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करीब 12 घंटे में रेलवे ट्रैक को खाली कराया
Wed, 12 Jun 2019 11:29 PM IST
NAVEEN GUPTA
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Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Wed, 12 Jun 2019 11:29 PM IST
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- फोटो : amarujala
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शंटिंग के दौरान मालगाड़ी के दो डिब्बे और ब्रेक वाहन के रेलवे ट्रैक से उतरने के बाद मंगलवार की रात में ही दिल्ली से दुर्घटना सहायता ट्रेन (एआरटी) की टीम ने क्रेन के साथ शामली पहुंचकर कार्य शुरू कर दिया। करीब 12 घंटे तक चले मरम्मत कार्य को पूरा करने के बाद एआरटी टीम दिल्ली लौट गई।
मंगलवार रात कांधला से चलकर मालगाड़ी शामली पहुंची थी। रात में अन्य मालगाड़ी या ट्रेन आने की संभावना को लेकर पांच नंबर ट्रैक पर खड़ी मालगाड़ी को हटाकर छह नंबर पर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान करीब पौने नौ बजे धीमानपुरा फाटक और रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे यार्ड में सबसे पीछे वाले मालगाड़ी के दो डिब्बे अचानक तेज धमाके के साथ ट्रैक को तोड़ते हुए उतर गए थे। इस दौरान पीछे वाला गार्ड का ब्रेक वाहन भी ट्रैक से उतर गया था। रात में ही रेलवे अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की थी और करीब एक घंटे बाद ट्रैक से उतरे मालगाड़ी के डिब्बों को अलग कर बाकी गाड़ी को फिर पांच नंबर ट्रैक पर खड़ा किया था। इसके बाद ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया था। अधिकारियों की सूचना पर रात में ही दुर्घटना सहायता ट्रेन (एआरटी) की टीम दिल्ली से शामली रात में करीब तीन बजे क्रेन के साथ पहुंची। टीम ने क्रेन की मदद से दोनों डिब्बों को उठाकर अलग साइड में खड़ा कर दिया। इसके बाद टीम ने करीब 185 मीटर तक टूटे ट्रैक की मरम्मत का कार्य किया। अधिकारियों ने बताया कि दोपहर 12 बजे तक मरम्मत कार्य पूरा हो गया। करीब दो बजे एआरटी की टीम दिल्ली लौट गई। रिपोर्ट तैयार करने में जुटे रहे पांच विभागों के अफसर मालगाड़ी के डिब्बों का ट्रैक से उतरने की वजह जानने के लिए रेलवे के यातायात विभाग, मेकेनिकल, इंजीनियरिंग, कैरी वैगन और आरपीएफ के अधिकारी दिनभर लगे रहे। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक पांच विभागों के अधिकारी दिनभर अपने-अपने स्तर से जांच पड़ताल में लगे रहे। बताया गया है कि जांच के बाद पांचों विभाग के अधिकारी संयुक्त रिपोर्ट तैयार कर रहे है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद उसे डीआरएम कार्यालय दिल्ली भेजा जाएगा। अधिकारियों के रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं होने पर उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी।
संतुलन बिगड़ने पर पटरी से उतरे डिब्बे
रेलवे अधिकारियों का दावा है कि मालगाड़ी के डिब्बों के उतरने के मामले की जांच के दौरान एक बात ये सामने आई है कि जो डिब्बे पटरी से उतरे हैं, उनमें एक डिब्बे का गेट खुला हुआ था। इसके चलते उसमें भरे पत्थर बजरी गिरने के कारण एक साइड खाली हो गई थी। अधिकारियों का मानना है कि जब मालगाड़ी को पांच नंबर से छह नंबर ट्रैक पर ले जाया जा रहा था, तो हल्का मोड़ होने पर डिब्बों का झुकाव होने से संतुलन बिगड़ गया और हल्का उछाल लेकर ट्रैक से उतर गए। अगर यह बात सही मानी जाए तो सवाल ये है कि गाड़ी के डिब्बे का गेट खुला रहने में लापरवाही बरती गई या किसी ने उसे खोल दिया, जो रात के अंधेरे में दिखाई नहीं दिया और बजरी ट्रैक के किनारे गिरती चली गई। हालांकि जांच के बाद ही सही तस्वीर सामने आएगी।
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जांच रिपोर्ट होगी तैयार
