फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Former legislator removed from BSP

बसपा से निकाले गए पूर्व विधायक राव अब्दुल वारिस  

Fri, 19 May 2017 12:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शामली
ब्यूरो/अमर उजाला, शामली Updated Fri, 19 May 2017 12:49 AM IST
विज्ञापन
Former legislator removed from BSP
पूर्व विधायक राव अब्दुल वारिस। - फोटो : amar ujala
शामली। बसपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी के करीबी माने जाने वाले थानाभवन के पूर्व विधायक राव अब्दुल वारिस को पार्टी से निकाल दिया गया। इस संबंध में बसपा के मेरठ मंडल जोन कोआर्डिनेटर डाक्टर पुरुषोत्तम ने जारी बयान में इस बात की पुष्टि की है। शामली के जिलाध्यक्ष और जिला प्रभारी ने इसकी जानकारी होने से इंकार किया है। 
विज्ञापन


थानाभवन के गांव कैंडी निवासी राव अब्दुल वारिस 2007 में रालोद के टिकट पर थानाभवन से विधायक बने थे। इसके बाद वह बहुजन समाज पार्टी में शामिल हो गए थे। 2012 तथा पिछले दिनों 2017 के विधानसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर थानाभवन विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा। 2012 के चुनाव में वह करीब 50 हजार वोट पाकर तीसरे नंबर पर रहे थे, जबकि 2017 के चुनाव में करीब 74 हजार वोट पाकर तीसरे नंबर पर रहे। करीब आठ साल तक बसपा में रहे। 
विज्ञापन


वहीं, बृहस्पतिवार शाम को बसपा के मेरठ मंडल जोन कोआर्डिनेटर डॉक्टर पुरुषोत्तम की तरफ से जारी बयान में राव अब्दुल वारिस को पार्टी विरोधी गति
विधियों में लिप्त होने के कारण पार्टी से निकालने की बात कही गई। वहीं, पार्टी से निकाले जाने के बारे में राव अब्दुल वारिस का कहना है कि उन्होंने हमेशा पार्टी हित में कार्य किया। उन्हें नहीं मालूम कि पार्टी से निकालने की क्या वजह है। उधर, इस बारे में बसपा के शामली जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार गौतम तथा जिला प्रभारी दिवाकर कश्यप का कहना है कि पूर्व विधायक अब्दुल वारिस को पार्टी से निकाले जाने की उन्हें कोई सूचना नहीं मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed