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अब संदिग्ध लक्षण वाले मरीजों के सैंपल की जांच पर फोकस
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कोरोना के लगातार केस बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग हुुआ सतर्क
शामली। जिले में कोरोना के लगातार केस मिलने से स्वास्थ्य विभाग ने सैंपल की जांच करने पर फोकस किया जा रहा है। सरकारी अस्पतालों में आने वाले संदिग्ध लक्षण के मरीजों का सैंपल लिया जा रहा है ताकि जांच में संक्रमण का पता चलने पर समय से उपचार किया जा सके।
जिले में कोरोना संक्रमण पांव पसारता जा रहा है। इस महीने में अब तक लगभग 75 लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। मंगलवार को सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच में कोरोना के दो नए केस मिले हैं। जिले में इस समय कोरोना के 26 केस सक्रिय हैं। लगातार कोरोना के नए केस मिलने पर स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है। स्वास्थ्य विभाग का अब फोकस संदिग्ध लक्षण वाले मरीजों के सैंपल लेने पर बना हुआ है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सैंपल की जांच में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने पर एक तो समय पर उपचार होने से मरीज जल्दी स्वस्थ होगा। दूसरा लाभ ये है कि मरीज का समय पर पता चलने पर उसे आइसोलेट करने से संक्रमण का प्रसार होने से भी रोक लग सकेगी। सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों में जिनमें बुखार के साथ नजला, खांसी व गले में खराश जैसे लक्षण होते हैं, उनका सैंपल लेकर कोरोना की जांच कराई जा रही है। सीएचसी के वरिष्ठ लैब पर्यवेक्षक रोहित कुमार ने बताया कि बुखार और कोरोना के लक्षण मिलते जुलते होते हैं। इसलिए जिले में सीएचसी पर आने वाले जिन मरीजों में कोरोना के संदिग्ध लक्षण होते हैं, उन्हें कोरोना की जांच कराने की सलाह दी जा रही है। ऐसे मरीजों के कोरोना की जांच के लिए सैंपल लिए जा रहे हैं। समय पर जांच व उपचार होने से मरीज जल्दी ठीक होने के साथ संक्रमण के फैलने पर भी काफी हद तक रोक लग सकेगी। मंगलवार को लगभग 1700 लोगों के सैंपल लिए गए, जिनमें 800 सैंपल आरटीपीसीआर जांच को भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना के लक्षण हल्के होने के कारण मरीज घर पर रहकर ही चार-पांच दिन में ठीक हो रहे हैं। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. जाहिद अली त्यागी क कहना है कि लोगों को संदिग्ध लक्षण नजर आने पर कोरोना की जांच करानी चाहिए। सरकारी अस्पतालों में कोरोना की नि:शुल्क जांच की जा रही है।
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शामली। जिले में कोरोना के लगातार केस मिलने से स्वास्थ्य विभाग ने सैंपल की जांच करने पर फोकस किया जा रहा है। सरकारी अस्पतालों में आने वाले संदिग्ध लक्षण के मरीजों का सैंपल लिया जा रहा है ताकि जांच में संक्रमण का पता चलने पर समय से उपचार किया जा सके।
जिले में कोरोना संक्रमण पांव पसारता जा रहा है। इस महीने में अब तक लगभग 75 लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। मंगलवार को सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच में कोरोना के दो नए केस मिले हैं। जिले में इस समय कोरोना के 26 केस सक्रिय हैं। लगातार कोरोना के नए केस मिलने पर स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है। स्वास्थ्य विभाग का अब फोकस संदिग्ध लक्षण वाले मरीजों के सैंपल लेने पर बना हुआ है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सैंपल की जांच में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने पर एक तो समय पर उपचार होने से मरीज जल्दी स्वस्थ होगा। दूसरा लाभ ये है कि मरीज का समय पर पता चलने पर उसे आइसोलेट करने से संक्रमण का प्रसार होने से भी रोक लग सकेगी। सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों में जिनमें बुखार के साथ नजला, खांसी व गले में खराश जैसे लक्षण होते हैं, उनका सैंपल लेकर कोरोना की जांच कराई जा रही है। सीएचसी के वरिष्ठ लैब पर्यवेक्षक रोहित कुमार ने बताया कि बुखार और कोरोना के लक्षण मिलते जुलते होते हैं। इसलिए जिले में सीएचसी पर आने वाले जिन मरीजों में कोरोना के संदिग्ध लक्षण होते हैं, उन्हें कोरोना की जांच कराने की सलाह दी जा रही है। ऐसे मरीजों के कोरोना की जांच के लिए सैंपल लिए जा रहे हैं। समय पर जांच व उपचार होने से मरीज जल्दी ठीक होने के साथ संक्रमण के फैलने पर भी काफी हद तक रोक लग सकेगी। मंगलवार को लगभग 1700 लोगों के सैंपल लिए गए, जिनमें 800 सैंपल आरटीपीसीआर जांच को भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना के लक्षण हल्के होने के कारण मरीज घर पर रहकर ही चार-पांच दिन में ठीक हो रहे हैं। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. जाहिद अली त्यागी क कहना है कि लोगों को संदिग्ध लक्षण नजर आने पर कोरोना की जांच करानी चाहिए। सरकारी अस्पतालों में कोरोना की नि:शुल्क जांच की जा रही है।
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