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समय रहते लगवाएं प्लेट, नहीं तो कार्रवाई को रहें तैयार
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शामली। जनपद में पुराने वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट न लगाने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है। शासन ने इस कार्य में शिथिलता बरते जाने पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों से कहा कि निर्धारित समय में शत-प्रतिशत पुराने वाहनों पर प्लेट लगवाई जाए। जिन वाहनों पर निर्धारित समय में यह प्लेट नहीं लगवाई जाती तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
करीब एक साल पहले वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाए जाने के शासन ने आदेश जारी किए थे। जनपद में नए वाहनों पर तो यह प्लेट लगवाई जा रही है, लेकिन पुराने वाहनों पर यह प्लेट नहीं लगाई जा रही है। शासन ने इस कार्य में शिथिलता बरते जाने पर नाराजगी जताई। परिवहन आयुक्त लखनऊ की तरफ से एआरटीओ को भेजे पत्र में एचएसआरपी लगवाने के कार्य में तेजी लाने को कहा है। हर सप्ताह इसकी रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। वाहनों के पंजीकरण की तिथि के आधार पर एचएसआरपी लगाए जाने का समय भी तय किया गया है। तय समय के बाद प्लेट न लगाने पर उस वाहन के खिलाफ चालान आदि की कार्रवाई की जाएगी।
कंपनी बंद होने पर किसी भी डीलर से लगवाने की छूट
जिस वाहन की निर्माता कंपनी बंद हो चुकी हो या उस वाहन का निर्माण नहीं कर रही है, तो ऐसी स्थिति में वाहन स्वामी किसी भी डीलर या हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट निर्माता या अपने क्षेत्र के पंजीकरण अधिकारी के माध्यम से लगवा सकते हैं। यदि कोई वाहन स्वामी एआरटीओ कार्यालय में प्लेट लगवाने का प्रार्थनापत्र देता है, तो पंजीकरण अधिकारी निर्माता कंपनी से समन्वय कर एक माह के अंदर उस वाहन पर प्लेट लगवाने की व्यवस्था कराएंगे।
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फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं होगा जारी
शासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी वाहन को फिटनेस प्रमाणपत्र तब तक न दिया जाए, जब तक वह हाई सिक्योरिटी प्लेट न लगवा ले। यदि बिना प्लेट के फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किया जाता है, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही ऑनर शिप ट्रांसफर, पता आदि में परिवर्तन, दृष्टि बंधक रखना या बदलना, बीमा आदि की कार्रवाई भी तभी की जाए जब उस वाहन पर हाई सिक्योरिटी प्लेट लगी हो।
शासन ने यह निर्धारित की समय सीमा
एक अप्रैल 2005 से पहले पंजीकृत वाहन : चार माह
एक अप्रैल 2005 से 31 मार्च 2010 तक पंजीकृत वाहन : छह माह
एक अप्रैल 2010 से 31 मार्च 2015 तक पंजीकृत वाहन : आठ माह
एक अप्रैल 2015 से 31 मार्च 2019 तक पंजीकृत वाहन : दस माह
कोट
शासन ने पुराने वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाए जाने की समय सीमा निर्धारित की है। निर्धारित समय के बाद जिन वाहनों पर यह प्लेट नहीं होगी, उनके विरुद्ध चालान आदि की कार्रवाई की जाएगी। - मुंशीलाल, एआरटीओ।
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करीब एक साल पहले वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाए जाने के शासन ने आदेश जारी किए थे। जनपद में नए वाहनों पर तो यह प्लेट लगवाई जा रही है, लेकिन पुराने वाहनों पर यह प्लेट नहीं लगाई जा रही है। शासन ने इस कार्य में शिथिलता बरते जाने पर नाराजगी जताई। परिवहन आयुक्त लखनऊ की तरफ से एआरटीओ को भेजे पत्र में एचएसआरपी लगवाने के कार्य में तेजी लाने को कहा है। हर सप्ताह इसकी रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। वाहनों के पंजीकरण की तिथि के आधार पर एचएसआरपी लगाए जाने का समय भी तय किया गया है। तय समय के बाद प्लेट न लगाने पर उस वाहन के खिलाफ चालान आदि की कार्रवाई की जाएगी।
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कंपनी बंद होने पर किसी भी डीलर से लगवाने की छूट
जिस वाहन की निर्माता कंपनी बंद हो चुकी हो या उस वाहन का निर्माण नहीं कर रही है, तो ऐसी स्थिति में वाहन स्वामी किसी भी डीलर या हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट निर्माता या अपने क्षेत्र के पंजीकरण अधिकारी के माध्यम से लगवा सकते हैं। यदि कोई वाहन स्वामी एआरटीओ कार्यालय में प्लेट लगवाने का प्रार्थनापत्र देता है, तो पंजीकरण अधिकारी निर्माता कंपनी से समन्वय कर एक माह के अंदर उस वाहन पर प्लेट लगवाने की व्यवस्था कराएंगे।
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फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं होगा जारी
शासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी वाहन को फिटनेस प्रमाणपत्र तब तक न दिया जाए, जब तक वह हाई सिक्योरिटी प्लेट न लगवा ले। यदि बिना प्लेट के फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किया जाता है, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही ऑनर शिप ट्रांसफर, पता आदि में परिवर्तन, दृष्टि बंधक रखना या बदलना, बीमा आदि की कार्रवाई भी तभी की जाए जब उस वाहन पर हाई सिक्योरिटी प्लेट लगी हो।
शासन ने यह निर्धारित की समय सीमा
एक अप्रैल 2005 से पहले पंजीकृत वाहन : चार माह
एक अप्रैल 2005 से 31 मार्च 2010 तक पंजीकृत वाहन : छह माह
एक अप्रैल 2010 से 31 मार्च 2015 तक पंजीकृत वाहन : आठ माह
एक अप्रैल 2015 से 31 मार्च 2019 तक पंजीकृत वाहन : दस माह
कोट
शासन ने पुराने वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाए जाने की समय सीमा निर्धारित की है। निर्धारित समय के बाद जिन वाहनों पर यह प्लेट नहीं होगी, उनके विरुद्ध चालान आदि की कार्रवाई की जाएगी। - मुंशीलाल, एआरटीओ।