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गन्ना उत्पादन में सूबे का सिरमौर बना शामली

Wed, 19 Jun 2019 11:05 PM IST
NAVEEN GUPTA amarujala
amarujala Published by: NAVEEN GUPTA Updated Wed, 19 Jun 2019 11:05 PM IST
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ganna utpaadan me soobe ka sirmor bana shaamli
file - फोटो : amarujala
गन्ना उत्पादन में शामली जनपद के मेहनतकश किसानों ने प्रदेश में सभी जिलों को पछाड़ते हुए पेराई सत्र 2018-19 में सर्वाधिक गन्ना उत्पादन कर पहला स्थान पाने का गौरव हासिल किया है। शासन से जारी औसत उपज की सूची में शामली जनपद 962.12 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रिकार्ड गन्ना उत्पादन कर टॉप पर रहा है। मेरठ और बुलंदशहर के क्रमश: दूसरा और तीसरा स्थान मिला है।
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प्रदेश में जिलेवार पेराई सत्र 2018-19 में गन्ने की क्राप कटिंग के आधार पर औसत गन्ना उपज की शासन ने सूची जारी की है। शासन ने औसत उपज के घोषित परिणाम में जनपद शामली ने सर्वाधिक गन्ना उत्पादन में पहले पर रहा है। प्रदेश में शामली की रिकार्ड औसत उपज 962.12 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रही है। मेरठ जिले ने 927.12 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के साथ दूसरा और बुलंदशहर जनपद ने  896.32 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया है। पिछले पेराई सत्र 2017-18 में शामली जनपद ने प्रदेश में दूसरा स्थान पाया था। पिछले साल जनपद की औसत उपज 929.43 क्विंटल थी। इस साल औसत उपज में 32.69 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। पिछले साल को छोड़कर, उससे  पहले के तीन सालों में लगातार शामली जनपद पहले स्थान पर रह चुका है।
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इस तरह होता है औसत उपज का निर्धारण
गन्ना विभाग के अधिकारियों के मुताबिक हर साल प्रदेश के सभी जिलों में गन्ना उत्पादन की स्थिति जानने के लिए पेड़ी और पौधे गन्ने की क्राप कटिंग कराई जाती है। क्राप कटिंग के लिए लखनऊ गन्ना विभाग से रेंडम के आधार पर गांव और किसान के खेत का चयन करता है। गैर जनपद के नामित गन्ना अधिकारियों की देखरेख में क्राप कटिंग कराई जाती है। पेड़ी और पौधे गन्ने की क्राप कटिंग के आधार पर जिले का औसत गन्ना उत्पादन निकाला जाता है।
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गन्ने की औसत उपज में शामली जिले ने इस बार फिर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। यह रिकार्ड बनाने में जिले के किसानों की मेहनत और जागरूकता का सबसे अहम रोल है। साथ ही गन्ना विभाग की योजनाएं और उनका प्रचार प्रसार का भी इसमें योगदान रहा है। यह किसानों के लिए ही नहीं जिले के गन्ना विभाग के अधिकारियों के लिए भी खुशी और गौरव की बात है। जिले के किसानों को इसके लिए बधाई। - डॉक्टर अनिल कुमार भारती, जिला गन्ना अधिकारी शामली।

किसानों की मेहनत और जागरूकता से ही शामली जिले ने गन्ने का सर्वाधिक उत्पादन करने का रिकार्ड बनाया है। यहां के किसान जागरूक होने के कारण विभाग द्वारा चलाई जाने वाली योजनाओं को अपनाने के साथ समय पर संतुलित खाद, दवा और सिंचाई करते है। इसी का परिणाम है कि शामली जनपद प्रदेश में गन्ना उत्पादन में अव्वल स्थान पर रहने में सफलता पाई है। - अरुण कुमार, सहायक परियोजना अधिकारी, गन्ना विकास विभाग, शामली।

प्रदेश में गन्ने की औसत उपज में टॉप टेन जिलों की सूची
जिला                     औसत उपज

शामली                    962.12
मेरठ                       927.12
बुलंदशहर                 896.32
बागपत                    866.40
मुजफ्फरनगर             864.08
लखीमपुर                 863.40
बिजनौर                   859.52
गाजियाबाद               852.08
अमरोहा                   842.52
हापुड़                      836.24
सहारनपुर                   774.68
(नोट : यह आंकड़े गन्ना विभाग के अनुसार क्विंटल प्रति हेक्टेयर में है।)


बिजनौर में 859.52 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रही गन्ने की पैदावार
- सूबे में पिछले साल 805 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रही गन्ने की पैदावार
अजीत चौधरी
बिजनौर। बीते पेराई सत्र में सूबे में गन्ने की औसत पैदावार 805 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रही। सबसे अधिक पैदावार शामली जिले में 962.12 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रही। गन्ने ने जिले के किसानों को भी काफी मालामाल किया। जिले में इस बार गन्ने की औसत पैदावार 859.52 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रही।

गन्ना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों की प्रमुख फसल है। अब पूर्वी उत्तर प्रदेश के भी कई जिलों में गन्ने की फसल होने लगी है। वेस्ट यूपी में खासतौर से बिजनौर जिला गन्ना की पैदावार में पिछले कुछ सालों में लगातार आगे बढ़ा है। 2011 में जिले में प्रति हेक्टेअर गन्ने की पैदावार 576 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रहती थी। लेकिन अब गन्ने की पैदावार बढ़कर 850 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से तक पहुंच गई है। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार जिले की गन्ने की औसत पैदावार अच्छी रही है। इस साल भी किसानों के खेतों में गन्ने की फसल अच्छी खड़ी है।
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