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किसानों का अहित अहित हुआ तो सरकार भुगतेगी खामियाजा: नरेश टिकैत

Tue, 28 Dec 2021 12:18 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 28 Dec 2021 12:18 AM IST
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Government will bear the brunt if farmers are harmed: Naresh Tikait
शामली कलक्ट्रेट में आयोजित पंचायत में शामिल होने पहुंचे भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत? - फोटो : SHAMLI
शामली। दिल्ली- देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे किसान संघर्ष समिति ने मुआवजा बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार को कलक्ट्रेट परिसर में एक दिवसीय धरना दिया। छह घंटे तक चले धरने के बाद एसडीएम सदर बृजेश कुमार सिंह को मुख्यमंत्री के नाम दस सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। धरना खत्म होने के बाद कलक्ट्रेट पहुंचे भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों का अहित करने की बिल्कुल न सोचे। ऐसा हुआ तो सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। सरकार किसानों का पिछले और मौजूदा सत्र का बकाया गन्ना भुगतान चीनी मिलों से कराए।
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दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष ठाकुर वीर सिंह और सचिव विदेश मलिक ने कहा कि किसानों को मुआवजा वर्ष 2014-15 के आधार पर दिया जा रहा है। जिससे किसानों का बड़ा नुकसान होगा। सर्किल रेट में बढ़ोत्तरी करके किसानों को मुआवजा दिया जाए। नलकूप, फलदार वृक्ष, नलकूप का कमरा आदि का उचित मुआवजा दिया जाए। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सर्विस रोड, प्रत्येक चक पर रास्ता, चक मार्ग पर अंडरपास, सिंचाई हेतु नाली, पाइप लाइन की सुविधा दी जाए। खेतों में खड़ी फसल का मुआवजा, हाईवे की जद में अधिग्रहण से बची भूमि का अतिरिक्त मुआवजा, प्रभावित किसान परिवार के सदस्य को नौकरी या एकमुश्त धनराशि दिए जाने व अधिग्रहण की गई भूमि का अवार्ड दोबारा कराए जाने और टोल ग्रीन कार्ड व स्टांप ड्यूटी में छूट दिए जाने की मांग की। धरने की अध्यक्षता हसनपुर थांबेदार महीपाल सिंह ने की।
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धरना समाप्त होने के बाद पहुंचे टिकैत
भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत धरना समाप्त होने के बाद पहुंचे। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र और यूपी की सरकार किसानों का अहित करने की बिल्कुल न सोचे। प्रशासन, शासन, प्रदेश और केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि किसानों की समस्याओं का समाधान करे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में किसानों के कम मुआवजा का मुद्दा भाकियू ने उठाया। भाकियू नेताओं को जेल जाना पड़ा था। बकाया गन्ना भुगतान मुद्दे पर उन्होंने कहा कि बजाज समेत अन्य चीनी मिलें पिछले सत्र का बकाया गन्ना भुगतान क्यों नही कर रही हैं। किसानों को 14 दिन में गन्ने का भुगतान न होने पर ब्याज नहीं दिया जा रहा है। केंद्र व प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी है कि चीनी मिलों से 14 दिन में भुगतान कराए। प्रधानमंत्री 14 दिन में बकाया गन्ना भुगतान कराने की बात कर चुके हैं।
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इस मौके पर भाकियू प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक, बहावड़ी थांबेदार श्याम सिंह, शौकेंद्र भैंसवाल, संजय कालखंडे, किसान यूनियन के अध्यक्ष सवित मलिक, भाकियू जिलाध्यक्ष कपिल खाटियान, जिला पंचायत के पूर्व सदस्य अनिल टीनू, शेर सिंह राणा, रणधावा मलिक, देवराज पहलवान, राजन जावला आदि मौजूूद रहे।
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