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बेटियों को पढ़ाई के साथ खेलकूद के लिए भी करें प्रेरित
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गांव कैल शिकारपुर में बॉक्सर नीतू घणघस को सम्मानित करते ग्रामीण।
- फोटो : SHAMLI
संवाद न्यूज एजेंसी
गढ़ीपुख्ता (शामली)। क्षेत्र के गांव कैल शिकारपुर में कॉमनवेल्थ गेम्स में बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल विजेता नीतू घणघस का ग्रामीणों ने रविवार को जोरदार स्वागत किया। इस दौरान गांव की युवतियों ने नीतू घणघस के साथ सेल्फी ली।
पूर्व प्रधान विनोद के आवास पर आयोजित सम्मान समारोह में नीतू घणघस को स्मृति चिह्न, बुके, चांदी का सिक्का तथा शॉल देकर सम्मानित किया। घणघस खाप के प्रदेशाध्यक्ष सुखपाल घणघस ने कहा कि नीतू ने पूरे देश का नाम रोशन किया है। इसलिए ग्रामीण बेटियों को पढ़ाई के साथ खेलकूद के लिए भी प्रेरित करें। सम्मान समारोह में अन्य वक्ताओं ने नीतू घणघस के उज्ज्वल भविष्य की मनोकामना की। वहीं, नीतू घणघस ने सम्मान के लिए सभी का आभार जताया। कहा कि वह ऐसे ही देश के लिए गोल्ड मेडल लाती रहेंगी। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि बेटियों की पढ़ाई के साथ खेल में भी रुचि के अनुसार भागीदारी कराएं।
उधर, अतिथियों को फूल माला व पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया। ग्राम प्रधान अलका ने नीतू घणघस को बुके व आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता घणघस खाप हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष काला घणघस ने की तथा संचालन नीरज मास्टर ने किया। यहां ग्राम प्रधान प्रतिनिधि धर्मेंद्र कुमार, अभिषेक चौधरी, हरेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, जयभगवान घणघस, अनिल, उत्तम, दीपक, सुरेंद्र जयपाल सिंह, बिट्टू व जितेंद्र आदि मौजूद रहे।
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बेटे-बेटियों में न करें फर्क
नीतू घणघस हरियाणा के जिला भिवानी के गांव धनाना निवासी हैं। उन्होंने बीए तक पढ़ाई की है। उनके पिता जयभगवान हरियाणा विधानसभा में बिल मेसेंजर हैं। पिता ने बताया कि 2012 में बेटी ने जिला भिवानी में मशहूर बॉक्सर विजेंद्र सिंह के कोच जगदीश सिंह से ट्रेनिंग की शुरुआत की थी। उन्होंने 2017 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद 2018 में वर्ल्ड चैंपियनशिप, 2018 में एशियन गेम्स, 2021 में नेशनल में, 2022 में बुल्गारिया में हुए स्ट्रेंजा कप और 2022 में कॉमनवेल्थ गेम्स में बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने कहा बेटा-बेटी एक समान हैं। उनमें कोई फर्क न करें। बेटियों की पढ़ाई के साथ खेल में भी हिस्सेदारी होनी चाहिए।
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गढ़ीपुख्ता (शामली)। क्षेत्र के गांव कैल शिकारपुर में कॉमनवेल्थ गेम्स में बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल विजेता नीतू घणघस का ग्रामीणों ने रविवार को जोरदार स्वागत किया। इस दौरान गांव की युवतियों ने नीतू घणघस के साथ सेल्फी ली।
पूर्व प्रधान विनोद के आवास पर आयोजित सम्मान समारोह में नीतू घणघस को स्मृति चिह्न, बुके, चांदी का सिक्का तथा शॉल देकर सम्मानित किया। घणघस खाप के प्रदेशाध्यक्ष सुखपाल घणघस ने कहा कि नीतू ने पूरे देश का नाम रोशन किया है। इसलिए ग्रामीण बेटियों को पढ़ाई के साथ खेलकूद के लिए भी प्रेरित करें। सम्मान समारोह में अन्य वक्ताओं ने नीतू घणघस के उज्ज्वल भविष्य की मनोकामना की। वहीं, नीतू घणघस ने सम्मान के लिए सभी का आभार जताया। कहा कि वह ऐसे ही देश के लिए गोल्ड मेडल लाती रहेंगी। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि बेटियों की पढ़ाई के साथ खेल में भी रुचि के अनुसार भागीदारी कराएं।
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उधर, अतिथियों को फूल माला व पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया। ग्राम प्रधान अलका ने नीतू घणघस को बुके व आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता घणघस खाप हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष काला घणघस ने की तथा संचालन नीरज मास्टर ने किया। यहां ग्राम प्रधान प्रतिनिधि धर्मेंद्र कुमार, अभिषेक चौधरी, हरेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, जयभगवान घणघस, अनिल, उत्तम, दीपक, सुरेंद्र जयपाल सिंह, बिट्टू व जितेंद्र आदि मौजूद रहे।
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बेटे-बेटियों में न करें फर्क
नीतू घणघस हरियाणा के जिला भिवानी के गांव धनाना निवासी हैं। उन्होंने बीए तक पढ़ाई की है। उनके पिता जयभगवान हरियाणा विधानसभा में बिल मेसेंजर हैं। पिता ने बताया कि 2012 में बेटी ने जिला भिवानी में मशहूर बॉक्सर विजेंद्र सिंह के कोच जगदीश सिंह से ट्रेनिंग की शुरुआत की थी। उन्होंने 2017 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद 2018 में वर्ल्ड चैंपियनशिप, 2018 में एशियन गेम्स, 2021 में नेशनल में, 2022 में बुल्गारिया में हुए स्ट्रेंजा कप और 2022 में कॉमनवेल्थ गेम्स में बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने कहा बेटा-बेटी एक समान हैं। उनमें कोई फर्क न करें। बेटियों की पढ़ाई के साथ खेल में भी हिस्सेदारी होनी चाहिए।

गांव कैल शिकारपुर में बॉक्सर नीतू घणघस के साथ सेल्फी लेती युवतियां।- फोटो : SHAMLI