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Shamli News: धूमधाम से मनाया गोवर्धन लीला उत्सव
Mon, 15 Jun 2026 12:21 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Mon, 15 Jun 2026 12:21 AM IST
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हनुमानधाम अग्रसैन बरातघर में कथा सुनाते तेजस्वी दास महाराज। स्रोत आयोजक
शामली। कथा व्यास तेजस्वी दास महाराज ने कहा कि भगवान का गोवर्धन पर्वत को उठाना उनकी शक्तियों की एक छोटी सी झलक है। भगवान में असीम बल होता है।
शहर के हनुमान टीला पर पुरुषोत्तम मास के अवसर पर रविवार को श्रीमदभागवत कथा (निर्गुण पारायण) सुनाते हुए तेजस्वी दास जी महाराज ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने सात वर्ष की आयु में गोवर्धन पर्वत को उठाकर इंद्र द्वारा की गई वर्षा से ब्रजवासियों की रक्षा की। इस अवसर पर गोवर्धन लीला उत्सव मनाया गया।
उन्होंने बताया कि गीता और भागवत के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का कभी जन्म नहीं होता। भगवान अपनी इच्छा से लीला करने के लिए इस धरती पर आते हैं और अपनी इच्छा से वापस अपने धाम चले जाते हैं। जो एक बार भगवान के धाम में चला जाता है, उसे वापस इस संसार में आकर जन्म मरण के चक़्कर में नहीं पड़ना पड़ता। भगवान के धाम में सुख या दुख भी नहीं होते, भगवान के धाम में आनंद होता है। भगवान का शरीर आनंद का ठोस रूप है। भगवान का शरीर सच्चिदानंद होता है।
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शहर के हनुमान टीला पर पुरुषोत्तम मास के अवसर पर रविवार को श्रीमदभागवत कथा (निर्गुण पारायण) सुनाते हुए तेजस्वी दास जी महाराज ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने सात वर्ष की आयु में गोवर्धन पर्वत को उठाकर इंद्र द्वारा की गई वर्षा से ब्रजवासियों की रक्षा की। इस अवसर पर गोवर्धन लीला उत्सव मनाया गया।
उन्होंने बताया कि गीता और भागवत के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का कभी जन्म नहीं होता। भगवान अपनी इच्छा से लीला करने के लिए इस धरती पर आते हैं और अपनी इच्छा से वापस अपने धाम चले जाते हैं। जो एक बार भगवान के धाम में चला जाता है, उसे वापस इस संसार में आकर जन्म मरण के चक़्कर में नहीं पड़ना पड़ता। भगवान के धाम में सुख या दुख भी नहीं होते, भगवान के धाम में आनंद होता है। भगवान का शरीर आनंद का ठोस रूप है। भगवान का शरीर सच्चिदानंद होता है।

हनुमानधाम अग्रसैन बरातघर में कथा सुनाते तेजस्वी दास महाराज। स्रोत आयोजक
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