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कोरोना से लड़ाई में कमजोर हो रहा दिल और दिमाग

Sun, 30 May 2021 12:34 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 30 May 2021 12:34 AM IST
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Heart and mind getting weakened in battle with Corona
शामली। कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण के साथ शरीर के अन्य अंगों पर प्रभाव पड़ रहा है, जिसके चलते कोरोना संक्रमण ठीक होने के बाद भी लोगों की मौत होना सामने आ रहा है। चिकित्सकों ने इसकी वजह कोरोना वायरस के प्रभाव से रक्त में क्लोट बनना बताया है। जो मुख्य रूप से दिल, दिमाग और किडनी पर असर डालता है। जिससे हार्टअटैक या ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बन जाता है। जिले में इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं।
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केस एक-
मोहल्ला दयानंद नगर निवासी 45 वर्षीय व्यक्ति को पिछले महीने सात आठ दिन तक बुखार आया। परिजनों ने निजी चिकित्सक के यहां उपचार कराया गया, लेकिन आराम नहीं आया। इसके बाद सांस लेने में परेशानी हुई और ऑक्सीजन लेवल कम होने पर 27 मई को कोविड एल-2 अस्पताल में भर्ती कराया गया। करीब 18 दिन तक अस्पताल में रहे। परिजनों ने बताया कि कोरोना से वह कोरोना से ठीक हो गए थे, लेकिन अचानक सीने में तेज दर्द होने पर 14 मई को उनका निधन हो गया। चिकित्सकों ने हार्ट अटैक से मौत होने की संभावना जताई थी।
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केस दो-
कस्बा कैराना निवासी 39 वर्षीय व्यापारी को कोरोना संक्रमण होने पर पानीपत के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक उनकी जांच रिपोर्ट दो बार निगेटिव आ चुकी थी, लेकिन रक्त में क्लोट बनने के कारण उनका उपचार चल रहा था। शुक्रवार को उनका निधन हो गया। चिकित्सकों ने हार्ट अटैक से मौत होना बताया।
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शरीर के अंगों को प्रभावित कर रहा कोरोना वायरस
सीएचसी शामली के चिकित्साधिकारी डॉ. विजेंद्र कुमार ने बताया कि दूसरी लहर में कोरोना वायरस फेफड़ों में संक्रमण के साथ शरीर के दूसरे अंगों को भी नुकसान पहुंचा रहा है। यह 10 दिन बाद शरीर में निष्क्रिय होने लगता है, लेकिन इसके बाद वायरस के प्रभाव से डिहाइड्रेशन आदि होने लगता है। नसों में रक्त गाढ़ा हो जाता है, जिसे विस्कोसिटी कहते है। इससे रक्त के थक्के बनने का खतरा हो जाता है। नसों में रक्त के थक्के बनने पर यह शरीर के अंगों खासतौर से दिमाग, दिल और किडनी से टकराने लगते है, जिसे ऑरगन स्चीमिया कहा जाता है। थक्का बनने पर ऑक्सीजन की कमी होने लगती है, जिससे ब्रेन स्ट्रोक या हृदयघात होने का खतरा बन जाता है। 30 वर्ष से ज्यादा उम्र के व्यक्ति, हाइपर टेंशन, शुगर आदि के मरीजों को ज्यादा खतरा रहता है। कोरोना से ठीक होने के बाद हार्ट अटैक या ब्रेन स्ट्रोक होने से मौत होने के कई मामले सामने आ चुके हैं।
यह बरते सावधानी
- कोरोना से ठीक होने के बाद एक से डेढ माह तक चिकित्सक के संपर्क में रहें।
- चिकित्सक की सलाह से खून पतला करने की दवा लें।
- शुगर, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के उपाय करते रहें।
- चिकित्सक की सलाह से रक्त संबंधी जांच कराएं।
- हल्का भोजन ले, चिकनाई, तली भुनी खाद्य पदार्थों से परहेज करें।
- रिफाइंड ऑयल, सूजी, मैदा, तेल से बनी चीजें व चीनी का सेवन कम करें।
- बाजार में बनी चीजों का सेवन न करके घर पर बनी चीजों को खाएं।
- चिकित्सक की सलाह के बिना अत्यधिक विटामिन युक्त व स्टेयरॉयड का सेवन न करें।
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