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झोलाछाप के इलाज से बिगड़ी हालत
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Sat, 17 Sep 2016 12:37 AM IST
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बीमार बच्चे को लेकर पहुंचे गढ़ीपुख्ता के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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शामली के कस्बा गढ़ीपुख्ता में झोलाछाप से उपचार कराने पर एक मासूम की जान पर बन गई। पीड़ित परिवार ने सीएमओ कार्यालय पर आकर मामले की शिकायत की है।
गढ़ीपुख्ता के मुहल्ला रैदासपुरी निवासी सोनिया पत्नी अनिल शुक्रवार को बाबा कमलनाथ के साथ सीएमओ ऑफिस पहुंची। उन्होंने बताया कि उसकी तीन माह की पुत्री चांदनी को 14 सितंबर को बुखार आ गया था। इसके बाद उसने मजबूरी में एक प्राइवेट और झोलाछाप चिकित्सक के यहां पर उसका इलाज कराया। डाक्टर ने उसे दवाएं दीं। महिला के मुताबिक घर पर रात में बच्ची की हालत अचानक खराब हो गई।
आरोप है कि शुक्रवार को वह डाक्टर को दिखाने पहुंचे तो डाक्टर ने उनको धमका कर भगा दिया। बाद में उसे दूसरे चिकित्सक से उपचार दिलाना पड़ा। महिला ने आशंका जताई कि चिकित्सक ने लापरवाही में उपचार किया है। इसके चलते बच्चे की जान खतरे में पड़ गई।
मामले में महिला अपने परिवार के साथ सीएमओ ऑफिस पहुंची। लेकिन यहां सीएमओ नहीं मिल सकी। शिकायत सीएमओ कार्यालय में ही जमा कराकर झोलाछाप चिकित्सक की जांच कराकर उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। उधर, सीएमओ का कहना है कि झोलाछाप श्रेणी के चिकित्सकों पर पूर्व में कार्रवाई की गई है। यदि ऐसा मामला है तो जांच करवाई जाएगी। अपील की कि जागरूक रहें।
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गढ़ीपुख्ता के मुहल्ला रैदासपुरी निवासी सोनिया पत्नी अनिल शुक्रवार को बाबा कमलनाथ के साथ सीएमओ ऑफिस पहुंची। उन्होंने बताया कि उसकी तीन माह की पुत्री चांदनी को 14 सितंबर को बुखार आ गया था। इसके बाद उसने मजबूरी में एक प्राइवेट और झोलाछाप चिकित्सक के यहां पर उसका इलाज कराया। डाक्टर ने उसे दवाएं दीं। महिला के मुताबिक घर पर रात में बच्ची की हालत अचानक खराब हो गई।
आरोप है कि शुक्रवार को वह डाक्टर को दिखाने पहुंचे तो डाक्टर ने उनको धमका कर भगा दिया। बाद में उसे दूसरे चिकित्सक से उपचार दिलाना पड़ा। महिला ने आशंका जताई कि चिकित्सक ने लापरवाही में उपचार किया है। इसके चलते बच्चे की जान खतरे में पड़ गई।
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मामले में महिला अपने परिवार के साथ सीएमओ ऑफिस पहुंची। लेकिन यहां सीएमओ नहीं मिल सकी। शिकायत सीएमओ कार्यालय में ही जमा कराकर झोलाछाप चिकित्सक की जांच कराकर उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। उधर, सीएमओ का कहना है कि झोलाछाप श्रेणी के चिकित्सकों पर पूर्व में कार्रवाई की गई है। यदि ऐसा मामला है तो जांच करवाई जाएगी। अपील की कि जागरूक रहें।
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