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हरियाणा ने रोका यूपी के किसानों का गेहूं 

Sat, 20 Apr 2019 11:14 PM IST
NAVEEN GUPTA amarujala
amarujala Published by: NAVEEN GUPTA Updated Sat, 20 Apr 2019 11:14 PM IST
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hariyaana ne roka up ke kisaano ka wheat
file - फोटो : amarujala
 हरियाणा के करनाल में आढ़तियों को गेहूं बेचने जा रहे शामली के किसानों का गेहूं हरियाणा प्रशासन ने बॉर्डर पर रोक दिया। काफी प्रयास के बाद भी किसानों का गेहूं नहीं जाने दिया गया । गुस्साए किसानों ने वहां जाम लगा दिया। शाम तक किसान अपने वाहन लिए बॉर्डर पर ही जमे थे, जिससे हाईवे पर जाम लग गया। वाहनों की लंबी कतार के कारण मुसाफिरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। डीएम ने ऊन तहसील , खाद्य विभाग के अफसरों को मौके पर भेजा, लेकिन किसान नहीं माने। देर रात तक किसानों को समझाने के प्रयास जारी थे।
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हरियाणा के करनाल में गेेहूं की बड़ी मंडी है। हरियाणा से सटे शामली जनपद के आसपास के गांव, कस्बों के किसान वहां की मंडी के आढ़तियों से सीजन से पहले ही खाद, बीज या नगद रुपया ले लेते हैं। फसल तैयार होने पर उनके यहां जाकर बेच देते हैं। सैकड़ों किसान ऐसा करते हैं। हालांकि यूपी और हरियाणा में गेहूं खरीद का भाव एक है। इसलिए यहां के किसान यूपी के क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने की वजह वहां जाकर अपने आढ़तियों को देते हैं। इसी तरह किसान शनिवार को अपना गेहूं ट्रैक्टर ट्रॉलियों में लादकर बेचने के लिए करनाल जा रहे थे । शनिवार शाम को अचानक हरियाणा बॉर्डर पर बिडौली चेकपोस्ट से आगे हरियाणा पुलिस ने यहां के किसानों के गेहूं से भरे वाहनों को रोक लिया। किसानों को बताया गया कि पहले हरियाणा की मंडी और आढ़तियों के यहां पहले हरियाणा के किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा। इसके बाद ही बाहर के किसानों का। इसी वजह से सरकारी आदेश के चलते वाहनों को रोका जा रहा है। इस पर यूपी के किसान बिफर पड़े । उन्होंने वहां अपने वाहन खड़े कर दिए। कहा कि गेहूं लिए जाने तक यहां से नहीं जाएंगे। हाईवे पर वाहनों का जाम लग गया। डीएम अखिलेश सिंह ने ऊन तहसीलदार चंद्रकला, डिप्टी आरएमओ निहारिका आदि अधिकारियों को मौके पर भेजा। डिप्टी आरएमओ ने रात को बताया कि किसानों को समझाया गया है कि वे जिले के क्रय केंद्र पर अपना गेहूं बेच दें। 48  से 72 घं्टे में भुगतान के पूरे प्रयास किए जाएंगे। हमारे यहां समर्थन मूल्य पर 20 रुपये अतिरिक्त भी मिल रहे हैं, लेकिन किसान नहीं माने। देर रात तक वहां यूपी के गेहूं से लदे वाहनों को एक साइड में करा दिया गया था। बाकी वाहनों को निकालने के प्रयास चल रहे थे। डीएम अखिलेश सिंह ने बताया कि करनाल के डीसी से बात की है। उन्होंने बताया कि उनके यहां शासन का आदेश है कि पहले हरियाणा के किसानों का ही गेहूं सरकारी केंद्र और आढ़ती खरीदेंगे। 
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क्या कहते हैं यहां के किसान 
किसान हरेंद्र निवासी गांव पिंडौरा, ओमपाल, बिटटू नौनांगली के अलावा सुशील निवासी गांव केरटू ने बताया की हरियाणा के आढ़तियों से फसल बोने के लिए पेशगी ली हुई है। उसके बदले अब गेहूं वहां बेचना है, लेकिन उनका गेहूं रोक दिया गया है । समस्या का समाधान नहीं होगा वे लोग यहां से नहीं जाएंगे। उधर, डीएम अखिलेश सिंह ने किसानों से अपील की है वे जनपद के सरकारी गेहूं खरीद केंद्र पर अपना गेहूं बेचें। वे एक दो दिन में ही भुगतान के प्रयास करेंगे। इसका भुगतान लेने के बाद वे हरियाणा के आढ़तियों से ली गई अपनी पेशगी दे सकते हैं।  
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