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हाथों की गंदगी बीमारियों को न्यौता
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global handwashing day
शामली। हाथों की गंदगी स्वास्थ्य को बिगाड़ सकती है। दैनिक कार्यों के करने के दौरान हाथों में कीटाणु लग जाते है। अगर हाथ पानी से अच्छी तरह से साफ नहीं करते तो ये कीटाणु शरीर के अंदर चल जाते है और कई तरह के रोगों को जन्म देते है। इससे स्वास्थ्य खराब हो जाता है। इसलिए सेहत के लिए हाथ धोना जरूरी है।
हाथों की सफाई को लेकर लोगों में जागरूकता होना आवश्यक है। अगर हाथ साफ नहीं रहेंगे तो इसका सीधा सा मतलब बीमारियों को न्यौता देना है। एसीएमओ एवं संचारी रोग के नोडल अधिकारी डा. श्रीकांत शर्मा ने बताया कि बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को हाथों की सफाई रखना जरूरी है। बड़ों की अपेक्षा बच्चे धूल मिट्टी में अधिक खेलते है, जिससे उनके हाथों में कीटाणु होने की ज्यादा संभावना रहती है। हाथों की सफाई न होने पर गंदगी सीधे पेट में जाती है। इससे पेट की बीमारियां, जुकाम, खांसी और बुखार तक हो जाती है। इसलिए हाथों को साफ रखने की आदत बनानी चाहिए। उन्होंने बताया कि ग्लोबल हैंड वाशिंग डे पर सीएचसी और पीएचसी पर लोगों को हाथ साफ रखने के लिए जागरूक किया जाएगा।
नाखूनों और हाथ की लकीरों में छिपे रहते है कीटाणु
बाल रोग विशेषज्ञ डा. वेदभानू मलिक का कहना है कि हाथ धोना सेहत के बहुत जरूरी है। बीमारियों से बचना है तो हाथों की सफाई बहुत जरूरी है। खासतौर से बच्चों के लिए। लोगों को इसके प्रति जागरूक रहना चाहिए। कई बार हम हाथ धोते है, लेकिन उसके बाद भी कीटाणु छिपे रह जाते है। विशेष तौर से नाखूनों और हाथ की लकीरों के बीच कीटाणु छिपे रहते है। इसलिए हाथ को मलकर अच्छी तरह साफ पानी में धोना चाहिए। साफ हाथ रहेंगे तो संक्रमित बीमारियां होने का खतरा कम रहेगा।
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पानी के बिना भी हाथ साफ रख सकते है
पानी की उपलब्धता न होने पर बाजार में कइ तरह के उत्पाद विकल्प के तौर में मौजूद है, जिससे पानी के बिना भी हाथ साफ रखे जा सकते है। इनमें हैंड सैनिटाइजर, वाइप्स और टिशू पेपर्स आदि शामिल है।
हाथ धोने का तरीका
हाथों को पहले साफ और गुनगुने पानी से गीला करें। इसके बाद गीले हाथों पर साबुन या लिक्विड लगाकर झाग बनाए। फिर दोनों हाथों को करीब 20 सेकेंड तक अच्छे से मले। दोनों हाथों की हथेलियों के साथ-साथ हाथ के पिछले भाग, उंगलियों के बीच में और नाखूनों को भी रगड़े। इसके बाद पानी से अच्छी तरह से धोएं। धोने के बाद हाथों को सूखे तौलिये या एयर ड्रायर से सुखाएं। अपना रुमाल या तौलिया ही प्रयोग करना अच्छा रहता है।
हाथ धोने के समय
खाना पकाने, खाना खाने और खाना परोसने के पहले और बाद में।
शौच के बाद हाथ अवश्य धोएं।
नाक, मुंह या हाथ लगाकर छींकने के बाद।
टायलेट जाने या डायपर बदलने के बाद।
पालतू जानवर से खेलने के बाद।
बीमार व्यक्ति से मिलने के बाद।
