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बारिश के बाद डेंगू का बढ़ा खतरा, एलाइजा जांच की नहीं सुविधा
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बारिश के बाद डेंगू का बढ़ा खतरा, एलाइजा जांच की नहीं सुविधा
शामली। जिले में कई दिन तक लगातार हुई बारिश के बाद मच्छर पनप रहे हैं, जिससे डेंगू और मलेरिया समेत संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है। जिले में अभी तक एलाइजा जांच की सुविधा शुरू नहीं हुई है जबकि जिला अस्पताल में एलाइजा जांच के लिए मशीन मिल चुकी है। डेंगू की जांच के लिए मेरठ व मुजफ्फरनगर सैंपल भेजे जाते हैं, जिनकी रिपोर्ट कई दिन बाद आती है।
बारिश होने से जलभराव व नमी होने से मच्छर तेजी से पनप रहे हैं। इसके चलते मच्छर जनित बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। जिले में मलेरिया के इस साल 37 केस अब तक सामने आ चुके हैं। कार्ड की जांच में डेंगू के कई संभावित केस मिल चुके हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि एलाइजा जांच में इस साल अब तक डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है। बारिश के बाद डेंगू का खतरा बढ़ गया है, लेकिन जिले में अभी एलाइजा जांच की सुविधा शुरू नहीं हुई है।
पिछले महीने शासन स्तर से जिला अस्पताल को एलाइजा जांच के लिए मशीन उपलब्ध हो चुकी है, लेकिन अभी तक जांच शुरू नहीं हो सकी है। जिले में जांच शुरू न होने से मरीजों के सैंपल मुजफ्फरनगर या मेरठ भेजे जाते हैं, जिनकी रिपोर्ट आने में तीन से पांच दिन का समय लगता है। तब तक मरीज की जान खतरे में बनी रहती है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल में एलाइजा जांच की सुविधा अभी चालू नहीं हो सकी है। डेंगू की पुष्टि एलाइजा जांच के बाद ही होती है, इसके लिए सैंपल मुजफ्फरनगर या मेरठ भेजे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए लोगों केे जागरूक किया जा रहा है।
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शामली। जिले में कई दिन तक लगातार हुई बारिश के बाद मच्छर पनप रहे हैं, जिससे डेंगू और मलेरिया समेत संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है। जिले में अभी तक एलाइजा जांच की सुविधा शुरू नहीं हुई है जबकि जिला अस्पताल में एलाइजा जांच के लिए मशीन मिल चुकी है। डेंगू की जांच के लिए मेरठ व मुजफ्फरनगर सैंपल भेजे जाते हैं, जिनकी रिपोर्ट कई दिन बाद आती है।
बारिश होने से जलभराव व नमी होने से मच्छर तेजी से पनप रहे हैं। इसके चलते मच्छर जनित बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। जिले में मलेरिया के इस साल 37 केस अब तक सामने आ चुके हैं। कार्ड की जांच में डेंगू के कई संभावित केस मिल चुके हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि एलाइजा जांच में इस साल अब तक डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है। बारिश के बाद डेंगू का खतरा बढ़ गया है, लेकिन जिले में अभी एलाइजा जांच की सुविधा शुरू नहीं हुई है।
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पिछले महीने शासन स्तर से जिला अस्पताल को एलाइजा जांच के लिए मशीन उपलब्ध हो चुकी है, लेकिन अभी तक जांच शुरू नहीं हो सकी है। जिले में जांच शुरू न होने से मरीजों के सैंपल मुजफ्फरनगर या मेरठ भेजे जाते हैं, जिनकी रिपोर्ट आने में तीन से पांच दिन का समय लगता है। तब तक मरीज की जान खतरे में बनी रहती है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल में एलाइजा जांच की सुविधा अभी चालू नहीं हो सकी है। डेंगू की पुष्टि एलाइजा जांच के बाद ही होती है, इसके लिए सैंपल मुजफ्फरनगर या मेरठ भेजे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए लोगों केे जागरूक किया जा रहा है।
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