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अपने भक्तों के भाव और प्रेम से बंधे हैं भगवान
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इस्सोपुरटील में कथा सुनाते स्वामी ब्रह्म स्वरूपानंद और मौजूद श्रद्धालु।
- फोटो : SHAMLI
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कांधला। गांव इस्सोपुरटिल मानव चेतना केंद्र गर्ग परिवार की ओर से आयोजित दिव्य श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान में चतुर्थ दिवस कथा व्यास स्वामी ब्रह्म स्वरूपानंद ने कहा कि गुरु से कपट और मित्र से चोरी नहीं करना चाहिए। भगवान अपने भक्तों के भाव और प्रेम से बंधे है. उनसे भक्तों की दुविधा कभी देखी ही नहीं जाती।
उन्होंने कहा कि संत और भगवान से दूर रहेंगे, तो विलासिता रूपी भूख बढ़ती ही जाएगी। कलयुग में केवल नाम ही आधार है, इसके सिमरन मात्र से मोक्ष की प्राप्ति होती है, हरे कृष्ण हरे राम महामंत्र है और इसका फल विशेष है। जब-जब धर्म की हानि होती है, ईश्वर को किसी न किसी रूप में अवतार लेना ही पड़ता है। धूमधाम से भगवान श्रीकृष्ण का प्रकटोत्सव मनाया गया। महाराज ने कहा कि भगवान अपने भक्तों के भाव और प्रेम से बंधे है. उनसे भक्तों की दुविधा कभी देखी ही नहीं जाती। वे अपने भक्तों की कामना की पूर्ति तो करते ही है साथ ही उनके साथ अपने स्नेह बंधन निभाने खुद इस धरा पर आते हैं।
कथा के दौरान वामन अवतार, समुंद्र मंथन, श्रीराम जन्मोत्सव और भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव का सुंदर और भाव पूर्ण वर्णन किया। भगवान अपने भक्तों के साथ सदा हर पल खड़े रहते हैं। वे भक्तों के हाथों से दी प्रेम और भाव के साथ दी गई। इस दौरान मानव चेतना केंद्र, जियालाल गर्ग, विष्णु गर्ग, राकेश गर्ग, अमित गर्ग, पंकज गर्ग, महेंद्र अग्रवाल, शशि कश्यप, संजय मित्तल मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि संत और भगवान से दूर रहेंगे, तो विलासिता रूपी भूख बढ़ती ही जाएगी। कलयुग में केवल नाम ही आधार है, इसके सिमरन मात्र से मोक्ष की प्राप्ति होती है, हरे कृष्ण हरे राम महामंत्र है और इसका फल विशेष है। जब-जब धर्म की हानि होती है, ईश्वर को किसी न किसी रूप में अवतार लेना ही पड़ता है। धूमधाम से भगवान श्रीकृष्ण का प्रकटोत्सव मनाया गया। महाराज ने कहा कि भगवान अपने भक्तों के भाव और प्रेम से बंधे है. उनसे भक्तों की दुविधा कभी देखी ही नहीं जाती। वे अपने भक्तों की कामना की पूर्ति तो करते ही है साथ ही उनके साथ अपने स्नेह बंधन निभाने खुद इस धरा पर आते हैं।
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कथा के दौरान वामन अवतार, समुंद्र मंथन, श्रीराम जन्मोत्सव और भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव का सुंदर और भाव पूर्ण वर्णन किया। भगवान अपने भक्तों के साथ सदा हर पल खड़े रहते हैं। वे भक्तों के हाथों से दी प्रेम और भाव के साथ दी गई। इस दौरान मानव चेतना केंद्र, जियालाल गर्ग, विष्णु गर्ग, राकेश गर्ग, अमित गर्ग, पंकज गर्ग, महेंद्र अग्रवाल, शशि कश्यप, संजय मित्तल मौजूद रहे।
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