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Shamli News: राजकीय और एडेड कॉलेज शिक्षकों की कमी से जूझ रहे
Sun, 17 May 2026 12:49 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sun, 17 May 2026 12:49 AM IST
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शामली। जनपद के राजकीय और एडेड हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में शिक्षकों की भारी कमी है। ज्यादातर स्कूलों में गणित, अंग्रेजी, विज्ञान और हिंदी के शिक्षक नहीं है। जनपद के चार राजकीय इंटर कॉलेज ऐसे भी है, जो एक-एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं।
जनपद में पहले 20 राजकीय स्कूल काॅलेज संचालित थे, लेकिन पिछले सत्र में पांच और राजकीय इंटर कॉलेज शुरू होने के बाद इनकी संख्या अब 25 हो गई है। इसमें आठ हाईस्कूल और 16 इंटर कॉलेज संचालित है। राजकीय इंटर काॅलेज मसावी, राजकीय इंटर कॉलेज पलठेड़ी, राजकीय इंटर कॉलेज हसनपुर लुहारी, राजकीय इंटर कॉलेज हरड़ फतेहपुर केवल एक-एक शिक्षक के भरोसे ही संचालित हो रहे हैं। कांधला राजकीय इंटर कॉलेज में 1800 से ऊपर छात्र-छात्राओं की संख्या है। यहां पर केवल चार ही शिक्षक मौजूद है। स्कूल में हिंदी, अंग्रेजी के शिक्षक नहीं है।
राजकीय इंटर काॅलेज कमालपुर में लगभग 300 छात्र-छात्रा है। यहां केवल एक पीटीआई और एक इंचार्ज प्रधानाचार्य तैनात हैं, जबकि कॉलेज में विज्ञान वर्ग से भी पढ़ाई कराई जाती है। राजकीय इंटर कॉलेज उमरपुर में लगभग 300 छात्र-छात्राओं पर केवल दो ही शिक्षक है। अन्य स्कूल, कॉलेजों में भी यही स्थिति है। संवाद
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एडेड कॉलेजों में भी 100 शिक्षकाें की कमी
जनपद में 30 एडेड माध्यमिक स्कूल संचालित है। कई स्कूलों में अंग्रेजी, हिंदी जैसे मुख्य विषयों के शिक्षक तक नहीं है। स्कूलों में पढ़ाई के नाम पर केवल खानापूर्ति ही हो रही है। सभी कॉलेजों में मिलाकर लगभग 100 शिक्षकों की कमी चल रही है। शहर के देशभक्त इंटर कॉलेज में अंग्रेजी विषय का शिक्षक नहीं है। शहर के जैन कन्या इंटर कॉलेज में रसायन विज्ञान विषय का शिक्षक नहीं है। शहर के बिग्रेडियर होशियार सिंह इंटर कॉलेज में हिंदी और सामाजिक विषय का शिक्षक नहीं है।
शिक्षकों का यह है नियम
नियमानुसार सभी राजकीय हाईस्कूलों में कम से कम सात सहायक शिक्षक और एक प्रधानाचार्य की तैनाती होनी चाहिए। वहीं राजकीय इंटर कॉलेजों में कम से कम 17 शिक्षकों की तैनाती होनी चाहिए। इसमें कम से कम आठ प्रवक्ता और आठ सहायक अध्यापक के साथ ही एक प्रधानाचार्य की तैनाती नियमानुसार होनी चाहिए।
जनपद के अधिकतर राजकीय कॉलेजों में शिक्षकों की कमी है। शासन को रिक्त पदों का ब्योरा भेजा गया है। वर्तमान में प्रवक्ता पदों के लिए भर्ती संचालित है। जल्द ही शिक्षकों के मिलने की उम्मीद है। - ऐश्वर्या जायसवाल, डीआईओएस
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जनपद में पहले 20 राजकीय स्कूल काॅलेज संचालित थे, लेकिन पिछले सत्र में पांच और राजकीय इंटर कॉलेज शुरू होने के बाद इनकी संख्या अब 25 हो गई है। इसमें आठ हाईस्कूल और 16 इंटर कॉलेज संचालित है। राजकीय इंटर काॅलेज मसावी, राजकीय इंटर कॉलेज पलठेड़ी, राजकीय इंटर कॉलेज हसनपुर लुहारी, राजकीय इंटर कॉलेज हरड़ फतेहपुर केवल एक-एक शिक्षक के भरोसे ही संचालित हो रहे हैं। कांधला राजकीय इंटर कॉलेज में 1800 से ऊपर छात्र-छात्राओं की संख्या है। यहां पर केवल चार ही शिक्षक मौजूद है। स्कूल में हिंदी, अंग्रेजी के शिक्षक नहीं है।
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राजकीय इंटर काॅलेज कमालपुर में लगभग 300 छात्र-छात्रा है। यहां केवल एक पीटीआई और एक इंचार्ज प्रधानाचार्य तैनात हैं, जबकि कॉलेज में विज्ञान वर्ग से भी पढ़ाई कराई जाती है। राजकीय इंटर कॉलेज उमरपुर में लगभग 300 छात्र-छात्राओं पर केवल दो ही शिक्षक है। अन्य स्कूल, कॉलेजों में भी यही स्थिति है। संवाद
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एडेड कॉलेजों में भी 100 शिक्षकाें की कमी
जनपद में 30 एडेड माध्यमिक स्कूल संचालित है। कई स्कूलों में अंग्रेजी, हिंदी जैसे मुख्य विषयों के शिक्षक तक नहीं है। स्कूलों में पढ़ाई के नाम पर केवल खानापूर्ति ही हो रही है। सभी कॉलेजों में मिलाकर लगभग 100 शिक्षकों की कमी चल रही है। शहर के देशभक्त इंटर कॉलेज में अंग्रेजी विषय का शिक्षक नहीं है। शहर के जैन कन्या इंटर कॉलेज में रसायन विज्ञान विषय का शिक्षक नहीं है। शहर के बिग्रेडियर होशियार सिंह इंटर कॉलेज में हिंदी और सामाजिक विषय का शिक्षक नहीं है।
शिक्षकों का यह है नियम
नियमानुसार सभी राजकीय हाईस्कूलों में कम से कम सात सहायक शिक्षक और एक प्रधानाचार्य की तैनाती होनी चाहिए। वहीं राजकीय इंटर कॉलेजों में कम से कम 17 शिक्षकों की तैनाती होनी चाहिए। इसमें कम से कम आठ प्रवक्ता और आठ सहायक अध्यापक के साथ ही एक प्रधानाचार्य की तैनाती नियमानुसार होनी चाहिए।
जनपद के अधिकतर राजकीय कॉलेजों में शिक्षकों की कमी है। शासन को रिक्त पदों का ब्योरा भेजा गया है। वर्तमान में प्रवक्ता पदों के लिए भर्ती संचालित है। जल्द ही शिक्षकों के मिलने की उम्मीद है। - ऐश्वर्या जायसवाल, डीआईओएस