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पुलिस अधिकारियों समेत पीड़ितों के बयान दर्ज
ब्यूरो/अमर उजाला, शामली
Updated Sun, 01 May 2016 12:23 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कैराना। दो साल पूर्व चर्चित शीबा-रिजवाना हत्याकांड की डीजीपी कार्यालय से पुन: जांच के लिए लखनऊ से आए एसपी ने पीडब्लूडी के गेस्ट हाउस पर पीड़ितों और आरोपी पक्षों के अलावा तत्कालीन पुलिस अधिकारियों के बयान दर्ज किए।
24 जुलाई 2014 को दो सगी बहनों शीबा और रिजवाना का अपहरण हो गया था। शीबा के पिता दिलशाद ने 12 लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद एक अगस्त को शीबा का शव शामली बाईपास पर मिला था। इसके छह दिन बाद ही सात अगस्त को शीबा की छोटी बहन रिजवाना का शव भी खुरगान रोड पर खेत में पड़ा मिला था। इस मामले में पुलिस ने दो नामजद आरोपी मेहमूद उर्फ बूंदी व मेहबूब उर्फ भिंडी के अलावा तीन अन्य को जेल भेज दिया था।
हत्या के बाकी 10 नामजद आरोपी अभी तक पुलिस की पकड़ में नहीं आ सके। बाद में हत्याकांड के आरोपी बनाए गए पक्ष ने खुद को निर्दोष बताते हुए आला अधिकारियों को शिकायत भेजी थी।
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इस मामले में संज्ञान में लेते हुए शुक्रवार को डीजीपी मुख्यालय लखनऊ से एसपी हरीश कुमार जांच करने पहुंचे। उन्होंने शनिवार को भी
मामले से संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए। पीडब्लूडी गेस्ट हाउस पर पीड़ित और आरोपी पक्ष की दर्जनों महिलाएं व पुरुषों ने डेरा डाले रखा। एसपी ने दोनों पक्षों के कलमबंद बयान दर्ज किए। इस दौरान तत्कालीन कोतवाली प्रभारी अजय कुमार चौहान सहित हत्याकांड की विवेचना करने वाले पांचों पुलिस अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए।
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24 जुलाई 2014 को दो सगी बहनों शीबा और रिजवाना का अपहरण हो गया था। शीबा के पिता दिलशाद ने 12 लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद एक अगस्त को शीबा का शव शामली बाईपास पर मिला था। इसके छह दिन बाद ही सात अगस्त को शीबा की छोटी बहन रिजवाना का शव भी खुरगान रोड पर खेत में पड़ा मिला था। इस मामले में पुलिस ने दो नामजद आरोपी मेहमूद उर्फ बूंदी व मेहबूब उर्फ भिंडी के अलावा तीन अन्य को जेल भेज दिया था।
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हत्या के बाकी 10 नामजद आरोपी अभी तक पुलिस की पकड़ में नहीं आ सके। बाद में हत्याकांड के आरोपी बनाए गए पक्ष ने खुद को निर्दोष बताते हुए आला अधिकारियों को शिकायत भेजी थी।
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इस मामले में संज्ञान में लेते हुए शुक्रवार को डीजीपी मुख्यालय लखनऊ से एसपी हरीश कुमार जांच करने पहुंचे। उन्होंने शनिवार को भी
मामले से संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए। पीडब्लूडी गेस्ट हाउस पर पीड़ित और आरोपी पक्ष की दर्जनों महिलाएं व पुरुषों ने डेरा डाले रखा। एसपी ने दोनों पक्षों के कलमबंद बयान दर्ज किए। इस दौरान तत्कालीन कोतवाली प्रभारी अजय कुमार चौहान सहित हत्याकांड की विवेचना करने वाले पांचों पुलिस अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए।