डॉटर्स डे पर बेटियों ने लिया जन्म, परिवार में छाई खुशियां, परिजनों ने कही ये बड़ी बात
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डॉटर्स डे के दिन बिटिया घर में आई तो परिवार में खुशी छा गई। किसी को पहली संतान बेटी मिली तो कहीं भाई को बहन मिली। रविवार को शामली सीएचसी में एक बेटी ने और कैराना सीएचसी में चार बेटियों ने जन्म लिया।
27 सितंबर का दिन डॉटर्स-डे के रूप में मनाया जाता है। यह दिन बेटियों के लिए समर्पित होता है। बेटियों केे पढ़ाने और आगे बढ़ाने के लिए लोगों में जागरूकता लाना इस दिवस का उद्देश्य है। डॉटर्स डे पर अमर उजाला ने सरकारी अस्पतालों में जन्मी बेटियां और उनके परिजनों से बात की तो उन परिवारों में बेटी पाकर खुशी का माहौल देखने को मिला।
सीएचसी शामली में रविवार सुबह 10.10 बजे गांव बंतीखेड़ा निवासी कपिल की पत्नी नीलम ने तीसरी संतान के रूप में बेटी को जन्म दिया। कपिल ने बताया कि वह गांव में सब्जी बेचता है। उन्हें छह साल का बेटा और तीन साल की छोटी बेटी है। अब एक और बेटी मिलने पर वह और उसका पूरा परिवार खुश है। बेटियां तो लक्ष्मी का रूप होती है। वह दोनों बेटियों को खूब पढ़ाएंगे और उन्हें कामयाब बनाएंगे।
उधर, कैराना के मोहल्ला आलकला निवासी गफ्फार दिल्ली में कपड़ा बनाने की फैक्टरी में काम करता है। रविवार सुबह 6.50 बजे उनकी पत्नी गुलनाज ने सीएचसी कैराना में बेटी को जन्म दिया। गफ्फार अपनी बिटिया को गोद में लेकर दुलार कर रहे थे। बताया कि उन्हें पहली संतान बेटी मिली है। वह और उसकी पत्नी समेत पूरा परिवार बहुत खुश है। वे बेटी को पढ़ाकर डॉक्टर बनाएंगे। गांव इस्सोपुर टील निवासी इरफान की पत्नी सितारा ने सुबह 6.20 बजे सीएचसी कैराना बेटी को जन्म दिया। यह उनकी पहली संतान है।
हमें प्यारी गुड़िया और भाई को मिली बहन
सीएचसी कैराना में गांव सहपत निवासी मनीष की पत्नी मीनू ने रविवार रात 2.45 बजे बेटी को जन्म दिया। उनके पास पहले से बेटा है। मजदूरी कर परिवार चलाने वाले मनीष का कहना है कि उन्हें प्यारी सी गुड़िया मिली है और उनके बेटे को बहन मिल गई। वे बहुत खुुश है। गांव भूरा निवासी अमजद की पत्नी साबरी ने रविवार सुबह पांच बजे बेटी को जन्म दिया। अमजद के दो संतान पहले से है। अमजद का कहना है कि बेटी पाकर पूरा परिवार खुश है।
बेटों से बढ़कर है बेटियां
सीएचसी शामली में नर्सिंग आफिसर सुमन सैनी ने बताया कि रविवार शाम 7.48 बजे गांव सरनावली निवासी मनोज की पत्नी प्रिया ने बेटी को जन्म दिया। पहली संतान बेटी मिलने पर अस्पताल में मौजूद दादा कालूराम, दादी बाला देवी, ताऊ विनोद समेत पूरे परिवार में खुशी छा गई। विनोद ने कहा कि बेटा-बेटी में कोई फर्क नहीं है। आज के समय में बेटों से बढ़कर बेटियां हैं, जो परिवार के प्रति बेटों से ज्यादा जिम्मेदारी संभालती हैं।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/