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हर निकाय में बनेगा कूड़ा निस्तारण प्लांट

Sat, 09 Dec 2017 11:45 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली Updated Sat, 09 Dec 2017 11:45 PM IST
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Garbage disposal plant will be built in every body
meeting - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली। नगर निकायों में अब कचरा प्रबंधन को लेकर ठोस पहल होने जा रही है। शासन का निर्देश है कि कचरा प्रबंधन के लिए प्रत्येक नगर पालिका और नगर पंचायत में कूड़ा निस्तारण प्लांट स्थापित किया जाए। प्रत्येक प्लांट की लागत करीब करीब दस करोड़ रुपये होगी।
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शनिवार को अपर जिलाधिकारी शिव बहादुर सिंह ने जिले के सभी अधिशासी अधिकारियों के साथ बैठक कर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के संबंध में शासन से आई गाइड लाइन से अवगत कराया। शासन ने कहा है कि प्रदेश की कुल जनसंख्या का लगभग 22 प्रतिशत जनसंख्या शहरी क्षेत्रों में निवास करती है।
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जनसंख्या लगातार बढ़ने के कारण अवस्थापना सुविधाओं का दबाव है। ठोस अपशिष्ट पदार्थों का प्रबंधन कराना नगर निकायों के लिए बड़ी चुनौती है। इसके साथ ही केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भी पूर्व में कचरा प्रबंधन को लेकर नगर निकाय और जिलाधिकारी के कर्तव्य निर्धारित कर चुका है।
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इसी के चलते शासन ने नगर निकायों में कचरा प्रबंधन के लिए कचरा निस्तारण प्लांट लगाने का निर्णय किया है। अपर जिलाधिकारी शिव बहादुर सिंह ने सभी अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह अपने क्षेत्र में कूड़ा निस्तारण प्लांट के लिए भूमि चिह्नित करा लें, ताकि प्लांट लगाने की प्रक्रिया शीघ्र शुुरु कराई जा सके। एसडीएम सुरजीत सिंह, अधिशासी अधिकारी शैलेंद्र मिश्रा, रवि यादव, बिटटू कुमार, गोविंद सिंह रहे।

दो प्रकार की होंगी परियोजना
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए दो प्रकार की परियोजना बनेंगी, जिसमें लघु परियोजना और मध्यम एवं वृहद परियोजना होगी। लघु परियोजना पर करीब दस करोड़ रुपये खर्च होंगे, जबकि महानगरों के लिए बनने वाली मध्यम-वृहद परियोजना पर 10 करोड़ से ज्यादा धनराशि खर्च होगी। लघु परियोजना के लिए भूमि की क्रय की दर तथा कुल भूमि मूल्य अनुमोदन समिति करेगी। यदि निशुल्क भूमि उपलब्ध नहीं होती है, तो भू स्वामियों अथवा कृषकों से आपसी सहमति के आधार पर भूमि क्रय की जाएगी। लघु परियोजना के लिए भूमि क्रय करने वाली समिति में अपर जिलाधिकारी अध्यक्ष होंगे, जबकि विशेष भूमि अध्याप्ति, संबंधित उपजिलाधिकारी, सब रजिस्ट्रार और अधिशासी अधिकारी सदस्य होंगे।


प्लांट के लिए इन शर्तों पर चिह्नित होगी भूमि
कूड़ा निस्तारण प्लांट की भूमि नदी से 100 मीटर, तालाब से 200 मीटर, राजमार्गों, आवास स्थलों, सार्वजनिक उद्यानों और जल आपूर्ति स्त्रोतों से 200 मीटर तथा विमान पतनों या हवाई अड्डों से 20 किलोमीटर की दूरी पर होने चाहिए।
 
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