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एक कमरे में चार आंगनबाड़ी केंद्र, 396 बच्चे

Tue, 12 Oct 2021 12:33 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 12 Oct 2021 12:33 AM IST
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Four Anganwadi centers in one room, 396 children
राझड़ गांव में एक कमरे में चल रहे आंगनवाड़ी केंद्र के बाहर मौजूद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता। - फोटो : ?????
एक कमरे में चार आंगनबाड़ी केंद्र, 396 बच्चे
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शामली, गढ़ीपुख्ता। सरकार ने बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन शुरू किया। बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए केंद्रों पर प्री-प्राइमरी स्तर का शिक्षण कार्य संचालित करने की भी तैयारी है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने के साथ केंद्रों का हाल सुधारने के दावे किए गए, लेकिन जिले में हाल यह है कि कई गांव में आंगनबाड़ी केंद्रों के पास स्थायी भवन तक नहीं है। एक कमरे में चार-चार आंगनबाड़ी केंद्र चलाए जा रहे हैं। जिनमें सैकड़ों बच्चे पंजीकृत हैं। भवनों और सुविधाओं के अभाव में सरकार के बच्चों को पोषित करने के दावे पर ही संशय बना हुआ है।
क्षेत्र के गांव राझड़ में दो और इसके मजरे पठानुपरा और हरिपुर में एक-एक आंगनवाड़ी केंद्र हैं, लेकिन इनके लिए कहीं भी कोई स्थायी भवन नहीं है। प्राथमिक विद्यालय के न्याय पंचायत संसाधन कक्ष में आंगनबाड़ी को अस्थाई कमरा मिला है। जिसमें चारों केंद्रों के 0-6 वर्ष तक के 396 बच्चे आते हैं। जिससे काफी भीड़भाड़ हो जाती है। एक कमरे में चार केंद्रों का संचालन ठीक से नहीं हो पा रहा है। काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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गांव राझड़ में दो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता राजेश चौधरी व मुनेश रानी हैं। जिनकी सहायिका राजेश देवी और संगीता हैं। मजरा पठानपुरा में आंगनबाड़ी मंजिल देवी और उनकी सहायिका शांति तैनात हैं। हरिपुर मजरे में आंगनबाड़ी सीमा हैं। उनकी सहायिका का पद रिक्त चल रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता राजेश चौधरी ने बताया कि पूर्व प्रधान कविता से इस समस्या का समाधान करने की मांग की गई थी। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र का प्रस्ताव भी भेजा था। परंतु आज तक हमारे गांव में आंगनवाड़ी केंद्र का निर्माण नहीं हुआ। वहीं इस संबंध में ग्राम प्रधान सरोज देवी ने बताया गांव में जमीन तलाश कर जल्द ही नए आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण कराया जाएगा।
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जिले में हैं 985 आंगनबाड़ी केंद्र
जिलेभर में 985 आंगनबाड़ी केंद्र फिलहाल संचालित हैं। इनमें 882 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और 821 सहायिकाएं सेवाएं दे रही हैं। इन केंद्रों पर 0-6 वर्ष तक आयु वर्ग के 97 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। करीब 100 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के पद रिक्त चल रहे हैं। प्री-प्राइमरी कक्षा शुरू करने के लिए 44 कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण होना भी अभी बाकी है।
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