शामली। रेलवे के यातायात निरीक्षक सुनील धीमान ने बताया कि दिल्ली से एआरटी की टीम शामली पहुंची थी। टीम ने क्रेन से मालगाड़ी के डिब्बों को उठाया और रेलवे ट्रैक की मरम्मत की। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद एआरटी की टीम दिल्ली लौट गई। ट्रैक से डिब्बे उतरने के कारणों की जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
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मंगलवार रात कांधला से चलकर मालगाड़ी शामली पहुंची थी। रात में अन्य मालगाड़ी या ट्रेन आने की संभावना को लेकर पांच नंबर ट्रैक पर खड़ी मालगाड़ी को हटाकर छह नंबर पर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान करीब पौने नौ बजे धीमानपुरा फाटक और रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे यार्ड में सबसे पीछे वाले मालगाड़ी के दो डिब्बे अचानक तेज धमाके के साथ ट्रैक को तोड़ते हुए उतर गए थे। इस दौरान पीछे वाला गार्ड का ब्रेक वाहन भी ट्रैक से उतर गया था। रात में ही रेलवे अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की थी और करीब एक घंटे बाद ट्रैक से उतरे मालगाड़ी के डिब्बों को अलग कर बाकी गाड़ी को फिर पांच नंबर ट्रैक पर खड़ा किया था। इसके बाद ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया था। अधिकारियों की सूचना पर रात में ही दुर्घटना सहायता ट्रेन (एआरटी) की टीम दिल्ली से शामली रात में करीब तीन बजे क्रेन के साथ पहुंची। टीम ने क्रेन की मदद से दोनों डिब्बों को उठाकर अलग साइड में खड़ा कर दिया। इसके बाद टीम ने करीब 185 मीटर तक टूटे ट्रैक की मरम्मत का कार्य किया। अधिकारियों ने बताया कि दोपहर 12 बजे तक मरम्मत कार्य पूरा हो गया। करीब दो बजे एआरटी की टीम दिल्ली लौट गई। रिपोर्ट तैयार करने में जुटे रहे पांच विभागों के अफसर मालगाड़ी के डिब्बों का ट्रैक से उतरने की वजह जानने के लिए रेलवे के यातायात विभाग, मेकेनिकल, इंजीनियरिंग, कैरी वैगन और आरपीएफ के अधिकारी दिनभर लगे रहे। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक पांच विभागों के अधिकारी दिनभर अपने-अपने स्तर से जांच पड़ताल में लगे रहे। बताया गया है कि जांच के बाद पांचों विभाग के अधिकारी संयुक्त रिपोर्ट तैयार कर रहे है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद उसे डीआरएम कार्यालय दिल्ली भेजा जाएगा। अधिकारियों के रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं होने पर उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी।
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संतुलन बिगड़ने पर पटरी से उतरे डिब्बे
रेलवे अधिकारियों का दावा है कि मालगाड़ी के डिब्बों के उतरने के मामले की जांच के दौरान एक बात ये सामने आई है कि जो डिब्बे पटरी से उतरे हैं, उनमें एक डिब्बे का गेट खुला हुआ था। इसके चलते उसमें भरे पत्थर बजरी गिरने के कारण एक साइड खाली हो गई थी। अधिकारियों का मानना है कि जब मालगाड़ी को पांच नंबर से छह नंबर ट्रैक पर ले जाया जा रहा था, तो हल्का मोड़ होने पर डिब्बों का झुकाव होने से संतुलन बिगड़ गया और हल्का उछाल लेकर ट्रैक से उतर गए। अगर यह बात सही मानी जाए तो सवाल ये है कि गाड़ी के डिब्बे का गेट खुला रहने में लापरवाही बरती गई या किसी ने उसे खोल दिया, जो रात के अंधेरे में दिखाई नहीं दिया और बजरी ट्रैक के किनारे गिरती चली गई। हालांकि जांच के बाद ही सही तस्वीर सामने आएगी।
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जांच रिपोर्ट होगी तैयार
शामली। रेलवे के यातायात निरीक्षक सुनील धीमान ने बताया कि दिल्ली से एआरटी की टीम शामली पहुंची थी। टीम ने क्रेन से मालगाड़ी के डिब्बों को उठाया और रेलवे ट्रैक की मरम्मत की। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद एआरटी की टीम दिल्ली लौट गई। ट्रैक से डिब्बे उतरने के कारणों की जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है।