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Shamli News: गर्भवती महिलाओं की जांच और प्रसव की नहीं सुविधा, ऊन सीएचसी किया जाता है रेफर

Thu, 18 Dec 2025 12:27 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 18 Dec 2025 12:27 AM IST
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health news
ऊन। थानाभवन मार्ग पर गांव पिंडोरा के निकट हथछोया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक की नियुक्ति है, लेकिन गर्भवती महिलाओं की जांच व प्रसव की सुविधा नहीं है। इसकी वजह यह बताई गई कि महिला स्टाफ नर्स की नियुक्ति न होने से गर्भवती महिलाओं को ऊन सीएचसी रेफर किया जाता है।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हथछोया पर स्टाफ में डॉ. शशिकांत, पुरुष स्टाफ नर्स भूपेंद्र, लैब टेक्नीशियन प्रियांश, वार्ड बॉय हरिओम, सफाई कर्मी आशीष की नियुक्ति है, लेकिन महिला स्टाफ नर्स की नियुक्ति नहीं है। इस कारण गर्भवती महिलाओं की जांच और प्रसव की सुविधा उपलब्ध नहीं है। पीएचसी पर आने वाली गर्भवती महिलाओं को चार किलोमीटर दूर ऊन सीएचसी रेफर किया जाता है। पीएचसी पर फार्मासिस्ट की स्थायी नियुक्ति नहीं है। फार्मासिस्ट मोहम्मद बारिक को केरटू पीएचसी से संबद्ध किया गया है। वह सप्ताह में तीन दिन पीएचसी पर आते हैं।
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बुधवार को टीम ने पीएचसी की पड़ताल की तो फार्मासिस्ट न होने से चिकित्सा प्रभारी ही खुद दवाई देते हुए मिले। पीएचसी हथछोया में पिंडोरा, जहांगीरपुर, हथछोया व सांपला आदि गांवों के मरीज आते हैं। लैब टेक्नीशियन प्रियांश सैनी ने बताया पीएससी में रोजाना शुगर, बीपी, एचसीवी, टाइफाइड, मलेरिया, एचआईवी आदि जांच होती है। यहां 25-30 मरीज रोजाना उपचार के लिए आते हैं।
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ये बोले मरीज
पीएचसी पर इलाज कराने आए राजबीर निवासी पिंडोरा ने बताया कि उसको खांसी नजला जुकाम रहता है। इसकी जांच कर दवाई दी गई है। पीएचसी में फार्मासिस्ट का होना बहुत जरूरी है ताकि दवा वितरण में मरीजों को सहूलियत मिल सके।
सोमपाल निवासी सांपला ने बताया कि उसको एलर्जी है। इसकी दवाई उसे चिकित्सक ने दी है। उनका कहना है कि महिला स्टाफ नर्स का होना भी जरूरी है ताकि गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े। अगर किसी गर्भवती महिला को देर रात कोई समस्या आती है, उसके लिए सीएचसी ऊन या जिला अस्पताल जाना पड़ता है।


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कोट
पीएचसी पर मरीजों को बेहतर उपचार दिया जा रहा है। सप्ताह में तीन दिन केरटू से फार्मासिस्ट आते हैं। महिला स्टाफ नर्स की नियुक्ति के लिए उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया जाएगा, जिससे यहां गर्भवती महिलाओं का इलाज हो सके।पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध है।
- डॉ. शशिकांत, चिकित्सा प्रभारी पीएचसी हथछोया।
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