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पठेड़ गांव में यमुना नदी से हुआ कटान
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कैराना। पिछले दो दिन में यमुना का जलस्तर बढ़कर 229.7 मीटर तक पहुंच गया था। यमुना का पानी उतरने लगा तो पठेड़ में कटान होना शुरू हो गया। इसकी सूचना मिलने पर ड्रेनेज और राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया।
यमुना का जलस्तर बढ़ने के बाद जब भी उतरना शुरू होता है तो यमुना का उतरता पानी अपने साथ जमीन की मिट्टी को भी बहा कर ले जाता है। दो दिन पहले यमुना का जलस्तर बढ़कर 229.7 मीटर पर पहुंच गया था। लेकिन जैसे ही यमुना का जलस्तर धीरे-धीरे कम होना शुरू हुआ तो पठेड में जमीन का कटान शुरू हो गया। पठेड गांव में करीब 400 मीटर का घुमाव है जहां पर यमुना का पानी टक्कर मारता है। इस स्थान पर सबसे ज्यादा कटान होता रहता है।
रविवार को करीब पांच बीघा जमीन का कटान होने पर ड्रेनेज विभाग के अवर अभियंता आशीष कुमार, राजेंद्र कुमार, सहायक अभियंता विनोद कुमार व राजस्व कानूनगो सोहनपाल पठेड़ पहुंचे और यमुना के कारण हुए कटान का निरीक्षण किया। ड्रेनेज विभाग के सहायक अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि कटान की रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
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कटान रोकने के मास्टर प्लान बनेगा, 29 को मेरठ में बैठक
ड्रेनेज विभाग के सहायक अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि गांव पठेड़ यमुना से लगता हुआ गांव है। यहां पर करीब 400 मीटर का घुमाव है, जिस पर यमुना का पानी टक्कर मारता है। यमुना के पानी की टक्कर के कारण जमीन का कटान होता रहता है। विभाग ने 400 मीटर लंबाई का कटान रोकने के लिए मास्टर प्लान का प्रस्ताव तैयार किया है। 29 सितंबर को मेरठ मुख्य अभियंता लेवल एक पर बैठक के दौरान निर्णय लिया जाएगा।
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यमुना का जलस्तर बढ़ने के बाद जब भी उतरना शुरू होता है तो यमुना का उतरता पानी अपने साथ जमीन की मिट्टी को भी बहा कर ले जाता है। दो दिन पहले यमुना का जलस्तर बढ़कर 229.7 मीटर पर पहुंच गया था। लेकिन जैसे ही यमुना का जलस्तर धीरे-धीरे कम होना शुरू हुआ तो पठेड में जमीन का कटान शुरू हो गया। पठेड गांव में करीब 400 मीटर का घुमाव है जहां पर यमुना का पानी टक्कर मारता है। इस स्थान पर सबसे ज्यादा कटान होता रहता है।
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रविवार को करीब पांच बीघा जमीन का कटान होने पर ड्रेनेज विभाग के अवर अभियंता आशीष कुमार, राजेंद्र कुमार, सहायक अभियंता विनोद कुमार व राजस्व कानूनगो सोहनपाल पठेड़ पहुंचे और यमुना के कारण हुए कटान का निरीक्षण किया। ड्रेनेज विभाग के सहायक अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि कटान की रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
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कटान रोकने के मास्टर प्लान बनेगा, 29 को मेरठ में बैठक
ड्रेनेज विभाग के सहायक अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि गांव पठेड़ यमुना से लगता हुआ गांव है। यहां पर करीब 400 मीटर का घुमाव है, जिस पर यमुना का पानी टक्कर मारता है। यमुना के पानी की टक्कर के कारण जमीन का कटान होता रहता है। विभाग ने 400 मीटर लंबाई का कटान रोकने के लिए मास्टर प्लान का प्रस्ताव तैयार किया है। 29 सितंबर को मेरठ मुख्य अभियंता लेवल एक पर बैठक के दौरान निर्णय लिया जाएगा।