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धनराशि का अभाव, कलक्ट्रेट निर्माण आज भी अधूरा
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शामली। इस साल भी कलक्ट्रेट निर्माण का सपना पूरा नहीं हो पाया है। इसका कारण धनराशि के अभाव होने के कारण कलक्ट्रेट निर्माण आज तक अधूरा पड़ा है। जिस कारण शामली तहसील में अस्थाई रुप से कलक्ट्रेट कार्यालय चल रहा है।
पूर्वी यमुना नहर के किनारे गोहरनी गांव में 30 मार्च 2015 में कलक्ट्रेट कार्यालय के निर्माण की प्रथम किश्त के रुप में दस करोड़ 40 लाख 94 हजार रुपये की किश्त जारी गई। राजकीय निर्माण निगम सहारनपुर को कलक्ट्रेट कार्यालय की निर्माण एजेंसी नियुक्त करके कार्य पूूूरा करने की नवंबर 2017 और 2018 अवधि निर्धारित की गई। प्रथम किश्त खर्च होने के बाद शासन से धनराशि की मांग की गई। धनराशि के अभाव में कलक्ट्रेट निर्माण पूरा नहीं हो पाया। वर्ष 2017-18 में कलक्ट्रेट कार्यालय भवन का दूसरी बार पुनरीक्षित लागत 29 करोड़ 91 लाख 83 हजार रुपये और लागत बढ़ जाने के बाद तीसरी बार कलक्ट्रेट कार्यालय भवन का पुनरीक्षित लागत 33 करोड़ 63 लाख रुपये अनुमानित लागत का बनाकर शासन को भेजा गया है। डीएम अखिलेश कुमार सिंह ने एक साल पहले शासन को दस करोड़ रुपये की धनराशि शासन से मांगी गई थी। अधूरे कलक्ट्रेट कार्यालय भवन के निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा ने मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्य नाथ के सहारनपुर आगमन पर ज्ञापन देकर धनराशि अवमुक्त कराने की मांग की थी। पिछले दो साल से धनराशि अवमुक्त न होने से इस साल कलक्ट्रेट निर्माण का सपना अधूरा रह गया। कलक्ट्रेट कार्यालय भवन और जिला स्तरीय अधिकारियों के लिए कार्यालय भवनों की निर्माण के लिए एजेंसी राजकीय निर्माण निगम के परियोजना निदेशक वीरेंद्र सिंह का कहना है कि परियोजनाओं के लिए पिछले दो साल से लगातार बजट धनराशि मांगी जा रही है। शासन से धनराशि अवमुक्त नहीं की गई है।
265 एकड़ भूमि का शामली का नवीन मुख्यालय
पूर्वी यमुना नहर के किनारे ग्राम मुंडेट, गोहरनी, बधेव, भैंसवाल गांव की 265 एकड़ भूमि नवीन जिला मुख्यालय प्रस्तावित है। ग्राम मुंडेट में जिला अस्पताल, सीएमओ आफिस, कलक्ट्रेट बिजलीघर, गोहरनी गांव में जिला न्यायालय, विकास भवन, कलक्ट्रेट कार्यालय, बधेव के जंगल में कलक्ट्रेट अधिकारियों कर्मचारियों के आवास, जवाहर नवोदय विद्यालय, एसपी कार्यालय, जिला पंचायत कार्यालय, बीएसए, डीआईओएस कार्यालय के लिए भूमि आवंटित की गई है। नवीन मुख्यालय पर सीएमओ कार्यालय, कलक्ट्रेट बिजलीघर, विकास भवन, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, बीएसए कार्यालय कार्य कर रहे है। पिछले साढ़े चार साल में सदर तहसील भवन में कलक्ट्रेट कार्यालय अस्थाई रुप से चल रहा है।
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अधूरी परियोजनाएं
- डीआईओएस, जवाहर नवोदय विद्यालय, कलक्ट्रेट कार्यालय, जिला पंचायत कार्यालय आदि परियोजनाएं अधूरी हैं।
शामली कलक्ट्रेट अनावसीय भवन की स्वीकृति 2015
- स्वीकृति लागत 10 करोड़ 40 लाख 94 हजार रुपये की धनराशि।
प्रथम पुनरीक्षित लागत 29 करोड़ 91 लाख 83 हजार रुपये की धनराशि।
दूूसरी पुनरीक्षित लागत 33 करोड़ 63 लाख रूपये की धनराशि।
निर्माण कार्य पूरा करने की तिथि नवंबर 2017-18
निर्माण एजेंसी उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम सहारनपुर इकाई।
कोट
