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Shamli News: हरियाणा और यूपी के गुर्गे मिलकर चला रहे ग्रुप
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व्हाट्सएप ग्रुप पर शेयर की गई अधिकारियों की लोकेशन। संवाद
- फोटो : परिजन।
शामली एआरटीओ पर विशेष फोकस, एलआईयू और इंटेलिजेंस भी जांच में जुटी
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जनपद में अफसरों की लोकेशन शेयर करने वाला गिरोह लगातार सक्रिय है। गिरोह ने व्हाट्सएप पर बादशाह रोड लाइन नाम से ग्रुप बनाया हुआ है। ग्रुप में सबसे अधिक शामली, बागपत और हरियाणा के रोहतक, पानीपत के गुर्ग सक्रिय है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस ग्रुप में शामली एआरटीओ की लोकेशन विशेष रूप से शेयर की जा रही है।
इस मामले में अमर उजाला की खबर के बाद जिले के पुलिस प्रशासन में खलबली मची हुई है। एसपी के निर्देश पर अब एलआईयू (स्थानीय खुफिया इकाई) के साथ इंटेलिजेंस विभाग को भी जांच में लगाया गया है।
गिरोह का नेटवर्क ग्रुप बादशाह रोड लाइन में शामली के अलावा मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, बागपत, हरियाणा के पानीपत, करनाल, रोहतक, हिसार, दिल्ली, हापुड़, गाजियाबाद समेत कई जिलों से 62 सदस्य जुड़े हुए हैं। ये सदस्य विभागीय अधिकारियों के वाहनों का पीछा करते हैं, उनके मूवमेंट को रिकॉर्ड करते हैं और व्हाट्सएप ग्रुप में अपडेट करते हैं। बृहस्पतिवार और शुक्रवार को भी अधिकारियों की लोकेशन और वीडियो इस ग्रुप में शेयर किए गए।
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- शामली एआरटीओ पर लगातार नजर
गिरोह की गतिविधियों में शामली एआरटीओ को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है। एक मैसेज में लिखा गया : शामली-मेरठ मार्ग पर एआरटीओ नहीं है। यह दर्शाता है कि वे अधिकारी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं और उनके उपस्थित न होने पर बाकायदा सूचना साझा की जा रही है।
- जांच में जुटा खुफिया तंत्र
एसपी ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एलआईयू और इंटेलिजेंस दोनों को तैनात कर दिया है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही कुछ ठोस सुराग हाथ लग सकते हैं, जिससे गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सकेगा।
विभागीय प्रतिक्रिया पुलिस और एआरटीओ विभाग के अफसरों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां कानून व्यवस्था के लिए भी बड़ा खतरा हैं। इससे अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। इस गिरोह का जल्द ही पर्दाफाश कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उधर, इस बारे में एआरटीओ रोहित राजपूत का कहना है कि वह अभी अपने स्तर से टीम को लगाकर जांच करा रहे हैं। मामले की रिपोर्ट अधिकारियोें को सौंपी जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जनपद में अफसरों की लोकेशन शेयर करने वाला गिरोह लगातार सक्रिय है। गिरोह ने व्हाट्सएप पर बादशाह रोड लाइन नाम से ग्रुप बनाया हुआ है। ग्रुप में सबसे अधिक शामली, बागपत और हरियाणा के रोहतक, पानीपत के गुर्ग सक्रिय है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस ग्रुप में शामली एआरटीओ की लोकेशन विशेष रूप से शेयर की जा रही है।
इस मामले में अमर उजाला की खबर के बाद जिले के पुलिस प्रशासन में खलबली मची हुई है। एसपी के निर्देश पर अब एलआईयू (स्थानीय खुफिया इकाई) के साथ इंटेलिजेंस विभाग को भी जांच में लगाया गया है।
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गिरोह का नेटवर्क ग्रुप बादशाह रोड लाइन में शामली के अलावा मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, बागपत, हरियाणा के पानीपत, करनाल, रोहतक, हिसार, दिल्ली, हापुड़, गाजियाबाद समेत कई जिलों से 62 सदस्य जुड़े हुए हैं। ये सदस्य विभागीय अधिकारियों के वाहनों का पीछा करते हैं, उनके मूवमेंट को रिकॉर्ड करते हैं और व्हाट्सएप ग्रुप में अपडेट करते हैं। बृहस्पतिवार और शुक्रवार को भी अधिकारियों की लोकेशन और वीडियो इस ग्रुप में शेयर किए गए।
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- शामली एआरटीओ पर लगातार नजर
गिरोह की गतिविधियों में शामली एआरटीओ को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है। एक मैसेज में लिखा गया : शामली-मेरठ मार्ग पर एआरटीओ नहीं है। यह दर्शाता है कि वे अधिकारी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं और उनके उपस्थित न होने पर बाकायदा सूचना साझा की जा रही है।
- जांच में जुटा खुफिया तंत्र
एसपी ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एलआईयू और इंटेलिजेंस दोनों को तैनात कर दिया है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही कुछ ठोस सुराग हाथ लग सकते हैं, जिससे गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सकेगा।
विभागीय प्रतिक्रिया पुलिस और एआरटीओ विभाग के अफसरों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां कानून व्यवस्था के लिए भी बड़ा खतरा हैं। इससे अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। इस गिरोह का जल्द ही पर्दाफाश कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उधर, इस बारे में एआरटीओ रोहित राजपूत का कहना है कि वह अभी अपने स्तर से टीम को लगाकर जांच करा रहे हैं। मामले की रिपोर्ट अधिकारियोें को सौंपी जाएगी।

व्हाट्सएप ग्रुप पर शेयर की गई अधिकारियों की लोकेशन। संवाद- फोटो : परिजन।

व्हाट्सएप ग्रुप पर शेयर की गई अधिकारियों की लोकेशन। संवाद- फोटो : परिजन।