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Shamli News: कृषि विभाग के सर्वे में पांच प्रतिशत ही हुआ फसलों का नुकसान
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शामली। जिले में पिछले दिनों तेज हवा के साथ हुई बेमौसम बारिश से कई किसानों की फसल बर्बाद हो गई। शासन ने किसानों को मुआवजा देने की घोषणा की तो किसानों को राहत की उम्मीद जगी, लेकिन कृषि विभाग के सर्वे में जिले का कोई भी किसान मुआवजे के लिए पात्र नहीं मिला। नियमानुसार 33 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान पर ही मुआवजा दिया जाता है। कृषि विभाग के मुताबिक जिले में फसलों का नुकसान पांच प्रतिशत हुआ है।
बारिश से सबसे ज्यादा गेहूं की फसल प्रभावित हुई। कई किसानों की फसल खेत में पूरी तरह बिछ गई थी। किसानों के अनुसार जो फसल पकने से पहले ही गिर गई, उसमें दाना नहीं बनेगा। इसके अलावा सरसों की फसल को भी काफी नुकसान पहुंचा है। शासन के निर्देश पर कृषि और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम में बारिश से नुकसान का सर्वे किया। कृषि उप निदेशक शिवकुमार केसरी का कहना है कि जिले में मुआवजे के लिए कोई भी पात्र किसान नहीं मिला है। बारिश से जिले में 5 फीसदी फसल को नुकसान पहुंचा है।
किसान बोले सर्वे के लिए नहीं आए अधिकारी
कृषि विभाग का दावा है कि जिले में सिर्फ 5 फीसदी फसल को ही नुकसान पहुंचा है। जबकि किसानों का दावा है कि उनके खेत पर कोई अधिकारी सर्वे करने पहुंचा ही नहीं है। बधेव गांव निवासी किसान उपेंद्र देशवाल ने बताया कि उनकी गेहूं की 60 प्रतिशत और सरसों की 30 प्रतिशत फसल बर्बाद हुई है। उनके खेत पर कोई भी सर्वे करने नहीं आया। ओमबीर ने बताया कि उनकी गेहूं की 50 प्रतिशत और सरसों 20 प्रतिशत फसल बारिश में नष्ट हो गई। अधिकारियों ने कब सर्वे किया, उन्हें पता भी नहीं चला।
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आज और कल फिर बारिश के आसार
मौसम वैज्ञानिकों ने शुक्रवार और शनिवार को बारिश होने की संभावना जताई है। ऐसे में किसानों की चिंता फिर से बढ़ गई है। गेहूं और सरसों की फसल पूरी तरह बर्बाद होने का डर किसानों को सता रहा है। इसके अलावा जिन किसानों ने हाल ही में ईख की फसल की बुआई की थी, उन्हें भी फसल का जमाव कम होने का डर सताने लगा है। किसानों का कहना है कि अब बारिश हुई तो उन्हें काफी नुकसान हो जाएगा।
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बारिश से सबसे ज्यादा गेहूं की फसल प्रभावित हुई। कई किसानों की फसल खेत में पूरी तरह बिछ गई थी। किसानों के अनुसार जो फसल पकने से पहले ही गिर गई, उसमें दाना नहीं बनेगा। इसके अलावा सरसों की फसल को भी काफी नुकसान पहुंचा है। शासन के निर्देश पर कृषि और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम में बारिश से नुकसान का सर्वे किया। कृषि उप निदेशक शिवकुमार केसरी का कहना है कि जिले में मुआवजे के लिए कोई भी पात्र किसान नहीं मिला है। बारिश से जिले में 5 फीसदी फसल को नुकसान पहुंचा है।
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किसान बोले सर्वे के लिए नहीं आए अधिकारी
कृषि विभाग का दावा है कि जिले में सिर्फ 5 फीसदी फसल को ही नुकसान पहुंचा है। जबकि किसानों का दावा है कि उनके खेत पर कोई अधिकारी सर्वे करने पहुंचा ही नहीं है। बधेव गांव निवासी किसान उपेंद्र देशवाल ने बताया कि उनकी गेहूं की 60 प्रतिशत और सरसों की 30 प्रतिशत फसल बर्बाद हुई है। उनके खेत पर कोई भी सर्वे करने नहीं आया। ओमबीर ने बताया कि उनकी गेहूं की 50 प्रतिशत और सरसों 20 प्रतिशत फसल बारिश में नष्ट हो गई। अधिकारियों ने कब सर्वे किया, उन्हें पता भी नहीं चला।
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आज और कल फिर बारिश के आसार
मौसम वैज्ञानिकों ने शुक्रवार और शनिवार को बारिश होने की संभावना जताई है। ऐसे में किसानों की चिंता फिर से बढ़ गई है। गेहूं और सरसों की फसल पूरी तरह बर्बाद होने का डर किसानों को सता रहा है। इसके अलावा जिन किसानों ने हाल ही में ईख की फसल की बुआई की थी, उन्हें भी फसल का जमाव कम होने का डर सताने लगा है। किसानों का कहना है कि अब बारिश हुई तो उन्हें काफी नुकसान हो जाएगा।