निर्माणाधीन कलक्ट्रेट का निर्माण कराने और अवशेष धनराशि अवमुक्त कराने के लिए लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी के सामने रखा जाएगा। तेजेंद्र निर्वाल, विधायक शामली
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पूर्वी यमुना नहर के किनारे गोहरनी गांव में 30 मार्च 2015 में कलक्ट्रेट कार्यालय के निर्माण की प्रथम किश्त के रुप में दस करोड़ 40 लाख 94 हजार रुपये की किश्त जारी गई। राजकीय निर्माण निगम सहारनपुर को कलक्ट्रेट कार्यालय की निर्माण एजेंसी नियुक्त करके कार्य पूूूरा करने की नवंबर 2017 और 2018 अवधि निर्धारित की गई। प्रथम किश्त खर्च होने के बाद शासन से धनराशि की मांग की गई। धनराशि के अभाव में कलक्ट्रेट निर्माण पूरा नहीं हो पाया। वर्ष 2017-18 में कलक्ट्रेट कार्यालय भवन का दूसरी बार पुनरीक्षित लागत 29 करोड़ 91 लाख 83 हजार रुपये और लागत बढ़ जाने के बाद तीसरी बार कलक्ट्रेट कार्यालय भवन का पुनरीक्षित लागत 33 करोड़ 63 लाख रुपये अनुमानित लागत का बनाकर शासन को भेजा गया है। डीएम अखिलेश कुमार सिंह ने एक साल पहले शासन को दस करोड़ रुपये की धनराशि शासन से मांगी गई थी। अधूरे कलक्ट्रेट कार्यालय भवन के निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा ने मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्य नाथ के सहारनपुर आगमन पर ज्ञापन देकर धनराशि अवमुक्त कराने की मांग की थी। पिछले दो साल से धनराशि अवमुक्त न होने से इस साल कलक्ट्रेट निर्माण का सपना अधूरा रह गया। कलक्ट्रेट कार्यालय भवन और जिला स्तरीय अधिकारियों के लिए कार्यालय भवनों की निर्माण के लिए एजेंसी राजकीय निर्माण निगम के परियोजना निदेशक वीरेंद्र सिंह का कहना है कि परियोजनाओं के लिए पिछले दो साल से लगातार बजट धनराशि मांगी जा रही है। शासन से धनराशि अवमुक्त नहीं की गई है।
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265 एकड़ भूमि का शामली का नवीन मुख्यालय
पूर्वी यमुना नहर के किनारे ग्राम मुंडेट, गोहरनी, बधेव, भैंसवाल गांव की 265 एकड़ भूमि नवीन जिला मुख्यालय प्रस्तावित है। ग्राम मुंडेट में जिला अस्पताल, सीएमओ आफिस, कलक्ट्रेट बिजलीघर, गोहरनी गांव में जिला न्यायालय, विकास भवन, कलक्ट्रेट कार्यालय, बधेव के जंगल में कलक्ट्रेट अधिकारियों कर्मचारियों के आवास, जवाहर नवोदय विद्यालय, एसपी कार्यालय, जिला पंचायत कार्यालय, बीएसए, डीआईओएस कार्यालय के लिए भूमि आवंटित की गई है। नवीन मुख्यालय पर सीएमओ कार्यालय, कलक्ट्रेट बिजलीघर, विकास भवन, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, बीएसए कार्यालय कार्य कर रहे है। पिछले साढ़े चार साल में सदर तहसील भवन में कलक्ट्रेट कार्यालय अस्थाई रुप से चल रहा है।
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अधूरी परियोजनाएं
- डीआईओएस, जवाहर नवोदय विद्यालय, कलक्ट्रेट कार्यालय, जिला पंचायत कार्यालय आदि परियोजनाएं अधूरी हैं।
शामली कलक्ट्रेट अनावसीय भवन की स्वीकृति 2015
- स्वीकृति लागत 10 करोड़ 40 लाख 94 हजार रुपये की धनराशि।
प्रथम पुनरीक्षित लागत 29 करोड़ 91 लाख 83 हजार रुपये की धनराशि।
दूूसरी पुनरीक्षित लागत 33 करोड़ 63 लाख रूपये की धनराशि।
निर्माण कार्य पूरा करने की तिथि नवंबर 2017-18
निर्माण एजेंसी उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम सहारनपुर इकाई।
कोट
निर्माणाधीन कलक्ट्रेट का निर्माण कराने और अवशेष धनराशि अवमुक्त कराने के लिए लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी के सामने रखा जाएगा। तेजेंद्र निर्वाल, विधायक शामली