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राशन कार्ड बनवाने में गैस-बिजली कनेक्शन अनिवार्य
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थानाभवन। फर्जी राशन कार्डों पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने व्यवस्थाओं में बदलाव किया है। नए मानकों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति अपना परिवार से अलग राशन कार्ड बनवाना चाहता है तो उसे गैस और बिजली के कनेक्शन की रसीद आवेदन के साथ लगानी होगी।
अभी तक आपूर्ति विभाग द्वारा राशन कार्ड बनाने में आधार कार्ड को ही पते का प्रमाणपत्र मान लिया जाता है। इसमें समस्या ये थी कि क्षेत्र में काफी संख्या में लोग परिजनों से अलग अपना राशन कार्ड बनवा रहे थे। जबकि, सरकार के नियम हैं कि एक परिवार एक चूल्हे पर एक ही राशन कार्ड जारी किया जाए। फिर भी संयुक्त परिवार होने के बाद भी लोग अपना अलग राशन कार्ड बनवाने को लगातार आवेदन कर रहे थे। इस व्यवस्था पर लगाम लगाते हुए मानकों में बदलाव कर दिया है। अब जो भी व्यक्ति माता-पिता के राशन कार्ड से अपना राशन कार्ड अलग बनवाने के लिए आवेदन करेगा तो उसे अपने आवेदन के साथ अलग बिजली का बिल एवं गैस कनेक्शन दिखाना होगा। उसी के आधार पर विभाग तय करेगा कि वास्तव में ही उक्त व्यक्ति अलग रहकर जीवन यापन कर रहा है। गैस व बिजली का कनेक्शन मिलने के बाद विभाग दोनों को भारत सरकार के पोर्टल पर अपडेट करेगा, जिससे सरकार ये जांच करेगी कि इन दोनों का इस्तेमाल किसी अन्य राशन कार्ड को बनाने में तो पहले नहीं किया गया। इस बात की जांच होने के बाद ही उपभोक्ता को नया राशन कार्ड आवंटित किया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इस व्यवस्था के लागू होने से फर्जी राशन कार्ड बनाने के काम पर रोक लग सकेगी।
निरस्तीकरण की प्रक्रिया पुरानी ही
जो उपभोक्ता दूसरे स्थान से अपने राशन कार्ड का निरस्तीकरण प्रमाणपत्र लेकर आएगा, तो उसे इस प्रक्रिया में छूट दी गई है। विभाग उन लोगों का आवेदन के साथ ही राशन कार्ड बनाएगा।
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कई लोग एक ही घर में रहते हुए अलग-अलग राशन कार्ड बनवा लेते हैं। ऐसे राशन कार्ड बनाने पर रोक लगाने के लिए सरकार ने अब गैस कनेक्शन व बिजली का बिल अनिवार्य कर दिया है। - ओमहरि उपाध्याय, जिला आपूर्ति अधिकारी
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अभी तक आपूर्ति विभाग द्वारा राशन कार्ड बनाने में आधार कार्ड को ही पते का प्रमाणपत्र मान लिया जाता है। इसमें समस्या ये थी कि क्षेत्र में काफी संख्या में लोग परिजनों से अलग अपना राशन कार्ड बनवा रहे थे। जबकि, सरकार के नियम हैं कि एक परिवार एक चूल्हे पर एक ही राशन कार्ड जारी किया जाए। फिर भी संयुक्त परिवार होने के बाद भी लोग अपना अलग राशन कार्ड बनवाने को लगातार आवेदन कर रहे थे। इस व्यवस्था पर लगाम लगाते हुए मानकों में बदलाव कर दिया है। अब जो भी व्यक्ति माता-पिता के राशन कार्ड से अपना राशन कार्ड अलग बनवाने के लिए आवेदन करेगा तो उसे अपने आवेदन के साथ अलग बिजली का बिल एवं गैस कनेक्शन दिखाना होगा। उसी के आधार पर विभाग तय करेगा कि वास्तव में ही उक्त व्यक्ति अलग रहकर जीवन यापन कर रहा है। गैस व बिजली का कनेक्शन मिलने के बाद विभाग दोनों को भारत सरकार के पोर्टल पर अपडेट करेगा, जिससे सरकार ये जांच करेगी कि इन दोनों का इस्तेमाल किसी अन्य राशन कार्ड को बनाने में तो पहले नहीं किया गया। इस बात की जांच होने के बाद ही उपभोक्ता को नया राशन कार्ड आवंटित किया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इस व्यवस्था के लागू होने से फर्जी राशन कार्ड बनाने के काम पर रोक लग सकेगी।
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निरस्तीकरण की प्रक्रिया पुरानी ही
जो उपभोक्ता दूसरे स्थान से अपने राशन कार्ड का निरस्तीकरण प्रमाणपत्र लेकर आएगा, तो उसे इस प्रक्रिया में छूट दी गई है। विभाग उन लोगों का आवेदन के साथ ही राशन कार्ड बनाएगा।
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कई लोग एक ही घर में रहते हुए अलग-अलग राशन कार्ड बनवा लेते हैं। ऐसे राशन कार्ड बनाने पर रोक लगाने के लिए सरकार ने अब गैस कनेक्शन व बिजली का बिल अनिवार्य कर दिया है। - ओमहरि उपाध्याय, जिला आपूर्ति अधिकारी