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Shamli News: दिल और श्वांस के रोगी बरतें एहतियात, लापरवाही पड़ेगी भारी
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दिल और श्वांस के रोगी बरतें एहतियात, लापरवाही पड़ेगी भारी
शामली। जिले में पड़ रही कड़ाके की ठंड और शीतलहर में दिल और श्वांस के रोगियों को एहतियात बरतने की जरूरत है। इसमें जरा सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। चिकित्सकों का कहना है कि ठंडे मौसम में दिल और श्वांस के रोगियों को ठंड से बचाव के उपाय और खानपान में सावधानी बरतनी चाहिए।
दिसंबर की शुरूआत में ही ठंड बढ़नी शुरू हो गई थी। पिछले एक सप्ताह से तो कड़ाके की ठंड के साथ शीत लहर चल रही है। इस मौसम में दिल और श्वांस के रोगियों के लिए खास सावधानी बरतने की जरूरत होती है। चेस्ट स्पेशलिस्ट एवं कंसलटेंट फिजीशियन डॉ. पंकज गर्ग ने बताया कि ठंड के मौसम में श्वांस की नलियां और मांस पेशियों के सिकुड़ने की आशंका रहती है, जिससे सांस लेने में दिक्कत हो जाती है। ऐसी स्थिति में दिल और श्वांस के रोगी अपनी दवा समय पर लेते रहें। ब्लड प्रेशर व शुगर के मरीजों को भी सावधानी बरतनी चाहिए। दिल के मरीजों को धूम्रपान से परहेज करना चाहिए। सुबह-शाम घर के अंदर ही रहें और वहीं पर योग व व्यायाम करें। उन्होंने बताया कि ठंड बढ़ने से दिल और श्वांस के मरीजों को समस्याएं आती हैं, ऐसे मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं।
सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रामनिवास का कहना है कि ठंड के मौसम में श्वांस के मरीज आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी को सांस लेने में या अन्य कोई परेशानी होती है तो चिकित्सक से सलाह लेकर उपचार कराएं।
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ये बरतें सावधानी
- ठंड में सुबह और शाम घर से बाहर न निकलें।
- श्वांस, दिल, शुगर व ब्लड प्रेशर के मरीज पहले से चल रहीं दवा को मिस न करें और समय पर लेते रहे।
- अजवायन डालकर समय-समय पर भाप लेते रहें।
- गले में खराश हो तो गर्म पानी के गरारे करें।
- ठंडे पानी की जगह गुनगुना पानी पीयें।
- सुबह जल्दी न नहाएं और गर्म पानी में नहाएं।
- हल्का खाना खाएं और घर के अंदर ही योग और व्यायाम करें।
- खानपान में अधिक वसा व नमक वाले भोजन से परहेज करें।
- रेशे धागे वाले कपड़े पहनने से बचे।
- कमरे के अंदर अंगीठी न जलाएं, अगर जलाएं तो सोने से पहले बंद कर दें।
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शामली। जिले में पड़ रही कड़ाके की ठंड और शीतलहर में दिल और श्वांस के रोगियों को एहतियात बरतने की जरूरत है। इसमें जरा सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। चिकित्सकों का कहना है कि ठंडे मौसम में दिल और श्वांस के रोगियों को ठंड से बचाव के उपाय और खानपान में सावधानी बरतनी चाहिए।
दिसंबर की शुरूआत में ही ठंड बढ़नी शुरू हो गई थी। पिछले एक सप्ताह से तो कड़ाके की ठंड के साथ शीत लहर चल रही है। इस मौसम में दिल और श्वांस के रोगियों के लिए खास सावधानी बरतने की जरूरत होती है। चेस्ट स्पेशलिस्ट एवं कंसलटेंट फिजीशियन डॉ. पंकज गर्ग ने बताया कि ठंड के मौसम में श्वांस की नलियां और मांस पेशियों के सिकुड़ने की आशंका रहती है, जिससे सांस लेने में दिक्कत हो जाती है। ऐसी स्थिति में दिल और श्वांस के रोगी अपनी दवा समय पर लेते रहें। ब्लड प्रेशर व शुगर के मरीजों को भी सावधानी बरतनी चाहिए। दिल के मरीजों को धूम्रपान से परहेज करना चाहिए। सुबह-शाम घर के अंदर ही रहें और वहीं पर योग व व्यायाम करें। उन्होंने बताया कि ठंड बढ़ने से दिल और श्वांस के मरीजों को समस्याएं आती हैं, ऐसे मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं।
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सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रामनिवास का कहना है कि ठंड के मौसम में श्वांस के मरीज आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी को सांस लेने में या अन्य कोई परेशानी होती है तो चिकित्सक से सलाह लेकर उपचार कराएं।
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ये बरतें सावधानी
- ठंड में सुबह और शाम घर से बाहर न निकलें।
- श्वांस, दिल, शुगर व ब्लड प्रेशर के मरीज पहले से चल रहीं दवा को मिस न करें और समय पर लेते रहे।
- अजवायन डालकर समय-समय पर भाप लेते रहें।
- गले में खराश हो तो गर्म पानी के गरारे करें।
- ठंडे पानी की जगह गुनगुना पानी पीयें।
- सुबह जल्दी न नहाएं और गर्म पानी में नहाएं।
- हल्का खाना खाएं और घर के अंदर ही योग और व्यायाम करें।
- खानपान में अधिक वसा व नमक वाले भोजन से परहेज करें।
- रेशे धागे वाले कपड़े पहनने से बचे।
- कमरे के अंदर अंगीठी न जलाएं, अगर जलाएं तो सोने से पहले बंद कर दें।