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कूड़ा निस्तारण प्लांट चालू, मैटीरियल के नहीं मिले खरीदार

Wed, 20 Nov 2019 10:18 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 20 Nov 2019 10:18 PM IST
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Garbage disposal plant operational, buyers of material not found
शामली में कूड़ा प्लांट पर कार्य करते कर्मचारी। - फोटो : SHAMLI
शामली। शहर में कूड़ा निस्तारण के लिए लगाया गया प्लांट चालू हो गया है, लेकिन कूड़े से अलग-अलग किए गए मैटीरियल का कोई खरीदार नहीं मिलने से इस प्लांट को लगाने का उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा है। इस प्लांट से पालिका को कोई आमदनी फिलहाल नहीं हो रही है। प्लांट चलने पर पालिका पर प्रति माह करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च वहन करेगी।
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नगरपालिका शामली द्वारा भैंसवाल रोड पर लगाए गए कूड़ा निस्तारण प्लांट को एक नवंबर से चालू कर दिया गया है। शहर से इकट्ठा हुए कूड़े को मशीन में डालकर उसमें तीन तरह के मैटीरियल को अलग-अलग किया जाता है। इसमें एक तरफ ईंट रोड़े तो दूसरी तरफ पॉलिथीन और खादनुमा बारीक मिट्टी निकाली जाती है। पालिका की समस्या ये है कि मैटीरियल का खरीदार कोई नहीं मिल रहा है, जिससे पालिका को कोई आमदनी नहीं हो रही है। प्लांट पर इस समय आठ से दस कर्मचारी काम कर रहे हैं। जरूरत के हिसाब से कर्मचारियों की संख्या कम या ज्यादा की जाती है। इसके चलते एक से डेढ़ लाख रुपये तक का खर्च हर महीने पालिका को वहन करना पड़ेगा। जिस समय प्लांट लगाया गया था, उस समय पालिका को उम्मीद थी कि कूड़े से निकलने वाले मैटीरियल की बिक्री होने से इसका खर्च निकलेगा और कूड़े का निस्तारण भी हो जाएगा, लेकिन मैटीरियल की बिक्री न होने से उद्देश्य अभी पूरा नहीं हो रहा है। फिलहाल मैटीरियल अलग-अलग होने से उसका भराव आदि में काम में आ रहा है, जिससे ग्राउंड से कूड़ा हट रहा है।
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10 साल पहले लगा था प्लांट
करीब 10 साल पहले तत्कालीन चेयरमैन राजेश्वर बंसल के कार्यकाल में कूड़े की समस्या के समाधान के लिए लाखों रुपये खर्च कर कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाया गया था। 2012 से लेकर करीब छह साल तक प्लांट बंद रहा। 2017 के चुनाव में राजेश्वर बंसल की पत्नी अंजना बंसल के चेयरमैन बनने के बाद से प्लांट को फिर से चलाने की तैयारी शुरू की गई। पालिका अधिकारियों का दावा है कि इस साल बरसात से पहले मशीन की मरम्मत कराकर प्लांट चालू कर दिया गया था, लेकिन बरसात में कूड़ा गीला होने के कारण प्लांट बंद कर दिया गया था। अब फिर एक नवंबर से प्लांट चालू कर दिया गया है।
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आधे से भी कम कूड़े का हो रहा निस्तारण
पालिका के सफाई एवं खाद्य निरीक्षक आदेश कुमार सैनी ने बताया कि शहर में रोजाना करीब 36 टन कूड़ा निकलता है। एक मशीन पर दिन के समय ही काम होने के कारण रोजाना करीब 15 टन कूड़े से अलग-अलग मैटीरियल निकल पा रहा है।
भराव में हो रहा मैटीरियल का इस्तेमाल
कूड़े से अलग-अलग किए गए मैटीरियल का इस्तेमाल भराव आदि में किया जा रहा है। कूड़े से निकलने वाली बारीक मिट्टी, रोड़े और अन्य कचरे को फ्री में उठवाया जा रहा है। लोग इसका इस्तेमाल भराव आदि में कर रहे है।

कोट
कूड़ा निस्तारण प्लांट चालू है। कूड़े से अलग-अलग मैटीरियल निकाला जा रहा है। फिलहाल मैटीरियल की बिक्री नहीं हो रही है। उम्मीद है जल्द ही इसकी बिक्री शुरू हो जाएगी। इसके लिए प्रयास चल रहे हैं। कई लोगों से बातचीत चल रही है। प्लांट पर आधुनिक मशीनों को लगाने के साथ टिन शेड और पक्का फर्श आदि लगवाया जाएगा, ताकि प्लांट पूरे साल लगातार चलाया जा सके। - सुरेंद्र सिंह, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका।
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