत इकाई की ओर से जांच कराई गई। जांच में गुणवत्ता संबंधी खामियां और लापरवाही सामने आने पर मेरठ की ठेकेदार कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर नागेंद्र कुमार और कंसल्टेंसी एजेंसी चैतन्य कंपनी के टीम लीडर कुलदीप राजदान को हटा दिया गया। इसके अलावा चैतन्य कंसल्टेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर अजय कुमार, सीनियर इंजीनियर क्वालिटी राजेंद्र कुमार और परियोजना निदेशक नरेंद्र सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
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अब सवाल इस बात को लेकर उठ रहे हैं कि जब इतनी बड़ी चूक हुई तो बागपत इकाई के परियोजना निदेशक नरेंद्र कुमार सिंह और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ केवल नोटिस जारी कर औपचारिकता क्यों पूरी कर दी गई। दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय के जिम्मेदार अधिकारियों को भी कार्रवाई के दायरे से बाहर रखा गया है।
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पहले भी सामने आती रही हैं परियोजनाओं में खामियां
बागपत इकाई के अधीन आने वाली दिल्ली-शामली-सहारनपुर, मेरठ-करनाल और पानीपत-खटीमा हाईवे परियोजनाओं में भी पहले कई खामियां सामने आती रही हैं। आरोप है कि कई स्थानों पर सर्विस लेन, फ्लाईओवर और गोलचक्कर जैसी जरूरी संरचनाएं डिजाइन में शामिल ही नहीं की गईं। बलवा चौराहे पर लंबे समय तक गोलचक्कर और फ्लाईओवर न बनने से हादसों का खतरा बना रहा।
बाबरी के सोहनवीर सिंह और भाकियू अराजनीतिक के जिलाध्यक्ष कालिंदर मलिक का कहना है कि इस मामले में एनएचएआई अधिकारियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर जल्द ही जिलाधिकारी से मुलाकात की जाएगी।


मामले की जांच चल रही है। जांच में यदि एनएचएआई के अधिकारी या कर्मचारियों की लापरवाही मिलती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। मुख्यालय ने पूरे मामले का ब्योरा तलब किया है।
नरेंद्र सिंह, परियोजना निदेशक, एनएचएआई बागपत
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