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कोरोना के कारण स्वास्थ्य कार्यक्रम और योजनाएं हुईं प्रभावित
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अलविदा 2020
शामली। साल 2020 स्वास्थ्य के लिहाज से अच्छा नहीं रहा। 10 महीने कोरोना की भेंट चढ़ गए। स्वास्थ्य कार्यक्रमों और योजनाएं प्रभावित हुईं। नई सुविधाएं शुरू नहीं हो सकीं। स्वास्थ्य विभाग का पूरा फोकस कोरोना के ईद गिर्द घूमता रहा। कुल मिलाकर स्वास्थ्य के क्षेत्र में विकास कार्य पटरी से उतरे रहे, जिस कारण मरीजों को उपचार के लिए नई सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो सकी। कोरोना के कारण करीब दो माह तक सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं भी बंद रहीं।
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24 मार्च को मिला था कोरोना का पहला केस
सहारनपुर मंडल का पहला केस शामली में 24 मार्च को मिला था। इसके बाद से लगातार कोरोना के केस जनपद में मिल रहे हैं। अब तक जिले में 193131 लोगों के सैंपल गए हैं, जिनमें 3522 लोग कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं, जबकि 29 लोगों की कोरोना से मौत हुई है। सितंबर महीने में कोरोना पीक पर रहा और एक दिन में सबसे ज्यादा 88 केस आने का रिकार्ड बना। इसके बाद से कोरोना कम होना शुरू हुआ। दिसंबर महीने में कोरोना के केस 10 से कम आ रहे हैं।
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जिला अस्पताल नहीं हुआ चालू
जिला मुख्यालय पर गांव मुंडेट के निकट नहर पटरी पर 100 बेड के जिला अस्पताल के भवन का निर्माण कार्य पूरा हो गया, लेकिन चालू नहीं हो सका। शासन की तरफ से जिला अस्पताल के लिए चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ समेत 127 पद सृजित हुए, लेकिन सीएमएस को छोड़ किसी भी पद पर विशेषज्ञ चिकित्सक या स्टाफ की तैनाती नहीं हो सकी। अस्पताल की साज सज्जा और उपकरण के लिए पांच करोड़ 35 लाख रुपये का बजट जारी हुआ, लेकिन कोई सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी। जिला अस्पताल के भवन में कोविड एल-1 व एल-2 अस्पताल चलाया जा रहा है।
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ड्रग वेयर हाउस और ट्रॉमा सेंटर नहीं बना
शासन की तरफ से मुंडेट के निकट ड्रग वेयर हाउस के लिए और ट्रॉमा सेंटर के लिए थानाभवन के निकट भूमि चिह्नित की गई, लेकिन उनका निर्माण कार्य शुरू न हो सका।
डेंगू के आठ केस मिले
कोरोना की वजह से शहरों, कस्बों से लेकर गांवों तक सैनिटाइजेशन किया जाता रहा और साफ-सफाई के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। इसका असर ये रहा कि संक्रामक रोग ज्यादा नहीं पनप पाए। पिछले साल 2019 में मलेरिया के 97 केस मिले थे जबकि इस बार यह संख्या 30 के आसपास रही। डेंगू के पिछले साल आठ केस मिले थे। इस बार भी आठ केस ही मिलें है।
जन औषधि केंद्र पर दवाओं का टोटा
मरीजों को सस्ती दवा उपलब्ध कराने के लिए हर जिले में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोले गए हैं। शामली में सीएचसी में जन औषधि केंद्र चल रहा है। इस केंद्र पर लगभग 650 तरह की दवाएं होनी चाहिए, लेकिन पिछले करीब डेढ़ साल से दवाएं नहीं आने के कारण यहां पर कुछ ही दवा मिल पाती है।
एंबुलेंस की स्थिति
102 - 15
108 - 11
एएलएस- 02
--
सीचएसी- 07
पीएचसी-24
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ये स्वास्थ्य कार्यक्रम हुए प्रभावित
टीकाकरण अभियान
टीबी रोगी खोजो अभियान
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम
आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने का अभियान
ओपीडी सेवा
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कोरोना की स्थिति
कुल सैंपल- 193131
कुल संक्रमित : 3522
सक्रिय केस : 59
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कोरोना से मौत की स्थिति
कुल मौत- 29
पुरुष -17
महिला- 12
20 साल से कम- 01
21 से 40 साल तक - 06
