फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   'Hindi binds the entire nation in one thread'

‘संपूर्ण राष्ट्र को एक सूत्र में बांधती है हिंदी’

Sun, 13 Sep 2020 10:51 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 13 Sep 2020 10:51 PM IST
विज्ञापन
'Hindi binds the entire nation in one thread'
आनंद प्रसाद। - फोटो : SHAMLI
‘संपूर्ण राष्ट्र को एक सूत्र में बांधती है हिंदी’
विज्ञापन

शामली। हिंदी न केवल भाषा है, बल्कि यह हमारी संस्कृति की परिचायक है। यह संपूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधती है। एक माह से चल रहे अमर उजाला के हिंदी हैं हम अभियान के तहत आयोजित वेबिनार में कवियों और साहित्यकारों ने हिंदी की महत्ता को इंगित किया और हिंदी के विकास के लिए अपने महत्वपूर्ण विचार रखे। संचालन ओज के कवि प्रीतम सिंह प्रीतम ने किया। उन्होंने अपनी कविता के जरिए भी हिंदी की महत्ता बताई।
इतिहास, संस्कृति और ज्ञान परंपरा की संवाहक : डा. अमित धर्म सिंह
वेबिनार के मुख्य अतिथि साहित्यकार डा. अमित धर्म सिंह ने कहा कि हिंदी केवल भावों-विचारों की अभिव्यक्ति का ही माध्यम मात्र नहीं अपितु इतिहास, संस्कृति और ज्ञान परंपरा की संवाहक भी होती है। भारत में हिंदी को वह दर्जा प्राप्त है कि वह न सिर्फ बहुसंख्यकों द्वारा बोली व लिखी पढ़ी जाती है। बल्कि राष्ट्र को एकता के सूत्र में भी बांधती है। आज हिंदी में खूब लिखा-पढ़ा जा रहा है, फिल्में बन रही हैं, पत्र-पत्रिकाएं प्रकाशित हो रहीं हैं। इसी का परिणाम है कि हिंदी भाषा भारत देश से चलकर संयुक्त राष्ट्र संघ तक जा पहुंची है। इसके बढ़ते हुए कदमों को अंग्रेजी भाषा के साम्राज्यवादी कदमों से बचाकर चलने की आवश्यकता है, ताकि हिंदुस्तान के इतिहास, साहित्य, संस्कृति, अस्तित्व, अस्मिता और गौरव को भी सुरक्षित एवं संरक्षित रखा जा सके।
विज्ञापन

हिंदी के बिना पूरा राष्ट्र गूंगा है : नीटू कश्यप
हिंदी प्रवक्ता नीटू कश्यप ने कहा कि हिंदी हमारे अस्तित्व का प्रतीक है। हिंदी के बिना पूरा राष्ट्र गूंगा है। जिसने हिंदी के महत्व को जान लिया उसने अपनी संपूर्ण संस्कृति, व्यवस्था विचार, संस्कार व जीवन जीने की कला को सीख लिया। उन्होंने अमर उजाला के हिंदी हैं हम अभियान की सराहना की।
विज्ञापन
विज्ञापन

हिंदी भाषा हिंद के गौरव की पहचान : सुनील अरोरा टम्मी
कवि सुनील अरोरा टम्मी ने कहा कि हिंदी हिंदुस्तान की संस्कृति की संवाहक है, जिसका प्रवाह अनवरत जारी है। हमारी हिंदी भाषा पहले से अधिक मजबूत होकर उभर रही है। इसकी स्वीकार्यता हिंदुस्तान के बाहर देशों में भी पहुंच रही है। हिंदी भाषा हिंद के गौरव की पहचान है।
तकनीक में हिंदी का समावेश आवश्यक : डॉ. अजय बाबू शर्मा
कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. अजय बाबू शर्मा ने कहा कि आज का युग तकनीक का युग है। प्रतिदिन तकनीक में कोई न कोई नई विधा किसी न किसी देश में विकसित होती है। आने वाले समय में मानव जीवन कृत्रिम विवेक जैसी मशीनों पर आधारित होगा। हम भारतीयों को भी हिंदी में बनने वाले एप के साथ आधुनिक तकनीक की धारा के साथ चलना होगा।
हिंदी हैं हम वतन है हिंदुस्तां हमारा : वीना अग्रवाल
14 सितंबर को हिंदी दिवस के दिन देश भर के तमाम संस्थानों में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। हमें केवल इन कार्यक्रमों तक ही सीमित नहीं रहना है, बल्कि हिंदी को जन-जन की भाषा बनाने के लिए इसका प्रयोग करने और कराने पर ध्यान देना है। मन की भाषा, प्रेम की भाषा, हिंदी है भारत जन की भाषा। हिंदी हैं हम, वतन है हिंदुस्तां हमारा।

बिना राष्ट्रभाषा के देश अस्तित्व हीन : आनंद प्रसाद
सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य आनंद प्रसाद ने कहा कि हिंदी के उत्थान के लिए इसकी भूमिकायी स्तर पर स्थापित लोकप्रियता और विषयक ज्ञान को संभालते हुए आधुनिक संसाधनों के साथ लेकर चलना होगा। साथ ही देश के प्रत्येक नागरिक को हिंदी की राष्ट्रीयता को अनुभूत करना होगा, क्योंकि जिस देश की कोई राष्ट्रभाषा ही नहीं, वह तो अस्तित्वहीन है।

वीना अग्रवाल।

वीना अग्रवाल।- फोटो : SHAMLI

डा. अजय बाबू शर्मा।

डा. अजय बाबू शर्मा।- फोटो : SHAMLI

सुनील अरोरा टम्मी।

सुनील अरोरा टम्मी।- फोटो : SHAMLI

नीटू कश्यप।

नीटू कश्यप।- फोटो : SHAMLI

डा. अमित धर्म सिंह।

डा. अमित धर्म सिंह।- फोटो : SHAMLI

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed