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मोह माया नहीं जाती ः सौरभ सागर
ब्यूराो /अमर उजाला, शामली
Updated Tue, 07 Mar 2017 12:03 AM IST
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cultural
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। जैन संत सौरभ सागर जी महाराज के सानिध्य में श्री 1008 सिद्ध चक्र महामंडल विधान एवं शांति महायज्ञ के दूसरे दिन हस्तिनापुर से आए पंडित संदीप जैन शास्त्री द्वारा इंद्र इंद्राणियों को
मंगलाचरण करके पूजा संपन्न कराई। सौरभ सागर महाराज ने कहा कि मौजूदा दौर में जीव मोह माया में फंसा हुआ। जीव की जिंदगी छूट जाती है, किंतु मोह माया से दूर नहीं हो पाता है।
सोमवार को रेलवे रोड स्थित जैन धर्मशाला में श्री दिगंबर जैन साधु सेवा समिति की ओर से जैन संत सौरभ सागर महाराज के सानिध्य में पूजा संपन्न कराई गई। धर्म सभा में कहा कि वैराग्य बड़े मुश्किल से मिलता है। मोह माया का जीव को त्याग करना पड़ेगा। भक्ति से जीव की जीवन की दिशा बदल जाती है। जीव को जिनेंद्र भगवान की भक्ति में लीन होकर जीवनचर्या बदलनी होगी। धर्म के अनुसार धन को कमाना होगा। जीव भक्ति कम मस्ती में ज्यादा ध्यान देते हैं। मानव को अपने जीवन में भक्ति मय बनाना होगा। मंगलाचरण से जीवन मंगल मय होगा।
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सौधर्म इंद्र ललित जैन-नीरू जैन यज्ञ नायक पंकज जैन, महेंद्र इंद्र, संदीप जैन, रीना जैन ने मेरी सांसों में तू समाया, जीवन है तेरे हवाले ओ गुरुवर, दीवाना गुरुवर भजन प्रस्तुत करके इंद्र इंद्राणियों को नृत्य करने के लिए मजबूर कर दिया। मौके पर सचिन जैन, अरविंद जैन, वीरेश जैन, प्रवीण जैन, प्रदुमन जैन, राहुल, जिनेेंद्र जैन, एसके जैन, शरद जैन, सुंदर लाल जैन, सलेक चंद जैन, अजय कुमार, कमल जैन, अखिलेश जैन आदि मौजूद रहे।
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मंगलाचरण करके पूजा संपन्न कराई। सौरभ सागर महाराज ने कहा कि मौजूदा दौर में जीव मोह माया में फंसा हुआ। जीव की जिंदगी छूट जाती है, किंतु मोह माया से दूर नहीं हो पाता है।
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सोमवार को रेलवे रोड स्थित जैन धर्मशाला में श्री दिगंबर जैन साधु सेवा समिति की ओर से जैन संत सौरभ सागर महाराज के सानिध्य में पूजा संपन्न कराई गई। धर्म सभा में कहा कि वैराग्य बड़े मुश्किल से मिलता है। मोह माया का जीव को त्याग करना पड़ेगा। भक्ति से जीव की जीवन की दिशा बदल जाती है। जीव को जिनेंद्र भगवान की भक्ति में लीन होकर जीवनचर्या बदलनी होगी। धर्म के अनुसार धन को कमाना होगा। जीव भक्ति कम मस्ती में ज्यादा ध्यान देते हैं। मानव को अपने जीवन में भक्ति मय बनाना होगा। मंगलाचरण से जीवन मंगल मय होगा।
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सौधर्म इंद्र ललित जैन-नीरू जैन यज्ञ नायक पंकज जैन, महेंद्र इंद्र, संदीप जैन, रीना जैन ने मेरी सांसों में तू समाया, जीवन है तेरे हवाले ओ गुरुवर, दीवाना गुरुवर भजन प्रस्तुत करके इंद्र इंद्राणियों को नृत्य करने के लिए मजबूर कर दिया। मौके पर सचिन जैन, अरविंद जैन, वीरेश जैन, प्रवीण जैन, प्रदुमन जैन, राहुल, जिनेेंद्र जैन, एसके जैन, शरद जैन, सुंदर लाल जैन, सलेक चंद जैन, अजय कुमार, कमल जैन, अखिलेश जैन आदि मौजूद रहे।