41 से 60 साल तक - 16
61 साल से अधिक - 06
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शामली। साल 2020 स्वास्थ्य के लिहाज से अच्छा नहीं रहा। 10 महीने कोरोना की भेंट चढ़ गए। स्वास्थ्य कार्यक्रमों और योजनाएं प्रभावित हुईं। नई सुविधाएं शुरू नहीं हो सकीं। स्वास्थ्य विभाग का पूरा फोकस कोरोना के ईद गिर्द घूमता रहा। कुल मिलाकर स्वास्थ्य के क्षेत्र में विकास कार्य पटरी से उतरे रहे, जिस कारण मरीजों को उपचार के लिए नई सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो सकी। कोरोना के कारण करीब दो माह तक सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं भी बंद रहीं।
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24 मार्च को मिला था कोरोना का पहला केस
सहारनपुर मंडल का पहला केस शामली में 24 मार्च को मिला था। इसके बाद से लगातार कोरोना के केस जनपद में मिल रहे हैं। अब तक जिले में 193131 लोगों के सैंपल गए हैं, जिनमें 3522 लोग कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं, जबकि 29 लोगों की कोरोना से मौत हुई है। सितंबर महीने में कोरोना पीक पर रहा और एक दिन में सबसे ज्यादा 88 केस आने का रिकार्ड बना। इसके बाद से कोरोना कम होना शुरू हुआ। दिसंबर महीने में कोरोना के केस 10 से कम आ रहे हैं।
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जिला अस्पताल नहीं हुआ चालू
जिला मुख्यालय पर गांव मुंडेट के निकट नहर पटरी पर 100 बेड के जिला अस्पताल के भवन का निर्माण कार्य पूरा हो गया, लेकिन चालू नहीं हो सका। शासन की तरफ से जिला अस्पताल के लिए चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ समेत 127 पद सृजित हुए, लेकिन सीएमएस को छोड़ किसी भी पद पर विशेषज्ञ चिकित्सक या स्टाफ की तैनाती नहीं हो सकी। अस्पताल की साज सज्जा और उपकरण के लिए पांच करोड़ 35 लाख रुपये का बजट जारी हुआ, लेकिन कोई सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी। जिला अस्पताल के भवन में कोविड एल-1 व एल-2 अस्पताल चलाया जा रहा है।
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ड्रग वेयर हाउस और ट्रॉमा सेंटर नहीं बना
शासन की तरफ से मुंडेट के निकट ड्रग वेयर हाउस के लिए और ट्रॉमा सेंटर के लिए थानाभवन के निकट भूमि चिह्नित की गई, लेकिन उनका निर्माण कार्य शुरू न हो सका।
डेंगू के आठ केस मिले
कोरोना की वजह से शहरों, कस्बों से लेकर गांवों तक सैनिटाइजेशन किया जाता रहा और साफ-सफाई के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। इसका असर ये रहा कि संक्रामक रोग ज्यादा नहीं पनप पाए। पिछले साल 2019 में मलेरिया के 97 केस मिले थे जबकि इस बार यह संख्या 30 के आसपास रही। डेंगू के पिछले साल आठ केस मिले थे। इस बार भी आठ केस ही मिलें है।
जन औषधि केंद्र पर दवाओं का टोटा
मरीजों को सस्ती दवा उपलब्ध कराने के लिए हर जिले में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोले गए हैं। शामली में सीएचसी में जन औषधि केंद्र चल रहा है। इस केंद्र पर लगभग 650 तरह की दवाएं होनी चाहिए, लेकिन पिछले करीब डेढ़ साल से दवाएं नहीं आने के कारण यहां पर कुछ ही दवा मिल पाती है।
एंबुलेंस की स्थिति
102 - 15
108 - 11
एएलएस- 02
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सीचएसी- 07
पीएचसी-24
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ये स्वास्थ्य कार्यक्रम हुए प्रभावित
टीकाकरण अभियान
टीबी रोगी खोजो अभियान
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम
आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने का अभियान
ओपीडी सेवा
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कोरोना की स्थिति
कुल सैंपल- 193131
कुल संक्रमित : 3522
सक्रिय केस : 59
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कोरोना से मौत की स्थिति
कुल मौत- 29
पुरुष -17
महिला- 12
20 साल से कम- 01
21 से 40 साल तक - 06
41 से 60 साल तक - 16
61 साल से अधिक - 06