किसान विरोधी अध्यादेश वापस ले सरकार
शामली। रालोद-भाकियू लोक शक्ति, समेत कई संगठनों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और तहसीलदार सदर को सौंपे। रालोद ने किसान विरोधी अध्यादेश निरस्त करने, भाकियू लोक शक्ति ने बकाया गन्ना भुगतान ब्याज समेत दिलाए जाने, पानीपत खटीमा मार्ग पर किसानों को उचित मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
शुक्रवार को रालोद छात्र सभा के जिला महासचिव राजन जावला के नेतृत्व में रालोद कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शन करते हुए तहसीलदार अशोक कुमार सिंह को सौंपकर किसान विरोधी तीनों अध्यादेशों को किसान विरोधी बताकर लागू न किए जाने की मांग की है। पहले अध्यादेश लागू होने के बाद मंडी के द्वारा किसानों की फसल की खरीद बिक्री नहीं हुई तो एसएम पी रेट सरकार लागू नहीं कर पाएगी। जिससे किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा। किसान विरोधी अध्यादेश लागू होने से सरकार भंडारण की सीमा खत्म कर देगी। कांटेक्ट फार्मिग अध्यादेश आने के बाद औद्योगिक घराने खेती कर पाएंगे। छोटे किसान अपनी भूमि पर बडे़ किसानों के नौकर बन जाएंगे। तीनों अध्यादेशों को वापस लेने की मांग की है। वापस न लिए जाने पर रालोद कार्यकर्ताओं ने आंदोलन की चेतावनी दी है। मौके पर घनश्याम शर्मा, सन्नी, सौरभ, फरमान, मोनू, कुलदीप अभिमन्यु जावला आदि मौजूद रहे।