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दुकान संचालक के खिलाफ वन विभाग ने भी दर्ज किया मुकदमा
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शामली : वन विभाग द्वारा बरामद किए गए वन्य जीवों के अंग।
- फोटो : SHAMLI
वन विभाग ने भी दुकान संचालक के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की
शामली। प्रतिबंधित वन्य जीवों के अवशेष बरामद होने के मामले में दुकान संचालक के खिलाफ वन विभाग ने भी रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उधर, पुलिस ने आरोपी संचालक का चालान कर दिया है।
बुधवार की शाम को शहर के बड़ा बाजार गांधी चौक में स्थित आयुर्वेद की दुकान से वन विभाग की टीम ने लाखों रुपये कीमत के प्रतिबंधित वन्य जीवों के अवशेष बरामद किए थे। वन विभाग के अधिकारियों ने यह कार्रवाई वन्य जीवों के संरक्षण के लिए काम करने वाली दिल्ली की संस्था वाइल्ड आई इंडिया की सूचना पर पुलिस को साथ लेकर की थी। पुलिस और वन विभाग की टीम ने मोहल्ला मुरारी वाला कुआं निवासी दुकान संचालक डा. निशांत गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में वन दरोगा आदित्य शर्मा की तरफ से शहर कोतवाली में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था। बृहस्पतिवार को पुलिस ने आरोपी दुकान संचालक का चालान कर दिया। उधर, डीएफओ संजीव कुमार ने बताया कि इस मामले में वन विभाग ने भी अपने यहां आरोपी दुकान संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के साथ वन विभाग भी अपने स्तर से इस प्रकरण की जांच करेगी।
ये बरामद हुए वन्य जीव अवशेष
तिब्बती मृग के सींग- 6 नग
बड़ी छिपकली पटरा गोह के जननांग हत्थाजोड़ी- एक नग
सियार सिंधी (गीदड़ के शरीर का अंग)- दो नग
बाघ का नाखून- एक नग
साही, सेह के कांटे- 10 नग
कहां से आए अवशेष, अभी स्पष्ट नहीं हुआ
शामली। आयुर्वेद की दुकान पर वन्य जीवों के अवशेष मिलने के मामले में पुलिस और वन विभाग की टीम अभी यह स्पष्ट नहीं कर सकी है कि दुकान पर अवशेष कहां से आए थे और इनका इस्तेमाल किस काम में हो रहा था। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा।
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शामली। प्रतिबंधित वन्य जीवों के अवशेष बरामद होने के मामले में दुकान संचालक के खिलाफ वन विभाग ने भी रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उधर, पुलिस ने आरोपी संचालक का चालान कर दिया है।
बुधवार की शाम को शहर के बड़ा बाजार गांधी चौक में स्थित आयुर्वेद की दुकान से वन विभाग की टीम ने लाखों रुपये कीमत के प्रतिबंधित वन्य जीवों के अवशेष बरामद किए थे। वन विभाग के अधिकारियों ने यह कार्रवाई वन्य जीवों के संरक्षण के लिए काम करने वाली दिल्ली की संस्था वाइल्ड आई इंडिया की सूचना पर पुलिस को साथ लेकर की थी। पुलिस और वन विभाग की टीम ने मोहल्ला मुरारी वाला कुआं निवासी दुकान संचालक डा. निशांत गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में वन दरोगा आदित्य शर्मा की तरफ से शहर कोतवाली में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था। बृहस्पतिवार को पुलिस ने आरोपी दुकान संचालक का चालान कर दिया। उधर, डीएफओ संजीव कुमार ने बताया कि इस मामले में वन विभाग ने भी अपने यहां आरोपी दुकान संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के साथ वन विभाग भी अपने स्तर से इस प्रकरण की जांच करेगी।
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ये बरामद हुए वन्य जीव अवशेष
तिब्बती मृग के सींग- 6 नग
बड़ी छिपकली पटरा गोह के जननांग हत्थाजोड़ी- एक नग
सियार सिंधी (गीदड़ के शरीर का अंग)- दो नग
बाघ का नाखून- एक नग
साही, सेह के कांटे- 10 नग
कहां से आए अवशेष, अभी स्पष्ट नहीं हुआ
शामली। आयुर्वेद की दुकान पर वन्य जीवों के अवशेष मिलने के मामले में पुलिस और वन विभाग की टीम अभी यह स्पष्ट नहीं कर सकी है कि दुकान पर अवशेष कहां से आए थे और इनका इस्तेमाल किस काम में हो रहा था। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा।
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