फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Hospitals were sealed as soon as death occurred, removed within a few days

Shamli News: मौत होते ही अस्पतालों पर सील लगाई, चंद दिनों में हटाई

Fri, 15 Sep 2023 01:06 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 15 Sep 2023 01:06 AM IST
विज्ञापन
Hospitals were sealed as soon as death occurred, removed within a few days
थाना भवन में नर्सिग होम की सीज करती स्वास्थ्य विभाग की टीम
शामली। इसे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही कहा जाएगा या फिर मिलीभगत कि पिछले काफी समय से जिले में झोलाछाप दुकानें चल रहे हैं। बिना पंजीकरण के अस्पताल नर्सिंग होम का संचालन किया जा रहा है। पड़ताल की तो सामने आया है कि जब भी किसी अस्पताल, नर्सिंग होम या फिर क्लीनिक में मासूम, महिला या फिर अन्य की मौत हो जाती है तो स्वास्थ्य विभाग किरकिरी से बचने को तुरंत हरकत में आ जाता है। अन्यथा कार्रवाई के नाम पर सिर्फ नोटिस जारी कर खानापूर्ति की की जाती है।
विज्ञापन

पिछले कुछ दिनों में जिन अस्पताल, क्लीनिक या फिर नर्सिंग होम पर सील लगाई गई, उनमें वह शामिल रहे जिनमें या तो मौत हो गई थी या फिर लोग लगातार शिकायत कर रहे थे। मौत के बाद फजीहत से बचने को सील लगाने का कार्य किया जा रहा है। कांधला के दो अस्पतालों पर दो सील लगाने के कुछ समय बाद ही हटा ली गई थी। जिन अस्पतालों में मौत हो रही है वह पिछले काफी समय से संचालित किए जा रहे हैं, फिर पहले उन पर सील की कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
विज्ञापन

- हाल ही में मौत के बाद अस्पतालों में लगाई गई सील के कुछ प्रमुख मामलों की बानगी...


केस-1


12 सितंबर को थानाभवन के सरगम अस्पताल में यारपुर के रहने वाले सत्येंद्र की पत्नी ज्योति और बच्चे की प्रसव पीड़ा के दौरान मौत हो गई थी। जिसके विरोध में परिजनों ने खूब हंगामा किया था। बाद में मृतका के पति की शिकायत पर पुलिस ने अस्पताल के डाॅक्टर अहसान, सद्दाम, अमरीश, संगीता, रीता आदि के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर अस्पताल को सील कर दिया। पुलिस ने भी दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि डेढ़ माह से चल रहा था। अनट्रेंड डाक्टर तैनात थे और एएनएम से डिलीवरी कराई जाती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

केस-2

कैराना में 20 दिन पहले बीबीपुर हटिया निवासी तैय्यब अपने नवजात बेटे को उपचार के लिए आर्य पुरी बस्ती में एक क्लीनिक पर लेकर पहुंचा था। अप्रशिक्षित डॉक्टर ने नवजात को अपने क्लीनिक पर कुछ देर ऑक्सीजन लगाने के बाद पानीपत भेज दिया था। डॉक्टर ने उसे ऑक्सीजन लगाई थी, लेकिन रास्ते में ही ऑक्सीजन खत्म होने के कारण नवजात की मौत हो गई थी। मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर जाकर दो क्लिनिक सील कर दिए।
केस-3
10 सितंबर को न्यू लाइफ चाइल्ड केयर क्लीनिक पर एक नवजात बच्ची की मौत हो गई थी। जिसके बाद क्लीनिक पर सील लगा दी। कहा गया कि क्लीनिक के पास रजिस्ट्रेशन नहीं था। जबकि काफी पहले से क्लीनिक यहां पर चल रहा था।
इसके अलावा चार माह पहले ही कांधला के मोहल्ला रायजादगान निवासी माधव कश्यप के गलत ऑपरेशन की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तासी अस्पताल की ओटी को सीज किया। कांधला कस्बे के दिल्ली सहारनपुर हाईवे स्थित कमला हॉस्पिटल में कस्बे के मोहल्ला खेल निवासी जच्चा बच्चा की मौत हो जाने के बाद परिजनों की शिकायत पर डॉक्टर प्रदीप कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की और अस्पताल को सीज किया गया। शामली के मुजफ्फरनगर रोड पर दो माह पूर्व ही बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। मामला बढ़ता देख स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची तथा अस्पताल पर सील लगा दी। कांधला के जीवन रक्षक अस्पताल में पीड़ित की शिकायत पर तीन माह पूर्व सील की कार्रवाई की गई थी। बाद में सील हटा दी गई। एक माह पूर्व फिर से अस्पताल में सील लगाई गई।


- कुछ झोलाछापों को नोटिस दिए, एफआईआर दर्ज करना हमारा काम नहीं
इस बारे में एसीएमओ डाॅ. विनोद कुमार का कहना है कि हाल ही में कुछ झोलाछापों को उन्होंने नोटिस जारी किए थे। एफआईआर के लिए भी पुलिस को तहरीर दी थी। मगर कितनों को नोटिस दिए गए वह नहीं बता सके। कहा कि एफआईआर दर्ज करना भी पुलिस का काम है, हमारा नहीं। वो दर्ज करे या नहीं करें। अस्पतालों के रजिस्ट्रेशन टीम के प्रभारी एसीएमओ डाॅ. अश्विन का कहना है कि वह बिजी हैं। दो बजे के बाद बात करेंगे, इसके बाद कॉल रिसीव नहीं की गई।
- झोलाछापों को नोटिस का कवच

सूत्रों के अनुसार, जिले भर में अभी 500 से अधिक झोलाछाप दुकानें चला रहे हैं। मगर उन्हें सिवाय नोटिस के कुछ नहीं दिया जाता। दुकानों में ही बेड लगाकर ड्रिप चढ़ाना और मरीज से मनमाने दाम वसूलने का धंधा चल रहा है। मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ नोटिस ही जारी किया जाता है। झोलाछाप अधिक हालत बिगड़ने पर मरीज को बड़े अस्पताल की तरफ रेफर कर देते हैं। आए दिन जिले में इस तरह के मामले देखे जा सकते है।


समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। कई बार कुछ लोग अस्पतालों को बंद कर चले जाते हैं, जिसके कारण कार्रवाई नहीं हो पाती। मातहतों को फिर से अभियान चलाने को कहा गया है। - डाॅ. संजय अग्रवाल, सीएमओ शामली

- इन्होंने कहा
महिला या फिर अन्य की मौत और शिकायत के बाद ही बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे अस्पतालों पर कार्रवाई करने की जानकारी नहीं है। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जवाब तलब किया जाएगा। साथ ही, झोलाछाप और बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे अस्पतालों पर शिकंजा कसवाया जाएगा। लोगों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। - रविंद्र सिंह, डीएम शामली
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed