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2.62 करोड़ में शुरू होगी काठा नाला सिंचाई परियोजना
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली
Updated Fri, 07 Sep 2018 11:34 PM IST
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झिंझाना का काठा नाला।
- फोटो : अमर उजाला
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शामली। काठा नाला के माध्यम से सिंचाई परियोजना को शासन की हरी झंडी मिल गई है। शासन ने इस परियोजना पर दो करोड़ 62 लाख 49 हजार रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। उम्मीद की जा रही है कि जल्दी ही शासन से धनराशि अवमुक्त होने पर परियोजना पर कार्य शुरू हो जाएगा। जिससे सहारनपुर के साथ ही शामली जनपद के सैकड़ों गांव के किसानों को फसलों की सिंचाई करने में लाभ मिलेगा।
काठा नाला के पुनर्जीवन के लिए काफी समय से प्रयास चल रहा है। क्योंकि बरसात के दिनों को छोड़ दें, तो यमुना नदी सूखी रहती है। ऐसी दशा में शामली की पूर्वी यमुना नहर और यमुना नदी के बीच ऐसा कोई साधन नहीं है, जिससे फसलों की सिंचाई कराई जा सके। पूर्व में काठा नाला सिंचाई परियोजना का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था, जिसमें वर्षाकाल में भूजल रिचार्ज बढ़ाने के लिए नाले में कम ऊंचाई के बांध निर्माण से लेकर नाले के किनारों पर पौधरोपण, टपक सिंचाई व्यवस्था, तीतरो कट ड्रेन के माध्यम से काठा नाला को उसके उद्गम स्थल पर 30 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराने, जलग्राही क्षेत्र में आने वाले नालों को काठा नाला में गिरने के लिए पुनस्थापना कराने सहित कई बिंदु शामिल किए गए थे। इस प्रस्ताव पर शासन ने दो करोड़ 62 लाख 49 हजार रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। धनराशि खर्च करने के लिए 11 बिंदुओं में नियम व शर्ते भी लगाई गई हैं। ताकि जिस उद्देश्य से धनराशि दी जा रही है, उसका सही उपयोग हो सके।
काठा नाला का मौजूदा हाल
यदि शामली जनपद की बात करें, तो काठा नाला काफी समय से सूखा पड़ा है। जबकि पूर्व में इस नाले में पानी आता था, तो सिंचाई में मदद मिलती थी। सूखा होने की वजह से हालात यह हो गई है कि काठा नाला के भीतर ही किसानों द्वारा गेहूं आदि की फसल भी उगाई जा रही है।
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काठा नाला की भौगोलिक स्थिति
- काठा नाला का उदगम स्थल सहारनपुर जनपद की नकुड़ तहसील के नया गांव से है।
- इसकी लंबाई 123.890 किलोमीटर है तथा 515 वर्ग किलोमीटर जलग्राही क्षेत्र है।
- इस नाले की अधिकतम जल वहन क्षमता 2649 क्यूसेक है
- नाले की तली की चौड़ाई 5.50 मीटर से 30.5 मीटर तक है
- तली का ढाल .20 मीटर प्रति किलोमीटर से .35 मीटर प्रति किलोमीटर है
- नाले में जल की गहराई 1.25 मीटर से 2.42 मीटर तक है
- यह नाला शामली जनपद में ग्राम मवी के पास यमुना नदी में गिरता है।
वर्जन
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता जलज कुमार शर्मा का कहना है कि काठा नाला सिंचाई परियोजना को शासन ने वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। अभी धनराशि अवमुक्त नहीं हुई है। धनराशि अवमुक्त होने पर परियोजना पर कार्य शुरू कराया जाएगा।
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काठा नाला के पुनर्जीवन के लिए काफी समय से प्रयास चल रहा है। क्योंकि बरसात के दिनों को छोड़ दें, तो यमुना नदी सूखी रहती है। ऐसी दशा में शामली की पूर्वी यमुना नहर और यमुना नदी के बीच ऐसा कोई साधन नहीं है, जिससे फसलों की सिंचाई कराई जा सके। पूर्व में काठा नाला सिंचाई परियोजना का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था, जिसमें वर्षाकाल में भूजल रिचार्ज बढ़ाने के लिए नाले में कम ऊंचाई के बांध निर्माण से लेकर नाले के किनारों पर पौधरोपण, टपक सिंचाई व्यवस्था, तीतरो कट ड्रेन के माध्यम से काठा नाला को उसके उद्गम स्थल पर 30 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराने, जलग्राही क्षेत्र में आने वाले नालों को काठा नाला में गिरने के लिए पुनस्थापना कराने सहित कई बिंदु शामिल किए गए थे। इस प्रस्ताव पर शासन ने दो करोड़ 62 लाख 49 हजार रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। धनराशि खर्च करने के लिए 11 बिंदुओं में नियम व शर्ते भी लगाई गई हैं। ताकि जिस उद्देश्य से धनराशि दी जा रही है, उसका सही उपयोग हो सके।
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काठा नाला का मौजूदा हाल
यदि शामली जनपद की बात करें, तो काठा नाला काफी समय से सूखा पड़ा है। जबकि पूर्व में इस नाले में पानी आता था, तो सिंचाई में मदद मिलती थी। सूखा होने की वजह से हालात यह हो गई है कि काठा नाला के भीतर ही किसानों द्वारा गेहूं आदि की फसल भी उगाई जा रही है।
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काठा नाला की भौगोलिक स्थिति
- काठा नाला का उदगम स्थल सहारनपुर जनपद की नकुड़ तहसील के नया गांव से है।
- इसकी लंबाई 123.890 किलोमीटर है तथा 515 वर्ग किलोमीटर जलग्राही क्षेत्र है।
- इस नाले की अधिकतम जल वहन क्षमता 2649 क्यूसेक है
- नाले की तली की चौड़ाई 5.50 मीटर से 30.5 मीटर तक है
- तली का ढाल .20 मीटर प्रति किलोमीटर से .35 मीटर प्रति किलोमीटर है
- नाले में जल की गहराई 1.25 मीटर से 2.42 मीटर तक है
- यह नाला शामली जनपद में ग्राम मवी के पास यमुना नदी में गिरता है।
वर्जन
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता जलज कुमार शर्मा का कहना है कि काठा नाला सिंचाई परियोजना को शासन ने वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। अभी धनराशि अवमुक्त नहीं हुई है। धनराशि अवमुक्त होने पर परियोजना पर कार्य शुरू कराया जाएगा।