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Shamli News: मोरक्को, अफगानिस्तान से हैंडलरों का मिल रही मदद
Sat, 13 Jan 2024 01:45 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 13 Jan 2024 01:45 AM IST
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शामली। आईएसआई एजेंट तहसीम की गिरफ्तारी के बाद जांच में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। आईएसआई हैंडलर दिलशाद मिर्जा, इकबाल काना के बाद अब कैराना का शाहिद आईएसआई का आका बन बैठा है। आईएसआई से जुड़े हैंडलकर और एजेंट उसकी अंगुलियों पर नाचते हैं। दुबई, मोरक्को, अफगानिस्तान आदि में रहकर भी शाहिद आईएसआई सदस्यों की फौज तैयार कर रहा है। जांच में पता चला है कि आईएसआई एजेंटों को विदेशी डाॅन और नामचीन बदमाशों का भी पूरा सहयोेग मिल रहा है।
तहसीम की नकली नोट सप्लाई, हथियार सप्लाई करने में मदद करने वाला आईएसआई हैंडलर शाहिद भी शामली के कैराना का रहने वाला है। वह कैराना के आईएसआई हैंडलर दिलशाद मिर्जा, इकबाल काना के संपर्क में आकर भारत में आईएसआई एजेंट तैयार कर रहा है। तहसीम ने बताया कि अब शाहिद खुद भी आईएसआई का आका बन बैठा है। उसे आका के नाम से पुकारा जाता है। मोरक्को, दुबई, अफगानिस्तान में वहां के डॉन, नामचीन बदमाश से संरक्षण के कारण वह अक्सर विदेशों में जाता रहता है और भारत में युवाओं को अमीर बनाने के सब्जबाग दिखाते हुए अपने साथ जोड़कर व्हाट्सएप के माध्यम से मोटीवेट करता है। जब भी वह विदेश में जाता है, वहां के डाॅन पूरी मदद करते हैं। जांच में पता चला है कि आईएसआई हैंडलर हमीदा, दिलशाद मिर्जा और इकबाल काना भी विदेशों में शरण लेते रहते हैं। हालांकि, अब पाकिस्तान में है।
लग्जरी गाड़ियों के शौकिन हैं आईएसआई एजेंट
जांच में पता चला है कि आईएसआई एजेंट तहसीम हो या फिर शाहिद, दिलशाद मिर्जा, इकबाल काना पहले से ही लग्जरी गाड़ियों को रखने का शौक रखते हैं। एसटीएफ के एएसपी बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि तहसीम पर भी जेल जाने से पहले चार कार थी, जिसमें वह घूमता था। जेल जाने के बाद कारों को बेच दिया था, ताकि किसी को शक न हो।
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असमंजस में पुलिस और एसटीएफ, हैंडलरों को पाकिस्तान से कैसे पकड़े ?
पुलिस और एसटीएफ आईएसआई से जुड़े एजेंटों को तो समय-समय पर पकड़ती रहती है। मगर पाकिस्तान और विदेशाें में बैठे हैंडलरों तक उनके हाथ नहीं पहुंच पाते। एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि पाकिस्तान सरकार भारत का सहयोग नहीं करती है। जिसके कारण आशंका रहती है कि यदि पुलिस हैंडलरों को पकड़ने के लिए गई तो उन्हें वहां पर किसी झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल में डाल दिया जाएगा। इसलिए पाकिस्तान जाकर उन्हें गिरफ्तार करने की हिम्मत कोई नहीं जुटा पाता।
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तहसीम की नकली नोट सप्लाई, हथियार सप्लाई करने में मदद करने वाला आईएसआई हैंडलर शाहिद भी शामली के कैराना का रहने वाला है। वह कैराना के आईएसआई हैंडलर दिलशाद मिर्जा, इकबाल काना के संपर्क में आकर भारत में आईएसआई एजेंट तैयार कर रहा है। तहसीम ने बताया कि अब शाहिद खुद भी आईएसआई का आका बन बैठा है। उसे आका के नाम से पुकारा जाता है। मोरक्को, दुबई, अफगानिस्तान में वहां के डॉन, नामचीन बदमाश से संरक्षण के कारण वह अक्सर विदेशों में जाता रहता है और भारत में युवाओं को अमीर बनाने के सब्जबाग दिखाते हुए अपने साथ जोड़कर व्हाट्सएप के माध्यम से मोटीवेट करता है। जब भी वह विदेश में जाता है, वहां के डाॅन पूरी मदद करते हैं। जांच में पता चला है कि आईएसआई हैंडलर हमीदा, दिलशाद मिर्जा और इकबाल काना भी विदेशों में शरण लेते रहते हैं। हालांकि, अब पाकिस्तान में है।
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लग्जरी गाड़ियों के शौकिन हैं आईएसआई एजेंट
जांच में पता चला है कि आईएसआई एजेंट तहसीम हो या फिर शाहिद, दिलशाद मिर्जा, इकबाल काना पहले से ही लग्जरी गाड़ियों को रखने का शौक रखते हैं। एसटीएफ के एएसपी बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि तहसीम पर भी जेल जाने से पहले चार कार थी, जिसमें वह घूमता था। जेल जाने के बाद कारों को बेच दिया था, ताकि किसी को शक न हो।
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असमंजस में पुलिस और एसटीएफ, हैंडलरों को पाकिस्तान से कैसे पकड़े ?
पुलिस और एसटीएफ आईएसआई से जुड़े एजेंटों को तो समय-समय पर पकड़ती रहती है। मगर पाकिस्तान और विदेशाें में बैठे हैंडलरों तक उनके हाथ नहीं पहुंच पाते। एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि पाकिस्तान सरकार भारत का सहयोग नहीं करती है। जिसके कारण आशंका रहती है कि यदि पुलिस हैंडलरों को पकड़ने के लिए गई तो उन्हें वहां पर किसी झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल में डाल दिया जाएगा। इसलिए पाकिस्तान जाकर उन्हें गिरफ्तार करने की हिम्मत कोई नहीं जुटा पाता।