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हर मनोकामना को पूरी करती हंै मां बाला सुंदरी
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Mon, 19 Oct 2015 12:18 AM IST
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कैराना। मराठा कालीन प्राचीन सिद्धपीठ महामाया बाला सुंदरी जी का मंदिर अपनी अद्भुत भवन निर्माण कला के लिए दूर दूर तक प्रसिद्ध है। मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी र्गइ, हर मुराद को मां दुर्गा पूरी करती है।
कस्बा कैराना के बनखंडी तालाब के पास सिद्धपीठ महामाया बाला सुंदरी के मंदिर में विराजमान मां दुर्गा अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करती है। यह मंदिर 400 वर्ष पुराना मराठा कालीन है। मंदिर का भवन चूना पत्थर से बना हुआ है। सीपियों से बने पाउडर से प्लास्टर किया गया था।
बाला सुंदरी मंदिर के पुजारी पंडित दिवाकर शास्त्री ने बताया कि प्राचीन समय में पांच दंडी स्वामी बनखंडी महादेव मंदिर में पूजा करते थे। बाला सुंदरी मंदिर निर्माण के पश्चात दंडी स्वामी इस्सोपुर टील से मां जगदंबा की मूर्ति पैदल लेकर आए थे।
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मंदिर के सामने विशाल तालाब है, जो कुछ दशक पूर्व पानी से लबालब रहता था। बाद में पानी सूख गया। दो वर्ष पूर्व श्रद्धालुओं के प्रयास के चलते तालाब में पानी आया है। पिछले दो माह से तालाब में कमल के फूल खिलने शुरू हो गए है।
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कस्बा कैराना के बनखंडी तालाब के पास सिद्धपीठ महामाया बाला सुंदरी के मंदिर में विराजमान मां दुर्गा अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करती है। यह मंदिर 400 वर्ष पुराना मराठा कालीन है। मंदिर का भवन चूना पत्थर से बना हुआ है। सीपियों से बने पाउडर से प्लास्टर किया गया था।
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बाला सुंदरी मंदिर के पुजारी पंडित दिवाकर शास्त्री ने बताया कि प्राचीन समय में पांच दंडी स्वामी बनखंडी महादेव मंदिर में पूजा करते थे। बाला सुंदरी मंदिर निर्माण के पश्चात दंडी स्वामी इस्सोपुर टील से मां जगदंबा की मूर्ति पैदल लेकर आए थे।
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मंदिर के सामने विशाल तालाब है, जो कुछ दशक पूर्व पानी से लबालब रहता था। बाद में पानी सूख गया। दो वर्ष पूर्व श्रद्धालुओं के प्रयास के चलते तालाब में पानी आया है। पिछले दो माह से तालाब में कमल के फूल खिलने शुरू हो गए है।