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Shamli News: आठ तरह से लोगों को साइबर ठगी के शिकार बना रहे शातिर
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सोशल मीडिया पर बदनामी का डर : साइबर ठग युवतियों की मदद से लोगों को शिकार बनाते हैं। इसमें लोगों की आपत्तिजनक वीडियो कॉल की रिकॉर्डिंग कर ली जाती है। इसके बाद उसे वायरल करने का डर दिखाकर ठगी की जाती है।
गलती से रुपये भेजने के नाम : इस मामले में साइबर ठग लोगों के पास रुपये भेजने का फर्जी मैसेज भेजते हैं। इसके बाद कॉल कर लोगों से खाते में रुपये डालने की अपील की जाती है। कहा जाता कि गलती से उनके खाते में रुपये भेज दिए गए।
रुपये इनवेस्ट करने के नाम पर ठगी : इसमें साइबर ठग सोशल मीडिया पर कंपनी का प्रचार करते हैं, दिए गए नंबरों पर यदि लोग संपर्क करते हैं तो ठग पचास से लेकर लाखों रुपये इनवेस्ट कराने का झांसा देते हैं। इसके बाद रुपये इनवेस्ट करा लिए जाते हैं ।
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लोन के नाम पर ठगी : ठग कम रुपयों में क्रेडिट कार्ड देने का दावा करते हैं। संपर्क करने पर काम करवाने के लिए फीस देने को कहते हैं। जैसे ही रकम जमा होती है ठग संपर्क खत्म कर देते हैं।
डिजिटल अरेस्ट : पुलिस या फिर कस्टम अधिकारी बनकर फोन करते हैं। वे लोगों को अपराधिक और ड्रग्स जैसे आरोप में परिवार के सदस्य के फंसने का दावा करते हैं। परिवार के सदस्य को बचाने के बदले रुपये खातों में डलवाए जाते हैं।
नौकरी के नाम पर ठगी : बिजली समेत विभिन्न विभागों में नौकरियां दिलाने के नाम पर ठग झांसे में लेते हैं। संपर्क करने के बाद उनके साथ ठगी करते हैं।
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गलती से रुपये भेजने के नाम : इस मामले में साइबर ठग लोगों के पास रुपये भेजने का फर्जी मैसेज भेजते हैं। इसके बाद कॉल कर लोगों से खाते में रुपये डालने की अपील की जाती है। कहा जाता कि गलती से उनके खाते में रुपये भेज दिए गए।
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रुपये इनवेस्ट करने के नाम पर ठगी : इसमें साइबर ठग सोशल मीडिया पर कंपनी का प्रचार करते हैं, दिए गए नंबरों पर यदि लोग संपर्क करते हैं तो ठग पचास से लेकर लाखों रुपये इनवेस्ट कराने का झांसा देते हैं। इसके बाद रुपये इनवेस्ट करा लिए जाते हैं ।
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लोन के नाम पर ठगी : ठग कम रुपयों में क्रेडिट कार्ड देने का दावा करते हैं। संपर्क करने पर काम करवाने के लिए फीस देने को कहते हैं। जैसे ही रकम जमा होती है ठग संपर्क खत्म कर देते हैं।
डिजिटल अरेस्ट : पुलिस या फिर कस्टम अधिकारी बनकर फोन करते हैं। वे लोगों को अपराधिक और ड्रग्स जैसे आरोप में परिवार के सदस्य के फंसने का दावा करते हैं। परिवार के सदस्य को बचाने के बदले रुपये खातों में डलवाए जाते हैं।
नौकरी के नाम पर ठगी : बिजली समेत विभिन्न विभागों में नौकरियां दिलाने के नाम पर ठग झांसे में लेते हैं। संपर्क करने के बाद उनके साथ ठगी करते हैं।