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‘पहले आओगे पहले पाओगेे योजनाओं को लाभ’
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शामली। कृषि विज्ञान केंद्र जलालपुर में डीएम जसजीत कौर ने अनुसूचित जाति के 100 किसानों को उप परियोजना के तहत निशुल्क धान का बीज देकर कार्यशाला का शुभारंभ किया। प्रत्येक किसान को पांच किलो बीज दिया गया। डीएम ने किसानों से पहले आओ पहले पाओ के आधार पर परियोजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।
कृषि विज्ञान केंद्र पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद व भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली की ओर से कार्यशाला का आयोजन किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. विकास कुमार मलिक ने बताया कि अनुसूचित जाति उप परियोजना के तहत 200 अनुसूचित जाति के किसानों को लाभान्वित किया जाएगा। अनुसूचित जाति के किसान बीज के लिए कृषि विज्ञान केंद्र में संपर्क कर सकते हैं। कार्यशाला में कृषि वैज्ञानिक डॉ. ओंकार सिंह ने जल संरक्षण व उद्यानिकी फसलों की सिंचाई विषय पर विचार व्यक्त किए। ट्रेनर स्वप्निल दीक्षित, अंकित व्यास, विश्लेषक बलविंदर सिंह ने उपस्थित प्रतिभागियों को ऊर्जा संरक्षण के महत्व की जानकारी दी।
कार्यशाला में पांच स्टार रेटेड सिंचाई पंप, ऊर्जा दक्ष विद्युत उपकरण जैसे एलईडी बल्ब, बीएलडीसी पंखों के प्रयोग को बढ़ावा देने को प्रशिक्षित किया। ट्रैक्टर, डीजल पंप, मोटर पंप आदि के ऊर्जा दक्ष रूप से प्रयोग के लिए भी प्रशिक्षित किया गया। प्रदेश सरकार के ऊर्जा दक्ष पंप को लेकर चलाए जा रहे किसान उदय कार्यक्रम की भी जानकारी दी गई।
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कृषि विज्ञान केंद्र पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद व भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली की ओर से कार्यशाला का आयोजन किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. विकास कुमार मलिक ने बताया कि अनुसूचित जाति उप परियोजना के तहत 200 अनुसूचित जाति के किसानों को लाभान्वित किया जाएगा। अनुसूचित जाति के किसान बीज के लिए कृषि विज्ञान केंद्र में संपर्क कर सकते हैं। कार्यशाला में कृषि वैज्ञानिक डॉ. ओंकार सिंह ने जल संरक्षण व उद्यानिकी फसलों की सिंचाई विषय पर विचार व्यक्त किए। ट्रेनर स्वप्निल दीक्षित, अंकित व्यास, विश्लेषक बलविंदर सिंह ने उपस्थित प्रतिभागियों को ऊर्जा संरक्षण के महत्व की जानकारी दी।
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कार्यशाला में पांच स्टार रेटेड सिंचाई पंप, ऊर्जा दक्ष विद्युत उपकरण जैसे एलईडी बल्ब, बीएलडीसी पंखों के प्रयोग को बढ़ावा देने को प्रशिक्षित किया। ट्रैक्टर, डीजल पंप, मोटर पंप आदि के ऊर्जा दक्ष रूप से प्रयोग के लिए भी प्रशिक्षित किया गया। प्रदेश सरकार के ऊर्जा दक्ष पंप को लेकर चलाए जा रहे किसान उदय कार्यक्रम की भी जानकारी दी गई।
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