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जिले में शुरू नहीं हो सकी फल पट्टी विकास योजना
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जिले में शुरू नहीं हो सकी फल पट्टी विकास योजना
शामली। जिले में फल पट्टी विकास योजना की शुरुआत नहीं हो सकी। लक्ष्य नहीं मिलने से जनपद में इस योजना के तहत बाग नहीं लग पा रहे हैं। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में ही जिले में बाग लगाए जाते हैं। इसमें आम और अमरूद के दस-दस हेक्टेयर बाग लगवाए गए हैं। बाग लगाने के लिए तीन वर्ष तक लाभार्थी को अनुदान दिया जाता है।
उद्यान विभाग की फल पट्टी विकास योजना का संचालन सहारनपुर जनपद में चल रहा है, लेकिन शामली में यह योजना लागू नहीं हुई। इसके चलते जिले में बाग का रकबा ज्यादा नहीं बढ़ रहा है। केवल राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत आम और अमरूद के बाग लगवाए जा रहे हैं। इस साल योजना में दस-दस हेक्टेयर का लक्ष्य मिला था जो पूरा हो गया है।
जनपद में आम के बाग का रकबा लगभग 1200 हेक्टेयर तथा अन्य बाग का रकबा लगभग 300 हेक्टेयर है। जिला उद्यान अधिकारी डॉ. हरित कुमार ने बताया कि जिले में फल पट्टी विकास योजना संचालित नहीं है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत किसानों को आम और अमरूद का बाग लगाने के लिए अनुदान दिया जाता है।
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इस तरह मिलता है अनुदान
आम का बाग लगाने पर किसानों को पहले साल 7650 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान दिया जाता है। इसके बाद दो साल तक 2550-2550 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान मिलता है। अमरूद का बाग लगाने पर 11502 रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान पहले साल मिलता है तथा दूसरे और तीसरे साल में 3834-3834 रुपये का अनुदान दिया जाता है। किसी एक किसान को अधिकतम चार हेक्टेयर तक बाग लगाने पर ही अनुदान दिया जा सकता है।
नींबू और पपीता भी लगा रहे किसान
शामली। जिले के किसान आम और अमरूद के अलावा अब नींबू और पपीता भी लगाने लगे हैं। बाबरी क्षेत्र में कई किसानों ने नींबू के बाग लगाए हैं, लेकिन इनका क्षेत्रफल बहुत ज्यादा नहीं है।
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शामली। जिले में फल पट्टी विकास योजना की शुरुआत नहीं हो सकी। लक्ष्य नहीं मिलने से जनपद में इस योजना के तहत बाग नहीं लग पा रहे हैं। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में ही जिले में बाग लगाए जाते हैं। इसमें आम और अमरूद के दस-दस हेक्टेयर बाग लगवाए गए हैं। बाग लगाने के लिए तीन वर्ष तक लाभार्थी को अनुदान दिया जाता है।
उद्यान विभाग की फल पट्टी विकास योजना का संचालन सहारनपुर जनपद में चल रहा है, लेकिन शामली में यह योजना लागू नहीं हुई। इसके चलते जिले में बाग का रकबा ज्यादा नहीं बढ़ रहा है। केवल राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत आम और अमरूद के बाग लगवाए जा रहे हैं। इस साल योजना में दस-दस हेक्टेयर का लक्ष्य मिला था जो पूरा हो गया है।
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जनपद में आम के बाग का रकबा लगभग 1200 हेक्टेयर तथा अन्य बाग का रकबा लगभग 300 हेक्टेयर है। जिला उद्यान अधिकारी डॉ. हरित कुमार ने बताया कि जिले में फल पट्टी विकास योजना संचालित नहीं है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत किसानों को आम और अमरूद का बाग लगाने के लिए अनुदान दिया जाता है।
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इस तरह मिलता है अनुदान
आम का बाग लगाने पर किसानों को पहले साल 7650 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान दिया जाता है। इसके बाद दो साल तक 2550-2550 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान मिलता है। अमरूद का बाग लगाने पर 11502 रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान पहले साल मिलता है तथा दूसरे और तीसरे साल में 3834-3834 रुपये का अनुदान दिया जाता है। किसी एक किसान को अधिकतम चार हेक्टेयर तक बाग लगाने पर ही अनुदान दिया जा सकता है।
नींबू और पपीता भी लगा रहे किसान
शामली। जिले के किसान आम और अमरूद के अलावा अब नींबू और पपीता भी लगाने लगे हैं। बाबरी क्षेत्र में कई किसानों ने नींबू के बाग लगाए हैं, लेकिन इनका क्षेत्रफल बहुत ज्यादा नहीं है।