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Shamli News: पहले खेत कटे, अब रेत की ढांग गिरनी शुरू
Wed, 11 Feb 2026 12:38 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 11 Feb 2026 12:38 AM IST
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चौसाना क्षेत्र के गांव मंगलौरा में हुआ कटान । संवाद
चौसाना। ग्राम मंगलौरा में यमुना नदी के तेज बहाव ने पहले ही किसानों के खेतों को बर्बाद कर दिया था। बाढ़ के दौरान नदी के कटाव से हजारों बीघा उपजाऊ भूमि नदी में समा गई थी। अब हालिया बारिश के बाद खेतों के किनारों पर बनी रेत की ढांग भी कटान की चपेट में आकर गिरने लगी है, जिससे बची हुई जमीन पर संकट गहरा गया है। पीड़ित किसान रविन्द्र कुमार, मेनपाल, नरेंद्र कुमार और धीरज कादयान ने बताया अक्तूबर 2025 में राजस्व विभाग ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त भूमि का सर्वे तो किया, लेकिन अब तक मुआवजे की कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके पहले वर्ष 2023 और 2024 में भी सर्वे हुए थे, मगर राहत के नाम पर केवल औपचारिकता की गई।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि यमुना कटान से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए और कटान रोकने के लिए स्थायी इंतजाम किए जाएं, ताकि उनकी खेती और आजीविका सुरक्षित रह सके।
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किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि यमुना कटान से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए और कटान रोकने के लिए स्थायी इंतजाम किए जाएं, ताकि उनकी खेती और आजीविका सुरक्षित रह सके।
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