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वेदखेड़ी में नहीं लगने दिया गन्ना क्रय केंद्र
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Thu, 01 Dec 2016 12:33 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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झिंझाना। क्षेत्र के गांव वेदखेड़ी में किसानों ने ऊन चीनी मिल का तौल क्रय केंद्र नहीं लगने दिया। विरोध कर रहे किसानों की मिल कर्मियों से हाथापाई तक हो गई। चेतावनी दी कि जब तक बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं मिलेगा, ऊन शुगर मिल को गन्ना नहीं देंगे।
बुधवार को ऊन शुगर मिल के कर्मचारी राहुल अपने तीन साथियों के साथ मेरठ करनाल रोड स्थित वेदखेड़ी गांव में गन्ना क्रय केंद्र लगाने पहुंचे। इसी दौरान सैकड़ों किसान मौके पर पहुंचे और तौल केंद्र लगाने का विरोध कर दिया। किसानों और मिल कर्मियों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि मिल कर्मी ने किसान रामकुमार से मारपीट कर दी, जिसके बाद किसानों ने मिल कर्मियों को दौड़ा दिया। किसानों ने ऊन शुगर मिल को गन्ना देने से मना कर दिया है। किसानों ने कहा कि पहले बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराया जाए, तभी गन्ना देंगे।
किसान बाबूराम, राजवीर, राजेश, जयानंद ने आरोप लगाया कि पिछले पेराई सत्र के दौरान चीनी मिल की ओर से दो दो पर्ची भेजी थी। जिसका किसान को आज तक पैसा नहीं मिला और पर्ची मिल के रिकार्ड में भी अब दर्ज नहीं मिली। मौके पर प्रधान के पति यामीन, जसवंत सिंह, जय भगवान, अनिल, सोमपाल, करेशन, जयानंद, राजेश, राजबीर, भागमल, ब्रह्म सिंह, मोनू, राजू, पिरथी, रामजीलाल आदि किसान शामिल रहे।
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बुधवार को ऊन शुगर मिल के कर्मचारी राहुल अपने तीन साथियों के साथ मेरठ करनाल रोड स्थित वेदखेड़ी गांव में गन्ना क्रय केंद्र लगाने पहुंचे। इसी दौरान सैकड़ों किसान मौके पर पहुंचे और तौल केंद्र लगाने का विरोध कर दिया। किसानों और मिल कर्मियों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि मिल कर्मी ने किसान रामकुमार से मारपीट कर दी, जिसके बाद किसानों ने मिल कर्मियों को दौड़ा दिया। किसानों ने ऊन शुगर मिल को गन्ना देने से मना कर दिया है। किसानों ने कहा कि पहले बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराया जाए, तभी गन्ना देंगे।
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किसान बाबूराम, राजवीर, राजेश, जयानंद ने आरोप लगाया कि पिछले पेराई सत्र के दौरान चीनी मिल की ओर से दो दो पर्ची भेजी थी। जिसका किसान को आज तक पैसा नहीं मिला और पर्ची मिल के रिकार्ड में भी अब दर्ज नहीं मिली। मौके पर प्रधान के पति यामीन, जसवंत सिंह, जय भगवान, अनिल, सोमपाल, करेशन, जयानंद, राजेश, राजबीर, भागमल, ब्रह्म सिंह, मोनू, राजू, पिरथी, रामजीलाल आदि किसान शामिल रहे।
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