हाथ धोने का सेहत से सीधा संबंध है। हाथों की सफाई करने में जो समय लगता है, वह कई बीमारियों से बचा जा सकता है। अच्छी तरह से हाथ साफ न करने पर दिमागी बुखार, इन्फलूएंजा, हेपेटाइटिस ए और संक्रामक रोग दस्त आदि होते हैं। आशाओं को भी इसकी ट्रेनिंग दी गई है ताकि वे महिलाओं को सफाई लगातार जागरूक करते रहे। -डा. संजय भटनागर, सीएमओ।
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हाथों की सफाई को लेकर लोगों में जागरूकता होना आवश्यक है। अगर हाथ साफ नहीं रहेंगे तो इसका सीधा सा मतलब बीमारियों को न्यौता देना है। एसीएमओ एवं संचारी रोग के नोडल अधिकारी डा. श्रीकांत शर्मा ने बताया कि बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को हाथों की सफाई रखना जरूरी है। बड़ों की अपेक्षा बच्चे धूल मिट्टी में अधिक खेलते है, जिससे उनके हाथों में कीटाणु होने की ज्यादा संभावना रहती है। हाथों की सफाई न होने पर गंदगी सीधे पेट में जाती है। इससे पेट की बीमारियां, जुकाम, खांसी और बुखार तक हो जाती है। इसलिए हाथों को साफ रखने की आदत बनानी चाहिए। उन्होंने बताया कि ग्लोबल हैंड वाशिंग डे पर सीएचसी और पीएचसी पर लोगों को हाथ साफ रखने के लिए जागरूक किया जाएगा।
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नाखूनों और हाथ की लकीरों में छिपे रहते है कीटाणु
बाल रोग विशेषज्ञ डा. वेदभानू मलिक का कहना है कि हाथ धोना सेहत के बहुत जरूरी है। बीमारियों से बचना है तो हाथों की सफाई बहुत जरूरी है। खासतौर से बच्चों के लिए। लोगों को इसके प्रति जागरूक रहना चाहिए। कई बार हम हाथ धोते है, लेकिन उसके बाद भी कीटाणु छिपे रह जाते है। विशेष तौर से नाखूनों और हाथ की लकीरों के बीच कीटाणु छिपे रहते है। इसलिए हाथ को मलकर अच्छी तरह साफ पानी में धोना चाहिए। साफ हाथ रहेंगे तो संक्रमित बीमारियां होने का खतरा कम रहेगा।
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पानी के बिना भी हाथ साफ रख सकते है
पानी की उपलब्धता न होने पर बाजार में कइ तरह के उत्पाद विकल्प के तौर में मौजूद है, जिससे पानी के बिना भी हाथ साफ रखे जा सकते है। इनमें हैंड सैनिटाइजर, वाइप्स और टिशू पेपर्स आदि शामिल है।
हाथ धोने का तरीका
हाथों को पहले साफ और गुनगुने पानी से गीला करें। इसके बाद गीले हाथों पर साबुन या लिक्विड लगाकर झाग बनाए। फिर दोनों हाथों को करीब 20 सेकेंड तक अच्छे से मले। दोनों हाथों की हथेलियों के साथ-साथ हाथ के पिछले भाग, उंगलियों के बीच में और नाखूनों को भी रगड़े। इसके बाद पानी से अच्छी तरह से धोएं। धोने के बाद हाथों को सूखे तौलिये या एयर ड्रायर से सुखाएं। अपना रुमाल या तौलिया ही प्रयोग करना अच्छा रहता है।
हाथ धोने के समय
खाना पकाने, खाना खाने और खाना परोसने के पहले और बाद में।
शौच के बाद हाथ अवश्य धोएं।
नाक, मुंह या हाथ लगाकर छींकने के बाद।
टायलेट जाने या डायपर बदलने के बाद।
पालतू जानवर से खेलने के बाद।
बीमार व्यक्ति से मिलने के बाद।
हाथ धोने का सेहत से सीधा संबंध है। हाथों की सफाई करने में जो समय लगता है, वह कई बीमारियों से बचा जा सकता है। अच्छी तरह से हाथ साफ न करने पर दिमागी बुखार, इन्फलूएंजा, हेपेटाइटिस ए और संक्रामक रोग दस्त आदि होते हैं। आशाओं को भी इसकी ट्रेनिंग दी गई है ताकि वे महिलाओं को सफाई लगातार जागरूक करते रहे। -डा. संजय भटनागर, सीएमओ।