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हाईवे पर किसानों का कब्जा
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Tue, 02 Feb 2016 12:47 AM IST
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थानाभवन/झिंझाना। बकाया गन्ना भुगतान और गन्ना मूल्य में वृद्धि को लेकर भाकियू ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर बेमियादी चक्का जाम कर दिया।
वक्ताओं ने प्रदेश सरकार को किसान विरोधी बताया। कहा कि यूपी सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण ही किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच रहा है। उधर, झिंझाना में भी भारतीय किसान यूनियन ने मेरठ करनाल हाईवे पर केरटू में ट्रैफिक जाम कर धरना-प्रदर्शन किया। किसान सड़क पर ही धरना देकर बैठ गए।
सोमवार को दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर गांव हिंड के तिराहे पर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं के साथ किसानों ने चक्का जाम करते हुए बेमियादी धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। बतीसा खाप के बाबा सूरजमल, बाबा श्याम सिंह, बाबा राजवीर सिंह ने कहा कि विगत तीन वर्षों से प्रदेश सरकार ने गन्ने का मूल्य नहीं बढ़ाया। जबकि महंगाई दिन प्रतिदिन बढ़ रही है।
गन्ना उत्पादन में लागत बढ़ रही है और किसानों को गन्ने का वाजिब दाम नहीं मिल रहा है। जिला पंचायत सदस्य मास्टर जाहिद ने कहा कि सरकार और मिल मालिकों की मिलीभगत के कारण ही गन्ने का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है।
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अब मिल वाले इस सत्र का 280 के स्थान पर 230 रुपये का भुगतान शुरू करने की बात कह रहे हैं। बकाया 50 रुपये का भुगतान पता नहीं किसानों को कब मिलेगा। भाकियू के मंडल अध्यक्ष जावेद तोमर ने कहा अब यूनियन आरपार की लड़ाई लड़ेगी। चक्का जाम और धरना मांगे पूरी होने तक चलेगा।
रामदत्त शर्मा की अध्यक्षता और मास्टर जाहिद के संचालन में आयोजित धरने पर अमित निर्वाल, विनोद निर्वाल, अक्षय राणा, प्रदीप त्यागी, अजयवीर त्यागी, हाजी इकराम, सतेंद्र चौधरी, पुष्पेंद्र, मिर्जा अशफाक, विपिन, राजप्रकाश, टीकाराम, जमील प्रधान, पद्म सिंह कैड़ी, डा. प्रमोद, अनिरुद्ध कुमार, अक्षय राणा, डा. संजय, प्रदीप प्रधान, भुट्टू प्रधान, महिपाल, प्रदीप तितावी सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
झिंझाना। सोमवार को गांव केरटू में मेरठ-करनाल हाईवे पर भाकियू पदाधिकारियों और सदस्यों ने सुबह 10 बजे से हाईवे पर ट्रैफिक जाम कर दिया। भाकियू प्रदेश सचिव ओमपाल मलिक के नेतृत्व और उमराव सिंह की अध्यक्षता में जाम लगाया गया। किसानों का कहना था कि विद्युत निगम द्वारा किसानों के खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमे खारिज कराए जाएं।
हरियाणा प्रदेश के समान ही यूपी में गन्ना मूल्य घोषित कराया जाए। जब तक सरकार उनकी बात नहीं मानती है, जाम और प्रदर्शन जारी रहेगा। जाम का नेतृत्व कर रहे ओमपाल मलिक का कहना है कि भाकियू कार्यकर्ताओं के खाने और सोने की व्यवस्था जाम स्थल पर ही कर दी गई है। जब तक मांगे नही मानी जाएंगी, धरना जारी रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से अनिल चौधरी, अजय, राजेंद्र, राजकुमार, मांगेराम, अशोक केरटू, सतपाल, धारा मठरौली, कवरपाल, रामहेर, रामकुमार आदि उपस्थित रहे। मेरठ-करनाल हाईवे पर केरटू में जाम के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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वक्ताओं ने प्रदेश सरकार को किसान विरोधी बताया। कहा कि यूपी सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण ही किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच रहा है। उधर, झिंझाना में भी भारतीय किसान यूनियन ने मेरठ करनाल हाईवे पर केरटू में ट्रैफिक जाम कर धरना-प्रदर्शन किया। किसान सड़क पर ही धरना देकर बैठ गए।
सोमवार को दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर गांव हिंड के तिराहे पर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं के साथ किसानों ने चक्का जाम करते हुए बेमियादी धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। बतीसा खाप के बाबा सूरजमल, बाबा श्याम सिंह, बाबा राजवीर सिंह ने कहा कि विगत तीन वर्षों से प्रदेश सरकार ने गन्ने का मूल्य नहीं बढ़ाया। जबकि महंगाई दिन प्रतिदिन बढ़ रही है।
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गन्ना उत्पादन में लागत बढ़ रही है और किसानों को गन्ने का वाजिब दाम नहीं मिल रहा है। जिला पंचायत सदस्य मास्टर जाहिद ने कहा कि सरकार और मिल मालिकों की मिलीभगत के कारण ही गन्ने का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है।
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अब मिल वाले इस सत्र का 280 के स्थान पर 230 रुपये का भुगतान शुरू करने की बात कह रहे हैं। बकाया 50 रुपये का भुगतान पता नहीं किसानों को कब मिलेगा। भाकियू के मंडल अध्यक्ष जावेद तोमर ने कहा अब यूनियन आरपार की लड़ाई लड़ेगी। चक्का जाम और धरना मांगे पूरी होने तक चलेगा।
रामदत्त शर्मा की अध्यक्षता और मास्टर जाहिद के संचालन में आयोजित धरने पर अमित निर्वाल, विनोद निर्वाल, अक्षय राणा, प्रदीप त्यागी, अजयवीर त्यागी, हाजी इकराम, सतेंद्र चौधरी, पुष्पेंद्र, मिर्जा अशफाक, विपिन, राजप्रकाश, टीकाराम, जमील प्रधान, पद्म सिंह कैड़ी, डा. प्रमोद, अनिरुद्ध कुमार, अक्षय राणा, डा. संजय, प्रदीप प्रधान, भुट्टू प्रधान, महिपाल, प्रदीप तितावी सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
झिंझाना। सोमवार को गांव केरटू में मेरठ-करनाल हाईवे पर भाकियू पदाधिकारियों और सदस्यों ने सुबह 10 बजे से हाईवे पर ट्रैफिक जाम कर दिया। भाकियू प्रदेश सचिव ओमपाल मलिक के नेतृत्व और उमराव सिंह की अध्यक्षता में जाम लगाया गया। किसानों का कहना था कि विद्युत निगम द्वारा किसानों के खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमे खारिज कराए जाएं।
हरियाणा प्रदेश के समान ही यूपी में गन्ना मूल्य घोषित कराया जाए। जब तक सरकार उनकी बात नहीं मानती है, जाम और प्रदर्शन जारी रहेगा। जाम का नेतृत्व कर रहे ओमपाल मलिक का कहना है कि भाकियू कार्यकर्ताओं के खाने और सोने की व्यवस्था जाम स्थल पर ही कर दी गई है। जब तक मांगे नही मानी जाएंगी, धरना जारी रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से अनिल चौधरी, अजय, राजेंद्र, राजकुमार, मांगेराम, अशोक केरटू, सतपाल, धारा मठरौली, कवरपाल, रामहेर, रामकुमार आदि उपस्थित रहे। मेरठ-करनाल हाईवे पर केरटू में जाम के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।