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Shamli News: 15 साल पहले पश्चिम बंगाल से आया था इमामुद्दीन
Mon, 04 Aug 2025 12:40 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Mon, 04 Aug 2025 12:40 AM IST
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शामली। गांव मंटी हसनपुर में मंदिर में पुजारी बने इमामुद्दीन 15 साल पहले पश्चिम बंगाल से आया था। इस दौरान वह सहारनपुर समेत कई जिलों में रहा। सहारनपुर से किसी परिचित व्यक्ति के कहने पर गांव में दो साल पहले लाया गया था।
पुलिस की पूछताछ में इमामुद्दीन ने बताया कि वह 15 साल पहले काम के सिलसिले में आया था। वह सहारनपुर व आसपास के जनपदों में रहा। पुलिस की जांच में सामने आया कि वह सहारनपुर में किसी बाबा कमलनाथ के संपर्क में आया था। वहां वह अपना नाम व पहचान बदलकर रहा। सहारनपुर निवासी किसी व्यक्ति से गांव मंटी हसनपुर का एक व्यक्ति पहले से परिचित था। उसके कहने पर ग्रामीण उसे गांव में लेकर आया था। उसने हिंदू समझकर उसे शनि मंदिर में रहने को जगह दे दी थी। वह मंदिर में रहकर हिंदू धर्म के अनुसार पूजा पाठ करता था। किसी को उस पर शक भी नहीं हुआ कि वह मुस्लिम है। आसपड़ोस की महिलाएं व लोगों का कहना है कि उन्हें इसके बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी। आरोपी ने ग्रामीणों पर विश्वास जमा लिया था। इसके चलते उसने मंदिर के बराबर में खाली पड़ी जमीन पर नए मंदिर का निर्माण शुरू करा दिया था। मंदिर के निर्माण के लिए वह ग्रामीणों से चंदा इकट्ठा करता था। गांव में उसकी पहचान बंगाली बाबा के नाम से थी। उसकी असलियत सामने आने पर ग्रामीण हैरान है। ग्राम प्रधान जगमेर सिंह का कहना है कि उन्हें इस बात की पहले से कोई जानकारी नहीं है। आरोपी ने नाम बदलकर ग्रामीणों को धोखे में रखा, यह बहुत गलत किया। ऐसे व्यक्ति के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
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पश्चिम बंगाल के लिए टीम हुई रवाना
इमामुद्दीन अंसारी के आधार कार्ड पर लिखे पते का सत्यापन करने और उसके बारे में जानकारी जुटाने के लिए पुलिस की एक टीम पश्चिम बंगाल के लिए रवाना कर दी गई है। पुलिस टीम वहां पर जाकर आरोपी के बारे में गहनता से छानबीन करेगी ताकि उसकी असलियत सामने आ सके। पुलिस इस बात की भी जांच करेगी कि वहां पर उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज तो नहीं है। इसके अलावा पुलिस इस बात की भी जांच करेगी कि उसने आधार कार्ड में अपना नाम कहां पर और किस तरह से बदलवाया। आधार कार्ड में नाम बदलवाने में कौन लोग शामिल रहें। पुलिस को अभी उसके पास किसी बैंक में खाता होने की जानकारी नहीं मिली है। इसके साथ ही कोई आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद नहीं हुआ है। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि उसने कहीं पर धर्म परिवर्तन भी नहीं किया था।
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हिंदू संगठनों में रोष, पुलिस प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग
फोटो
थानाभवन। मंटी हसनपुर में नाम व पहचान बदलकर रह रहे मुस्लिम व्यक्ति को लेकर रोष व्यक्त किया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।
जिला मठ मंदिर प्रमुख भारत भूषण ने कहा घटना अप्रत्याशित है। पूरे जिले मे संगठन जांच अभियान चलाएगा तथा ऐसे तत्वों पर पूरी निगाह रखेगा ताकि भविष्य ऐसा दूसरा कांड न हो। पुलिस प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेकर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। विहिप के जिला सेवा प्रमुख विन्नी राणा ने कहा संगठन संपूर्ण जनपद में पूरी तरह तैयार है। पकड़े गए आरोपी पर सख्त कार्रवाई कराएगा। इसके लिए ग्रामीण स्तर पर भी कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जा रहा है।
विहिप के जिला महामत्री शालू राणा ने कहा संगठन पूरी तरह ताकत लगा देगा कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। सनातन के खिलाफ चलाए गये किसी भी षडयंत्र को सफल नहीं होने दिया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र में साधु के वेश में भिक्षा मांगने वालों की भी अब संगठन के कार्यकर्ता व ग्रामीण जांच करेंगे।
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पुलिस की पूछताछ में इमामुद्दीन ने बताया कि वह 15 साल पहले काम के सिलसिले में आया था। वह सहारनपुर व आसपास के जनपदों में रहा। पुलिस की जांच में सामने आया कि वह सहारनपुर में किसी बाबा कमलनाथ के संपर्क में आया था। वहां वह अपना नाम व पहचान बदलकर रहा। सहारनपुर निवासी किसी व्यक्ति से गांव मंटी हसनपुर का एक व्यक्ति पहले से परिचित था। उसके कहने पर ग्रामीण उसे गांव में लेकर आया था। उसने हिंदू समझकर उसे शनि मंदिर में रहने को जगह दे दी थी। वह मंदिर में रहकर हिंदू धर्म के अनुसार पूजा पाठ करता था। किसी को उस पर शक भी नहीं हुआ कि वह मुस्लिम है। आसपड़ोस की महिलाएं व लोगों का कहना है कि उन्हें इसके बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी। आरोपी ने ग्रामीणों पर विश्वास जमा लिया था। इसके चलते उसने मंदिर के बराबर में खाली पड़ी जमीन पर नए मंदिर का निर्माण शुरू करा दिया था। मंदिर के निर्माण के लिए वह ग्रामीणों से चंदा इकट्ठा करता था। गांव में उसकी पहचान बंगाली बाबा के नाम से थी। उसकी असलियत सामने आने पर ग्रामीण हैरान है। ग्राम प्रधान जगमेर सिंह का कहना है कि उन्हें इस बात की पहले से कोई जानकारी नहीं है। आरोपी ने नाम बदलकर ग्रामीणों को धोखे में रखा, यह बहुत गलत किया। ऐसे व्यक्ति के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
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पश्चिम बंगाल के लिए टीम हुई रवाना
इमामुद्दीन अंसारी के आधार कार्ड पर लिखे पते का सत्यापन करने और उसके बारे में जानकारी जुटाने के लिए पुलिस की एक टीम पश्चिम बंगाल के लिए रवाना कर दी गई है। पुलिस टीम वहां पर जाकर आरोपी के बारे में गहनता से छानबीन करेगी ताकि उसकी असलियत सामने आ सके। पुलिस इस बात की भी जांच करेगी कि वहां पर उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज तो नहीं है। इसके अलावा पुलिस इस बात की भी जांच करेगी कि उसने आधार कार्ड में अपना नाम कहां पर और किस तरह से बदलवाया। आधार कार्ड में नाम बदलवाने में कौन लोग शामिल रहें। पुलिस को अभी उसके पास किसी बैंक में खाता होने की जानकारी नहीं मिली है। इसके साथ ही कोई आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद नहीं हुआ है। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि उसने कहीं पर धर्म परिवर्तन भी नहीं किया था।
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हिंदू संगठनों में रोष, पुलिस प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग
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थानाभवन। मंटी हसनपुर में नाम व पहचान बदलकर रह रहे मुस्लिम व्यक्ति को लेकर रोष व्यक्त किया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।
जिला मठ मंदिर प्रमुख भारत भूषण ने कहा घटना अप्रत्याशित है। पूरे जिले मे संगठन जांच अभियान चलाएगा तथा ऐसे तत्वों पर पूरी निगाह रखेगा ताकि भविष्य ऐसा दूसरा कांड न हो। पुलिस प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेकर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। विहिप के जिला सेवा प्रमुख विन्नी राणा ने कहा संगठन संपूर्ण जनपद में पूरी तरह तैयार है। पकड़े गए आरोपी पर सख्त कार्रवाई कराएगा। इसके लिए ग्रामीण स्तर पर भी कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जा रहा है।
विहिप के जिला महामत्री शालू राणा ने कहा संगठन पूरी तरह ताकत लगा देगा कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। सनातन के खिलाफ चलाए गये किसी भी षडयंत्र को सफल नहीं होने दिया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र में साधु के वेश में भिक्षा मांगने वालों की भी अब संगठन के कार्यकर्ता व ग्रामीण जांच करेंगे।