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‘किसानों के प्रति सरकार की संवेदनाएं हुईं खत्म’
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कैराना के जहानपुरा में किसानो के बीच बोलते भाकियू के यूवा राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव टिकैत
- फोटो : SHAMLI
कैराना (शामली)। भाकियू के राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष गौरव टिकैत ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकारें किसानों के प्रति संवेदनहीन बनी है। नए तीन कृषि कानून लागू होने से किसान अपनी जमीन पर सिर्फ मजदूर बनकर रह जाएगा। उन्होंने किसानों से मुजफ्फरनगर में पांच सितंबर की संयुक्त किसान मोर्चा की किसान महापंचायत में बड़ी संख्या में पहुंचने का आह्वान किया।
शुक्रवार को गांव जहानपुरा में चौपाल पर किसानों की पंचायत हुई। गौरव टिकैत ने कहा कि मौजूदा समय में जो सरकार हैं, उसकी किसानों के प्रति सारी संवेदनाएं खत्म हो चुकी हैं। पांच सितंबर को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर मुजफ्फरनगर में आयोजित होने वाली किसान महापंचायत में जो भी निर्णय लिया जाएगा। उसको हर किसान-मजदूर मानेंगे। देश की आजादी की लड़ाई के लिए देश के जवान अंग्रेजों से लड़ाई लड़ रहे थे, लेकिन अब जो किसान आंदोलन कर रहे हैं वे देश गुलाम न हो इसलिए लड़ाई लड़ रहे हैं।
उन्होंने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों की 2022 तक आमदनी दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन नए तीन कृषि कानून लाकर किसानों को बड़े व्यापारियों के हाथ लुटवाना चाहती है। नए कृषि कानूनों के जरिए व्यापारी किसान की जमीन पर लोन लेगा और किसान केवल अपनी जमीन पर मजदूर बनकर रह जाएगा।
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हरियाणा के युवा प्रदेश अध्यक्ष रवि आजाद ने कहा मुजफ्फरनगर की महापंचायत के बाद आंदोलन देश में पूरी ताकत के साथ चलेगा। यह फसल और नस्ल को बचाने का आंदोलन है। दिल्ली से किसान की लाशें तो आ सकती है, लेकिन यह लड़ाई जीते बिना किसान अपने घर वापस नहीं आएगा। 2022 में उत्तर प्रदेश तथा 2024 में केंद्र की भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने का काम किसान करेगा। उन्होंने मुजफ्फरनगर की किसान महापंचायत में हरियाणा से बड़ी संख्या में किसानों के पहुंचने की बात कही।
मौके पर मैनपाल चौहान, संजीव राठी, कपिल खाटियान, मास्टर जाहिद, रविंद्र राणा, अब्बास, मनव्वर चौहान, कुलदीप पंवार, भंवर सिंह, कंवर पाल, नादिर चौधरी ने किसान महापंचायत में अधिक से अधिक किसानों को पहुंचने का आहवान किया। पंचायत का संचालन डॉ. शबाब सिद्दकी ने किया।
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कोई विरोध नहीं, सब साथ हैं
कैराना। किसान पंचायत में जहानपुरा पहुंचे गौरव टिकैत से जब पूछा गया कि गठवाला खाप मुजफ्फरनगर की महापंचायत को टिकैत पंचायत बताकर पंचायत में न जाने की बात कह रही हैं। जिस पर गौरव टिकैत ने कहा कि कोई विरोध नहीं कर रहा, सब साथ हैं। यह किसान के मान सम्मान स्वाभिमान की लड़ाई है। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान महापंचायत कराई जा रही है। भारतीय किसान यूनियन भी उसका एक मेंबर है। भाजपा का विरोध किया जा रहा है। इसको मीडिया तोड़ मरोड़ कर पेश न करें।
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शुक्रवार को गांव जहानपुरा में चौपाल पर किसानों की पंचायत हुई। गौरव टिकैत ने कहा कि मौजूदा समय में जो सरकार हैं, उसकी किसानों के प्रति सारी संवेदनाएं खत्म हो चुकी हैं। पांच सितंबर को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर मुजफ्फरनगर में आयोजित होने वाली किसान महापंचायत में जो भी निर्णय लिया जाएगा। उसको हर किसान-मजदूर मानेंगे। देश की आजादी की लड़ाई के लिए देश के जवान अंग्रेजों से लड़ाई लड़ रहे थे, लेकिन अब जो किसान आंदोलन कर रहे हैं वे देश गुलाम न हो इसलिए लड़ाई लड़ रहे हैं।
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उन्होंने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों की 2022 तक आमदनी दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन नए तीन कृषि कानून लाकर किसानों को बड़े व्यापारियों के हाथ लुटवाना चाहती है। नए कृषि कानूनों के जरिए व्यापारी किसान की जमीन पर लोन लेगा और किसान केवल अपनी जमीन पर मजदूर बनकर रह जाएगा।
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हरियाणा के युवा प्रदेश अध्यक्ष रवि आजाद ने कहा मुजफ्फरनगर की महापंचायत के बाद आंदोलन देश में पूरी ताकत के साथ चलेगा। यह फसल और नस्ल को बचाने का आंदोलन है। दिल्ली से किसान की लाशें तो आ सकती है, लेकिन यह लड़ाई जीते बिना किसान अपने घर वापस नहीं आएगा। 2022 में उत्तर प्रदेश तथा 2024 में केंद्र की भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने का काम किसान करेगा। उन्होंने मुजफ्फरनगर की किसान महापंचायत में हरियाणा से बड़ी संख्या में किसानों के पहुंचने की बात कही।
मौके पर मैनपाल चौहान, संजीव राठी, कपिल खाटियान, मास्टर जाहिद, रविंद्र राणा, अब्बास, मनव्वर चौहान, कुलदीप पंवार, भंवर सिंह, कंवर पाल, नादिर चौधरी ने किसान महापंचायत में अधिक से अधिक किसानों को पहुंचने का आहवान किया। पंचायत का संचालन डॉ. शबाब सिद्दकी ने किया।
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कोई विरोध नहीं, सब साथ हैं
कैराना। किसान पंचायत में जहानपुरा पहुंचे गौरव टिकैत से जब पूछा गया कि गठवाला खाप मुजफ्फरनगर की महापंचायत को टिकैत पंचायत बताकर पंचायत में न जाने की बात कह रही हैं। जिस पर गौरव टिकैत ने कहा कि कोई विरोध नहीं कर रहा, सब साथ हैं। यह किसान के मान सम्मान स्वाभिमान की लड़ाई है। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान महापंचायत कराई जा रही है। भारतीय किसान यूनियन भी उसका एक मेंबर है। भाजपा का विरोध किया जा रहा है। इसको मीडिया तोड़ मरोड़ कर पेश न करें।